पटना: बिहार में चर्चित टेंडर घोटाले को लेकर बड़ा प्रशासनिक एक्शन सामने आया है। राज्य सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के दो अधिकारियों, योगेश कुमार सागर और अभिलाषा कुमारी शर्मा को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच रिपोर्ट और ठेकेदार रिशु श्री से जुड़े कथित वित्तीय एवं प्रशासनिक संबंधों के सामने आने के बाद की गई है।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब जांच एजेंसियों ने दावा किया कि रिशु श्री केवल एक ठेकेदार नहीं था, बल्कि विभिन्न सरकारी विभागों में प्रभावशाली अधिकारियों की पोस्टिंग और टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित करने की क्षमता रखता था। जांच रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं, जिनके बाद बिहार के प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है।
ED जांच में क्या सामने आया?
प्रवर्तन निदेशालय की जांच के अनुसार, ठेकेदार रिशु श्री ने कथित तौर पर कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ करीबी संबंध विकसित कर रखे थे। आरोप है कि सरकारी टेंडर हासिल करने और विभागीय फैसलों को प्रभावित करने के लिए उसने अधिकारियों को विभिन्न प्रकार के लाभ पहुंचाए।
जांच रिपोर्ट में दावा किया गया है कि IAS अधिकारी योगेश कुमार सागर और उनके परिवार के कई सदस्यों की विदेश यात्रा का खर्च रिशु श्री ने वहन किया था। रिपोर्ट के अनुसार जून 2024 में यूरोप यात्रा के दौरान ऑस्ट्रिया के वियना, साल्जबर्ग और वॉल्फगैंग जैसे शहरों में ठहरने, हवाई टिकट और अन्य खर्चों पर करीब 21.92 लाख रुपये खर्च किए गए।
इसके अलावा जांच एजेंसियों ने कुछ अन्य खर्चों और सुविधाओं को भी संदेह के दायरे में रखा है। मीडिया रिपोर्टों में यह भी उल्लेख किया गया है कि अधिकारियों से जुड़े कुछ निजी निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्यों की भी जांच की जा रही है।
कौन हैं IAS योगेश कुमार सागर?
योगेश कुमार सागर 2017 बैच के IAS अधिकारी हैं और हाल के वर्षों में बिहार प्रशासन में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। वर्तमान कार्रवाई से पहले वे समाज कल्याण विभाग में तैनात थे।
उत्तर प्रदेश के बरेली निवासी योगेश कुमार सागर का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उन्होंने लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से MBBS की पढ़ाई पूरी की थी। बेहद साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले योगेश ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई थी।
उनके परिवार की आर्थिक स्थिति लंबे समय तक कमजोर रही। पिता के निधन के बाद बड़े भाई ने पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाली। सीमित संसाधनों के बावजूद योगेश ने पढ़ाई जारी रखी और अंततः सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की।
डॉक्टर से IAS बनने तक का सफर
योगेश कुमार सागर ने पहले मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाया। MBBS पूरा करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। प्रारंभिक प्रयास में उनका चयन भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में हुआ, लेकिन उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और बेहतर रैंक हासिल कर IAS बने।
उनका प्रशासनिक करियर अररिया जिले के फारबिसगंज में अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के रूप में शुरू हुआ। इसके बाद वे भागलपुर नगर निगम आयुक्त रहे और बाद में बिहार अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (BUDCO) के प्रबंध निदेशक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्यरत रहे।
अभिलाषा शर्मा पर भी गिरी गाज
मामले में IAS अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा का नाम भी सामने आया है। जांच एजेंसियां उनके और ठेकेदार रिशु श्री के बीच कथित संबंधों और प्रशासनिक निर्णयों में संभावित भूमिका की जांच कर रही हैं।
हालांकि अभी तक जांच प्रक्रिया जारी है और अंतिम निष्कर्ष सामने आना बाकी है। सरकार ने प्रारंभिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया है ताकि जांच निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ सके।
बिहार प्रशासन में बढ़ी हलचल
दो वरिष्ठ IAS अधिकारियों पर कार्रवाई के बाद बिहार प्रशासनिक तंत्र में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल सरकार से मामले की गहराई से जांच कराने और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की मांग कर रहे हैं।
वहीं सरकार का कहना है कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। यदि जांच में और नाम सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।