“सिगरेट से शुरू हुआ विवाद, BJP नेता की बेरहमी से हत्या! लखनऊ में ईंट-पत्थरों से पीटकर उतारा मौत के घाट”

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अयोध्या के भाजपा युवा मोर्चा नेता शिवम सिंह की हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। मामूली सिगरेट विवाद ने देखते ही देखते खूनी रूप ले लिया और बदमाशों ने बीजेपी नेता पर ईंट-पत्थरों से हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। इस वारदात के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं पुलिस पर भी लापरवाही और आरोपियों को जल्द न पकड़ पाने के आरोप लग रहे हैं।

मृतक की पहचान अयोध्या जिले के धौरहरा निवासी 28 वर्षीय शिवम सिंह के रूप में हुई है। वह भाजपा युवा मोर्चा की जिला कमेटी के सदस्य थे और पार्टी में सक्रिय भूमिका निभाते थे। घटना लखनऊ के विभूतिखंड थाना क्षेत्र स्थित जलवा क्लब और कठौता झील रोड के पास हुई।

पार्टी के बाद शुरू हुआ विवाद

पुलिस के मुताबिक, शिवम सिंह 25 मई को अपने दोस्तों निलेश और जीशान के साथ लखनऊ घूमने और पार्टी करने आए थे। देर रात तक तीनों ने विभूतिखंड स्थित जलवा क्लब में पार्टी की। रात करीब तीन बजे जब सभी क्लब से बाहर निकले, तभी बाइक सवार तीन युवक वहां पहुंचे और शिवम से सिगरेट मांगी।

बताया जा रहा है कि शिवम ने पहली बार सिगरेट दे दी, लेकिन जब युवकों ने दोबारा सिगरेट मांगी तो उन्होंने मना कर दिया। इसी बात से नाराज होकर तीनों युवकों ने शिवम के साथ मारपीट शुरू कर दी। आसपास मौजूद लोगों के बीच-बचाव के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए।

रास्ते में दोबारा किया हमला

मारपीट के बाद शिवम ने अपने परिचित आशीष को फोन कर घटना की जानकारी दी। आशीष ने उन्हें विवाद खत्म कर घर लौटने की सलाह दी। इसके बाद शिवम अपने दोस्तों के साथ कार से वापस लौटने लगे।

लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। रास्ते में कठौता झील रोड स्थित एलपीएस स्कूल के पास वही बाइक सवार युवक फिर से आ गए। आरोपियों ने कार पर ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिससे कार रोकनी पड़ी।

जैसे ही शिवम कार से बाहर निकले, बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। ईंट सिर पर लगने से वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। हमलावर मौके से फरार हो गए।

दोस्त घायल हालत में छोड़कर भागे

घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि शिवम के साथ मौजूद दोस्त उन्हें सड़क किनारे घायल हालत में छोड़कर वहां से चले गए। परिजनों ने दोस्तों और ड्राइवर की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं और साजिश की आशंका जताई है।

परिवार का कहना है कि यदि समय रहते शिवम को अस्पताल पहुंचाया जाता तो शायद उनकी जान बच सकती थी। परिजनों ने पुलिस से दोस्तों की भी जांच करने की मांग की है।

राहगीर ने बचाने की कोशिश की

26 मई की सुबह करीब 4 बजे एक राहगीर ने सड़क किनारे खून से लथपथ पड़े शिवम को देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले गई।

हालत गंभीर होने के कारण बाद में उन्हें गोमती नगर स्थित KNS अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां आईसीयू में उनका इलाज चल रहा था। करीब दो दिन जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 27 मई की रात शिवम सिंह ने दम तोड़ दिया।

हत्या में बदलेगा मामला

पहले इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया था, लेकिन शिवम की मौत के बाद अब मामला हत्या की धाराओं में बदल दिया जाएगा।

विभूतिखंड थाना पुलिस का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और हमलावरों की पहचान की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

परिवार में मातम, राजनीतिक हलचल तेज

शिवम सिंह की मौत के बाद अयोध्या और लखनऊ में भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। परिवार के लोग लखनऊ पहुंच चुके हैं और उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

भाजपा नेताओं ने भी घटना पर दुख जताया है और पुलिस प्रशासन से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। इस हत्याकांड ने राजधानी की कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

सोशल मीडिया पर उठे सवाल

घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा देखने को मिला। यूजर्स ने सवाल उठाए कि राजधानी में खुलेआम इस तरह की वारदातें कैसे हो रही हैं। कई लोगों ने अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें बनाई गई हैं।

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