श्रीनगर। देश की सबसे पवित्र और कठिन धार्मिक यात्राओं में शामिल अमरनाथ यात्रा 2026 शुरू होने से पहले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। शनिवार को पवित्र अमरनाथ गुफा से बाबा बर्फानी यानी प्राकृतिक हिम शिवलिंग की पहली तस्वीरें सामने आईं। तस्वीरों में देखा जा सकता है कि गुफा के भीतर करीब 6 से 7 फीट ऊंचा हिम शिवलिंग आकार ले चुका है।
इन तस्वीरों के सामने आने के बाद देशभर के शिव भक्तों में उत्साह की लहर दौड़ गई है। यात्रा की सुरक्षा में तैनात BSF और अन्य सुरक्षाबलों के जवानों ने सबसे पहले बाबा बर्फानी के दर्शन किए। हर साल की तरह इस बार भी लाखों श्रद्धालु बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचने वाले हैं।
3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के अनुसार, इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई 2026 से शुरू होकर 9 अगस्त 2026 तक चलेगी। करीब 57 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा बालटाल-सोनमर्ग मार्ग और पारंपरिक नुनवान-पहलगाम मार्ग से संचालित की जाएगी।
प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए तैयारियों में जुटी हुई हैं। यात्रा मार्गों पर बर्फ हटाने, सड़क सुधारने और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित करने का काम तेजी से जारी है।
रास्तों पर अब भी जमी है 12 फीट तक बर्फ
अमरनाथ यात्रा मार्ग पर मौसम अब भी चुनौती बना हुआ है। अधिकारियों के अनुसार सामान्य स्थानों पर 6 से 8 फीट तक बर्फ जमी हुई है, जबकि हिमस्खलन वाले क्षेत्रों में यह बर्फ 10 से 12 फीट तक पहुंच रही है।
सीमा सड़क संगठन (BRO) लगातार दोनों प्रमुख मार्गों पर ट्रैक बहाल करने में जुटा है। बालटाल मार्ग पर लगभग 9 किलोमीटर और नुनवान-पहलगाम मार्ग पर करीब 8 किलोमीटर हिस्से से बर्फ हटाई जा चुकी है।
इसके साथ ही ट्रैक को 12 फीट तक चौड़ा करने, रिटेनिंग वॉल बनाने और जल निकासी के लिए कल्वर्ट तैयार करने का काम भी चल रहा है। अधिकारियों का दावा है कि 15 जून तक दोनों मार्ग पूरी तरह श्रद्धालुओं के लिए तैयार कर दिए जाएंगे।

श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं
इस बार अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं को पहले से अधिक आधुनिक सुविधाएं मिलने वाली हैं। प्रशासन ने बेस कैंपों में पारंपरिक टेंट की जगह प्री-फैब्रिकेटेड और फाइबर स्ट्रक्चर तैयार किए हैं।
इन संरचनाओं में तापमान नियंत्रण, बारिश से सुरक्षा और बेहतर आवास सुविधाएं उपलब्ध होंगी। हर इमारत में 48 कमरे बनाए गए हैं, जिनमें अटैच्ड वॉशरूम और गर्म-ठंडे पानी की सुविधा दी जाएगी।
इसके अलावा हर भवन में पैंट्री और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी की जा रही है। बताया जा रहा है कि इन परियोजनाओं पर पिछले तीन वर्षों से काम चल रहा था, जो अब लगभग पूरा हो चुका है।
संवेदनशील इलाकों को बनाया गया ‘नो-एंट्री जोन’
पिछले वर्षों में बादल फटने और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं को देखते हुए इस बार प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। सभी संवेदनशील और आपदा संभावित क्षेत्रों को ‘नो-एंट्री जोन’ घोषित किया गया है।
बालटाल और पहलगाम दोनों मार्गों पर पुलों को मजबूत किया गया है और रास्तों को पहले से अधिक सुरक्षित बनाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में इस बार कैंप नहीं लगाए जाएंगे।
3.6 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने कराया रजिस्ट्रेशन
अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक 3.6 लाख से ज्यादा लोग यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू हुई थी। पंजाब नेशनल बैंक, जम्मू-कश्मीर बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यस बैंक की निर्धारित शाखाओं के जरिए पंजीकरण किया जा रहा है।
अधिकारियों का अनुमान है कि इस साल श्रद्धालुओं की संख्या 5 लाख के पार जा सकती है। पिछले साल यानी 2025 में करीब 4.14 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 5.10 लाख से अधिक रहा था।