मुंबई: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर फिल्म निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। बुधवार देर रात करीब 3 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही बॉलीवुड में शोक की लहर दौड़ गई और फिल्म जगत से जुड़े कई बड़े सितारे उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
पहलाज निहलानी केवल एक सफल निर्माता ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने कई कलाकारों के करियर को नई दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। विशेष रूप से अभिनेता गोविंदा को बॉलीवुड में बड़ा मौका देने का श्रेय उन्हें ही दिया जाता है।
लंबे समय से चल रहा था इलाज
जानकारी के अनुसार पहलाज निहलानी पिछले कुछ समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन के मुताबिक कोविड संक्रमण के बाद उनकी सेहत लगातार प्रभावित रही थी। इलाज के दौरान कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट्स के कारण उनकी किडनी पर असर पड़ा था, जिसके चलते उनका उपचार जारी था।
फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने बताया कि पिछले कई महीनों से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी और चिकित्सकीय निगरानी में उनका इलाज हो रहा था।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़े सितारे
पहलाज निहलानी के निधन की खबर मिलते ही बॉलीवुड के कई बड़े सितारे उनके घर पहुंचे।
अभिनेता गोविंदा, जिनके करियर की शुरुआत में निहलानी का महत्वपूर्ण योगदान रहा, भावुक नजर आए। इसके अलावा फरहान अख्तर, मलाइका अरोड़ा, अमृता अरोड़ा, डेविड धवन, शत्रुघ्न सिन्हा, नीलम कोठारी और अन्य कई फिल्मी हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुंबई के सांताक्रूज श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां परिवार, मित्र और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग मौजूद रहे।

फिल्म इंडस्ट्री ने खोया एक बड़ा नाम
फिल्म एसोसिएशन IMPAA के अध्यक्ष अभय सिन्हा ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि इंडस्ट्री ने एक ऐसे व्यक्ति को खो दिया है जिसने दशकों तक फिल्म जगत की सेवा की।
उन्होंने कहा कि पहलाज निहलानी एक सफल निर्माता होने के साथ-साथ फिल्म इंडस्ट्री के हितों के लिए भी लगातार काम करते रहे। उनका योगदान केवल फिल्मों तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने संगठनात्मक स्तर पर भी उद्योग को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
गोविंदा को दिया था पहला बड़ा मौका
पहलाज निहलानी के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक अभिनेता गोविंदा को लॉन्च करना माना जाता है।
साल 1986 में आई फिल्म “इल्जाम” के जरिए गोविंदा को बॉलीवुड में पहला बड़ा अवसर मिला। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही और गोविंदा रातोंरात लोकप्रिय हो गए।
आज भी गोविंदा कई मौकों पर स्वीकार कर चुके हैं कि उनके फिल्मी करियर की मजबूत नींव रखने में पहलाज निहलानी की बड़ी भूमिका रही।
शानदार फिल्मों से बनाई पहचान
पहलाज निहलानी ने 1982 में फिल्म “हथकड़ी” के साथ निर्माता के रूप में अपना सफर शुरू किया।
इसके बाद उन्होंने कई सफल फिल्मों का निर्माण किया, जिनमें:
- हथकड़ी
- आंधी-तूफान
- इल्जाम
- आग ही आग
- गुनाहों का फैसला
- शोला और शबनम
- आंखें
जैसी चर्चित फिल्में शामिल हैं।
विशेष रूप से “आंखें” और “शोला और शबनम” ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की और उन्हें बॉलीवुड के सफल निर्माताओं की श्रेणी में ला खड़ा किया।
सेंसर बोर्ड अध्यक्ष के रूप में भी रहे चर्चा में
फिल्म निर्माण के अलावा पहलाज निहलानी केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के अध्यक्ष के रूप में भी काफी चर्चित रहे।
उनके कार्यकाल के दौरान कई फिल्मों को लेकर सेंसरशिप संबंधी बहसें हुईं। हालांकि उन्होंने हमेशा यह कहा कि उनका उद्देश्य भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के अनुरूप फिल्मों का मूल्यांकन करना था।
उनका कार्यकाल भारतीय फिल्म सेंसरशिप इतिहास के महत्वपूर्ण अध्यायों में गिना जाता है।
29 वर्षों तक संभाली बड़ी जिम्मेदारी
पहलाज निहलानी करीब 29 वर्षों तक फिल्म और टीवी प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन से जुड़े रहे और लंबे समय तक अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी निभाई।
उनका अनुभव और नेतृत्व फिल्म उद्योग के लिए हमेशा मार्गदर्शक माना जाता रहा।
पहलाज निहलानी का निधन हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने न केवल सफल फिल्मों का निर्माण किया, बल्कि कई कलाकारों को पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गोविंदा जैसे सितारों के करियर को दिशा देने वाले निहलानी की विरासत भारतीय सिनेमा में हमेशा याद रखी जाएगी। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।