गुजरात: की राजधानी अहमदाबाद में पुलिस और क्राइम ब्रांच ने अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाया है। मंगलवार देर रात शुरू हुए इस मेगा ऑपरेशन में कुल 291 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से 131 लोगों के बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं बाकी 160 लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से न केवल अवैध घुसपैठियों की पहचान होगी बल्कि उनके पीछे काम कर रहे फर्जी दस्तावेज और मानव तस्करी के बड़े नेटवर्क का भी खुलासा हो सकता है।
अहमदाबाद के संवेदनशील इलाकों में चला ऑपरेशन
सूत्रों के अनुसार अहमदाबाद क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने कई दिनों तक गुप्त निगरानी करने के बाद इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।
कार्रवाई मुख्य रूप से उन क्षेत्रों में की गई जिन्हें लंबे समय से अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के ठिकाने के रूप में देखा जा रहा था। इनमें चंदोला झील क्षेत्र, गुलाबनगर, दानिलिमडा और खोडियारनगर की झुग्गी बस्तियां प्रमुख थीं।
मंगलवार देर रात भारी पुलिस बल के साथ इन इलाकों में एक साथ छापेमारी की गई। पुलिस की गाड़ियों और सुरक्षा बलों को देखकर कई जगह अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ लोगों ने भागने की भी कोशिश की लेकिन पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर रखी थी।
291 संदिग्ध हिरासत में, 131 की पहचान पक्की
ऑपरेशन के दौरान हिरासत में लिए गए सभी लोगों को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच मुख्यालय लाया गया। यहां उनकी पहचान, दस्तावेजों और भारत में रहने की वैधता की जांच शुरू की गई।
प्रारंभिक जांच में 131 लोगों के बांग्लादेशी नागरिक होने के पर्याप्त प्रमाण मिले हैं। इनके खिलाफ फॉरेनर्स एक्ट और इमिग्रेशन एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
वहीं 160 अन्य संदिग्धों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस यह सत्यापित कर रही है कि उनके पास मौजूद आधार कार्ड, राशन कार्ड, वोटर आईडी और अन्य पहचान पत्र असली हैं या फर्जी तरीके से बनाए गए हैं।

फर्जी दस्तावेज गिरोह पर भी शिकंजा
जांच एजेंसियों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध नागरिकों का वर्षों तक शहर में रहना किसी संगठित नेटवर्क की मदद के बिना संभव नहीं है।
पुलिस अब उन एजेंटों और स्थानीय लोगों की तलाश कर रही है जिन्होंने कथित रूप से इन लोगों को फर्जी पहचान पत्र उपलब्ध कराए, रोजगार दिलाया और रहने की व्यवस्था कराई।
अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल अवैध नागरिकों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने तक जांच जारी रहेगी।
वर्षों से रह रहे थे स्थानीय लोगों के बीच
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए कई लोग वर्षों से अहमदाबाद में रह रहे थे। वे मजदूरी, निर्माण कार्य, छोटे कारोबार और अन्य रोजमर्रा के कामों में लगे हुए थे।
स्थानीय लोगों के बीच घुलमिल जाने के कारण उनकी पहचान करना आसान नहीं था। यही वजह है कि क्राइम ब्रांच ने लंबे समय तक तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के बाद यह अभियान शुरू किया।
राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ी जांच
सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को केवल अवैध प्रवास तक सीमित नहीं मान रही हैं। जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है।
अधिकारियों के अनुसार यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं इन लोगों का इस्तेमाल किसी गैरकानूनी गतिविधि, हवाला नेटवर्क, मानव तस्करी या अन्य आपराधिक गतिविधियों में तो नहीं किया गया।
यदि जांच में ऐसे कोई सबूत मिलते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत और भी गंभीर कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या होगा?
गिरफ्तार किए गए 131 लोगों को अदालत में पेश किया जाएगा। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें उनके मूल देश भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
वहीं बाकी 160 लोगों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही उनके भविष्य को लेकर फैसला होगा। पुलिस का कहना है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होगा, लेकिन अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।