राजनाथ सिंह ने योगी की जमकर की तारीफ, बोले- ‘यूपी को जिस तरह संभाला, वह मिसाल’; फिर युद्धपोत INS गोमती के अंदर पहुंचे दोनों नेता

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नौसेना शौर्य वाटिका का उद्घाटन किया। इस दौरान दोनों नेता रिटायर्ड युद्धपोत INS गोमती के अंदर पहुंचे और नौसेना अधिकारियों से इसकी तकनीकी विशेषताओं और युद्धक क्षमताओं की जानकारी ली। कार्यक्रम केवल सैन्य विरासत के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मंच से दिए गए राजनीतिक और प्रशासनिक संदेशों ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय बदलाव देखा है। उन्होंने कहा कि कभी राज्य की पहचान अपराध और माफिया गतिविधियों से जुड़ी हुई थी, लेकिन आज वही उत्तर प्रदेश निवेश, विकास और सुशासन के मॉडल के रूप में उभर रहा है।

‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ से ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ तक

अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने कहा कि एक समय ऐसा था जब उत्तर प्रदेश को मजाक में “वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया” के रूप में देखा जाता था। निवेशक यहां आने से डरते थे और उद्योग लगाने में हिचकिचाते थे।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून-व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है। सरकार ने अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, जिसका परिणाम यह हुआ कि राज्य की छवि पूरी तरह बदल गई। अब उत्तर प्रदेश “वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट” (ODOP) जैसी योजनाओं के कारण देश और दुनिया में नई पहचान बना रहा है।

योगी आदित्यनाथ ने भी विपक्ष पर साधा निशाना

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने संबोधन में कानून-व्यवस्था के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में हालात काफी अलग थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय प्रदेश में आए दिन कर्फ्यू जैसी स्थिति बन जाती थी और संगठित अपराधियों तथा माफिया तत्वों ने आम जनता का जीवन कठिन बना दिया था। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपराध और अराजकता के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई, जिसके सकारात्मक परिणाम आज पूरे प्रदेश में दिखाई दे रहे हैं।

नौसेना शौर्य वाटिका बनी आकर्षण का केंद्र

लखनऊ में विकसित की गई नौसेना शौर्य वाटिका कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। पर्यटन विभाग और भारतीय नौसेना के सहयोग से विकसित यह परियोजना राजधानी के इकाना क्रिकेट स्टेडियम के गेट नंबर-5 के पास लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में बनाई गई है।

करीब 19 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना को पूरा होने में लगभग चार वर्ष का समय लगा। इसका उद्देश्य आम लोगों, विशेषकर युवाओं को भारतीय नौसेना के इतिहास, तकनीक और वीरता से परिचित कराना है।

INS गोमती की गौरवशाली कहानी

नौसेना शौर्य वाटिका में स्थापित INS गोमती भारतीय नौसेना का एक प्रतिष्ठित युद्धपोत रहा है। इस जहाज ने लगभग 35 वर्षों तक देश की समुद्री सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लंबी सेवा के बाद इसे 28 मई 2022 को नौसेना से औपचारिक रूप से सेवानिवृत्त कर दिया गया।

अब इस युद्धपोत को शौर्य वाटिका में संरक्षित किया गया है, ताकि लोग इसके इतिहास और भारतीय नौसेना की उपलब्धियों को करीब से जान सकें।

नौसेना के हथियार और तकनीक भी प्रदर्शित

वाटिका में केवल INS गोमती ही नहीं, बल्कि नौसेना के कई महत्वपूर्ण उपकरण और हथियार भी प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें AK-726 मीडियम रेंज गन, CET-53M टॉरपीडो डिकॉय सिस्टम, जिफ-101 लॉन्चर, कैपस्टन ड्रम और जहाज का विशाल प्रोपेलर शामिल हैं।

इन उपकरणों के माध्यम से आगंतुकों को भारतीय नौसेना की तकनीकी क्षमता, आधुनिक युद्ध प्रणालियों और समुद्री सुरक्षा तंत्र की जानकारी मिलेगी।

पूर्व नौसैनिकों को भी किया गया सम्मानित

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पूर्व नौसैनिकों और रक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी आमंत्रित किया गया। नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वागत किया। इस अवसर पर उन्होंने दोनों नेताओं को स्मृति चिन्ह भी भेंट किए।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने इसे सैन्य गौरव और राष्ट्रभक्ति को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया।

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