लखनऊ के इस नामी अस्पताल के OT में क्या हुआ उस रात? डिप्टी CM के एक्शन से सहम उठे फर्जी डॉक्टर, पूरा सच जानकर कांप उठेगी रूह!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक ऐसी हैवानियत और चिकित्सा जगत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। लखनऊ के बक्शी का तालाब (BKT) इलाके के इंदौराबाग स्थित ‘तेजस हॉस्पिटल’ के ऑपरेशन थिएटर (OT) के भीतर एक डॉक्टर ने इलाज कराने आई 12वीं की छात्रा के साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के कड़े रुख के बाद आरोपी डॉक्टर को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, साथ ही अस्पताल को हमेशा के लिए सील कर दिया गया है।

सांस की तकलीफ पर मदद की जगह दी दरिंदगी

पीड़िता के पिता द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, उनकी 12वीं में पढ़ने वाली बेटी को अक्सर मिर्गी के दौरे पड़ते थे। बेहतर इलाज की उम्मीद में उन्होंने 19 मई को उसे तेजस हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। दो दिनों तक इलाज चलने के बाद, 21 मई की दोपहर करीब 3 बजे अचानक छात्रा को सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगी।

बेटी की तड़प देख परिवार ने डॉक्टर को बुलाया। अस्पताल के संचालक और मुख्य डॉक्टर विजय कुमार गिरी ने ऑक्सीजन लगाने की बात कहकर छात्रा को तुरंत ऑपरेशन थिएटर (OT) में शिफ्ट करने को कहा। उस वक्त छात्रा की मदद के लिए उसकी बड़ी बहन और अस्पताल की एक नर्स भी ओटी के अंदर गई थीं। लेकिन, अपनी गंदी नीयत को अंजाम देने के लिए डॉक्टर विजय गिरी ने चालाकी से नर्स और बड़ी बहन को किसी बहाने से वार्ड से बाहर भेज दिया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।

बेहोशी का इंजेक्शन देकर किया रेप

पीड़िता ने अपने होश में आने के बाद जो दास्तां सुनाई, वह दिल दहला देने वाली है। छात्रा ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि डॉक्टर ने पहले तो इलाज के बहाने उसके शरीर को गलत नीयत से छुआ। जब उसने विरोध करना चाहा, तो डॉक्टर विजय गिरी ने उसकी कलाई में लगे वीगो (Vigo) के जरिए एक तेज बेहोशी का इंजेक्शन दे दिया। इंजेक्शन लगते ही छात्रा बेसुध हो गई।

इसके बाद आरोपी डॉक्टर ने पवित्र कहे जाने वाले पेशे को कलंकित करते हुए बेहोश छात्रा के साथ बलात्कार किया। कुछ देर बाद जब छात्रा को आंशिक रूप से होश आया, तो उसे अपने साथ हुई दरिंदगी का अहसास हुआ। वह बदहवास हालत में रोते और चीखते हुए ऑपरेशन थिएटर से बाहर भागी और बाहर खड़े अपने माता-पिता को पूरी आपबीती सुनाई। परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई और उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी।

एमबीबीएस की फर्जी पहचान और स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत

इस घटना ने स्वास्थ्य महकमे की पोल खोलकर रख दी है। पुलिस जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। आरोपी डॉ. विजय कुमार गिरी वास्तव में कोई योग्य एलोपैथिक सर्जन या MBBS डॉक्टर नहीं है। उसने झांसी से आयुर्वेदिक चिकित्सा (BAMS) की डिग्री ली थी। लेकिन वह खुद को बड़ा एमबीबीएस डॉक्टर बताकर साल 2022 से किराए की बिल्डिंग में तेजस हॉस्पिटल चला रहा था।

हैरानी की बात यह है कि इस अस्पताल में मरीजों की जान से खिलवाड़ करने के लिए सिर्फ इंटर पास (12th Pass) लड़के-लड़कियों को नर्सिंग स्टाफ बनाकर रखा गया था। स्थानीय लोगों और जांच रिपोर्ट के मुताबिक, डॉक्टर ने सीएमओ (CMO) ऑफिस के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों से साठगांठ कर रखी थी, जिसके कारण अवैध रूप से एलोपैथिक इलाज और सर्जरी करने के बावजूद आज तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।

पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल चेकअप भी कराया।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का कड़ा एक्शन

शुरुआत में जब पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटका, तो सीएमओ ऑफिस के अफसरों ने मामले को दबाने की कोशिश की। एसीपी द्वारा अस्पताल के दस्तावेज मांगे जाने पर भी अफसर चुप्पी साधे रहे। लेकिन जैसे ही यह मामला सोशल मीडिया और मीडिया के जरिए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक तक पहुंचा, उन्होंने तुरंत इस पर कड़ा संज्ञान लिया।

डिप्टी सीएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर सख्त संदेश जारी करते हुए लिखा:

“उत्तर प्रदेश सरकार पीड़ित बिटिया व उसके परिवार के साथ है। मैं भरोसा दिलाता हूं कि आरोपी चिकित्सक को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। आरोपी का लाइसेंस तत्काल निलंबित करने एवं डिग्री को जब्त करने हेतु आयुर्वेदिक विभाग के अधिकारियों को मेरे द्वारा निर्देश दिए गए हैं।”

डिप्टी सीएम के आदेश के तुरंत बाद स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारी और भारी पुलिस बल तेजस हॉस्पिटल पहुंचा। अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है और वहां भर्ती मरीजों को दूसरे सरकारी अस्पतालों में शिफ्ट किया गया।

ADCP नॉर्थ ट्विंकल जैन ने बताया- आरोपी डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके उसे जेल भेज दिया गया है। LRN 24
ADCP नॉर्थ ट्विंकल जैन ने बताया- आरोपी डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके उसे जेल भेज दिया गया है। LRN 24

आरोपी सलाखों के पीछे, मेडिकल जांच की प्रक्रिया तेज

एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (ADCP नॉर्थ) ट्विंकल जैन ने मीडिया को बताया कि पीड़िता की तहरीर पर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और कोर्ट में उसके बयान दर्ज कराए जा रहे हैं। पुलिस अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य स्टाफ से भी गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस मामले में पुख्ता सबूत जुटाकर आरोपी को फांसी या उम्रकैद जैसी सख्त सजा दिलाई जा सके।

चिकित्सा के मंदिर में एक नाबालिग छात्रा के साथ हुआ यह कृत्य समाज के लिए एक बड़ा कलंक है। हालांकि, योगी सरकार और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के त्वरित एक्शन ने यह साफ कर दिया है कि अपराधियों और उनके मददगारों को बख्शा नहीं जाएगा। अब समय आ गया है कि लखनऊ ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में चल रहे ऐसे फर्जी अस्पतालों और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ एक बड़ा महा-अभियान चलाया जाए ताकि भविष्य में किसी और मासूम को अपनी अस्मत और जान न गंवानी पड़े।

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