‘नशे से नहीं, सपनों से बनेगा कश्मीर!’ LG मनोज सिन्हा की पदयात्रा में उमड़ा जनसैलाब

जम्मू-कश्मीर: को नशा मुक्त बनाने की दिशा में प्रशासन ने अब बड़ा जनआंदोलन छेड़ दिया है। बांडीपोरा में आयोजित ‘100 दिन नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान’ के तहत बुधवार को एक विशाल मेगा पदयात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों युवाओं, छात्रों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया। इस अभियान का नेतृत्व जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने किया।

एसके स्टेडियम बांडीपोरा से शुरू हुई यह पदयात्रा सिर्फ एक जागरूकता कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि यह युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज को सकारात्मक दिशा देने का मजबूत संदेश भी बन गई। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर “नशा छोड़ो, भविष्य जोड़ो” और “युवा ही राष्ट्र की ताकत हैं” जैसे नारे लगाए।


बांडीपोरा में उमड़ा जनसैलाब

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के बांडीपोरा पहुंचते ही स्थानीय लोगों और युवाओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, स्वयंसेवी संगठन, महिला समूह, प्रशासनिक अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।

करीब एक किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा में युवाओं का उत्साह देखने लायक था। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान केवल सरकारी पहल नहीं, बल्कि समाज की भागीदारी से चलाया जा रहा जनआंदोलन है।


‘युवा ही राष्ट्र के वास्तविक निर्माता’

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने युवाओं को समाज की असली ताकत बताया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि नशा युवाओं के सपनों और समाज के भविष्य को बर्बाद कर देता है। इसलिए जरूरी है कि हर परिवार, हर स्कूल और हर संस्था इस लड़ाई में अपनी भूमिका निभाए।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रहकर शिक्षा, खेल और समाज सेवा में आगे आएं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर का भविष्य तभी सुरक्षित होगा जब यहां का युवा सुरक्षित और जागरूक होगा।


सरकार का बड़ा मिशन: ‘नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर’

‘100 दिन नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान’ केंद्र शासित प्रदेश में चलाए जा रहे सबसे बड़े सामाजिक अभियानों में से एक माना जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से बचाना, परिवारों को जागरूक करना और समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करना है।

अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान में प्रशासन, पुलिस विभाग, शिक्षा संस्थान और स्थानीय समुदाय मिलकर काम कर रहे हैं। स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम, खेल प्रतियोगिताएं और सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं।


युवाओं ने लिया नशा छोड़ने का संकल्प

कार्यक्रम के दौरान कई युवाओं ने मंच से नशे के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। कुछ छात्रों ने कहा कि सोशल मीडिया और गलत संगत के कारण युवाओं में नशे का खतरा बढ़ रहा है, लेकिन अब समाज को मिलकर इसे रोकना होगा।

कई प्रतिभागियों ने यह भी कहा कि सरकार की यह पहल युवाओं को सही दिशा देने में मदद करेगी। स्थानीय लोगों ने LG मनोज सिन्हा की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे गांव-गांव तक जागरूकता पहुंचेगी।


पुलिस और प्रशासन भी एक्टिव मोड में

नशा तस्करी और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस भी लगातार कार्रवाई कर रही है। हाल के महीनों में कई जिलों में ड्रग्स तस्करों के खिलाफ बड़े ऑपरेशन चलाए गए हैं।

प्रशासन का कहना है कि केवल कानूनी कार्रवाई से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि सामाजिक जागरूकता और परिवारों की भागीदारी भी जरूरी है। यही वजह है कि अब अभियान को जनसहभागिता से जोड़कर आगे बढ़ाया जा रहा है।


शिक्षा और खेल को बनाया जा रहा हथियार

सरकार युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल और शिक्षा पर भी खास फोकस कर रही है। कई जिलों में स्पोर्ट्स टूर्नामेंट, करियर काउंसलिंग और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम शुरू किए गए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युवाओं को सही अवसर और सकारात्मक माहौल मिले, तो वे नशे जैसी समस्याओं से आसानी से दूर रह सकते हैं।

बांडीपोरा में आयोजित यह मेगा पदयात्रा सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में बड़ा सामाजिक संदेश बनकर उभरी है। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के नेतृत्व में चल रहा ‘नशा मुक्त जम्मू-कश्मीर अभियान’ युवाओं को नई दिशा देने और समाज को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने का प्रयास है।

अब देखना होगा कि यह अभियान आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर के युवाओं की जिंदगी में कितना बड़ा बदलाव ला पाता है।

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