करनैलगंज में डिजिटल सशक्तिकरण की नई शुरुआत, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मिले स्मार्टफोन
गोंडा: जिले के करनैलगंज विधानसभा क्षेत्र में सोमवार को महिला सशक्तिकरण और डिजिटल सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। परसपुर स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय में आयोजित विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्य सेविकाओं और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्मार्टफोन वितरित किए गए। कार्यक्रम में करनैलगंज विधायक अजय सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने लाभार्थियों को स्मार्टफोन प्रदान कर डिजिटल बदलाव की इस पहल को आगे बढ़ाया।
प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाना है।
मुख्यमंत्री योगी के विजन को बताया महिला सशक्तिकरण की मिसाल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक अजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि स्मार्टफोन केवल संचार का माध्यम नहीं बल्कि ग्रामीण प्रशासन और सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत करने का एक प्रभावी उपकरण है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चाहती है कि हर लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचे। डिजिटल तकनीक इस दिशा में सबसे बड़ा माध्यम बन रही है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भूमिका सबसे अहम
विधायक अजय सिंह ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां समाज के सबसे संवेदनशील वर्गों—गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों—के स्वास्थ्य, पोषण और देखभाल की जिम्मेदारी निभाती हैं। ऐसे में उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि स्मार्टफोन मिलने के बाद कार्यकत्रियां लाभार्थियों का ऑनलाइन पंजीकरण, टीकाकरण की निगरानी, पोषण संबंधी आंकड़ों का संग्रह और विभिन्न सरकारी योजनाओं की रिपोर्टिंग आसानी से कर सकेंगी।
इससे न केवल काम की गति बढ़ेगी बल्कि डेटा की शुद्धता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।

पोषण ट्रैकर ऐप से मजबूत होगी निगरानी व्यवस्था
कार्यक्रम के दौरान बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने उपस्थित कार्यकत्रियों को स्मार्टफोन संचालन और सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग की जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि पोषण ट्रैकर एप्लीकेशन के माध्यम से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं से संबंधित जानकारी रियल टाइम में दर्ज की जा सकेगी। इससे योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन अधिक प्रभावी होगा।
उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए विभाग को समय पर रिपोर्ट प्राप्त होगी, जिससे जरूरतमंद लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने में तेजी आएगी।
ग्रामीण विकास में आएगा बड़ा बदलाव
विधायक अजय सिंह ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से समय की बचत होगी, भ्रष्टाचार में कमी आएगी और सरकारी कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी।
उन्होंने कार्यकत्रियों से अपील करते हुए कहा कि वे स्मार्टफोन का उपयोग केवल सरकारी कार्यों तक सीमित न रखें, बल्कि स्वयं को नई तकनीकों से जोड़कर अपने ज्ञान और कौशल का भी विस्तार करें।

लाभार्थियों ने जताया आभार
स्मार्टफोन प्राप्त करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने प्रदेश सरकार और विधायक अजय सिंह का आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि अब उन्हें कागजी कार्यवाही में कम समय लगेगा और लाभार्थियों तक सेवाएं पहुंचाने में अधिक सुविधा होगी।
कार्यक्रम में मौजूद कई कार्यकत्रियों ने कहा कि डिजिटल माध्यम से कार्य करना अब पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगा और योजनाओं का लाभ समय पर जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सकेगा।
बड़ी संख्या में पहुंचे लोग
इस अवसर पर बाल विकास विभाग के अधिकारी, मुख्य सेविकाएं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम में डिजिटल इंडिया और महिला सशक्तिकरण के संदेश को प्रमुखता से रखा गया।
अपने संबोधन के अंत में विधायक अजय सिंह ने कहा कि एक मजबूत आंगनबाड़ी व्यवस्था ही स्वस्थ समाज और समृद्ध राष्ट्र की आधारशिला है। सरकार महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और भविष्य में भी जनहित की योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य निरंतर जारी रहेगा।