गुजरात: की राजधानी अहमदाबाद में एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। शहर के नवरंगपुरा इलाके में स्थित एक प्रतिष्ठित स्पोर्ट्स क्लब को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। क्लब के एक कमरे से मिले एक संदिग्ध पत्र में 21 जून को बम धमाका करने की चेतावनी दी गई है। पत्र में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का नाम भी लिखा गया है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
धमकी भरा यह पत्र मिलने के बाद पुलिस, बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वॉड और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर की गहन जांच शुरू कर दी है।
कमरे की अलमारी में मिला धमकी भरा नोट
जानकारी के अनुसार यह पत्र क्लब के कमरा नंबर 119 से बरामद हुआ। बताया जा रहा है कि यह कमरा एक डॉक्टर की सिफारिश पर बुक कराया गया था। कमरे में तंजानिया के तीन विदेशी कारोबारी ठहरे हुए थे, जो 29 मई को वहां पहुंचे थे और 30 मई को चेक आउट कर गए थे।
विदेशी मेहमानों के जाने के बाद जब हाउसकीपिंग स्टाफ कमरे की सफाई कर रहा था, तब अलमारी के अंदर पेंसिल से लिखा एक संदिग्ध पत्र मिला। पत्र में 21 जून को स्पोर्ट्स क्लब को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी।
स्टाफ ने तुरंत इसकी सूचना क्लब प्रबंधन को दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
पत्र में दाऊद और लश्कर-ए-तैयबा का नाम
पुलिस सूत्रों के अनुसार पत्र में पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और भारत के मोस्ट वांटेड अपराधी दाऊद इब्राहिम का उल्लेख किया गया है। हालांकि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पत्र वास्तव में किसी आतंकी संगठन से जुड़ा है या किसी ने शरारत अथवा भय फैलाने के उद्देश्य से इसे लिखा है।
सुरक्षा एजेंसियां पत्र की लिखावट, कागज और अन्य फोरेंसिक पहलुओं की जांच कर रही हैं। साथ ही क्लब में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
दो घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन
धमकी मिलने के बाद बम स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड और SOG की टीमों ने पूरे स्पोर्ट्स क्लब में करीब दो घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाया। क्लब के हर कमरे, लॉकर, पार्किंग क्षेत्र और सार्वजनिक स्थानों की बारीकी से जांच की गई।
राहत की बात यह रही कि तलाशी के दौरान कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई। इसके बावजूद सुरक्षा एजेंसियां मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं।
पुलिस ने क्लब प्रबंधन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और आने वाले दिनों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने के निर्देश दिए हैं।

विदेशी नागरिक भी जांच के दायरे में
पुलिस की जांच का एक अहम पहलू उन तीन विदेशी नागरिकों से भी जुड़ा हुआ है जो उक्त कमरे में ठहरे थे। अधिकारियों के अनुसार तीनों तंजानियाई कारोबारी अभी भी भारत में मौजूद हैं।
हालांकि अभी तक उनके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं मिला है, लेकिन पुलिस यह जांच कर रही है कि पत्र उनके रहने के दौरान रखा गया था या उनके जाने के बाद किसी अन्य व्यक्ति ने वहां पहुंचकर उसे छोड़ा।
विदेशियों की यात्रा संबंधी जानकारी, होटल रिकॉर्ड और मूवमेंट की भी जांच की जा रही है।
पुलिस ने शुरू की गहन जांच
जोन-1 के डीसीपी हर्षद पटेल ने बताया कि मामले की जांच कई स्तरों पर की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धमकी असली है या किसी ने जानबूझकर अफवाह फैलाने के लिए ऐसा किया है।
फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है और क्लब के कर्मचारियों, प्रबंधन तथा कमरे की बुकिंग से जुड़े लोगों से पूछताछ जारी है।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
शहर में सुरक्षा बढ़ाई गई
घटना के बाद अहमदाबाद के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, खेल परिसरों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस लगातार निगरानी रख रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है।
विशेष रूप से 21 जून के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की योजना बनाई जा रही है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।