उत्तर प्रदेश: पुलिस विभाग में सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर अब सख्ती और बढ़ा दी गई है। सोशल मीडिया पर अनुचित, विवादित या विभागीय छवि खराब करने वाली पोस्ट करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई होगी। इस संबंध में एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश की ओर से प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारियों और इकाई प्रमुखों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी पत्र में साफ कहा गया है कि सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 लागू होने के बावजूद कई पुलिसकर्मी अब भी नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। कुछ कर्मचारी फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (ट्विटर), यूट्यूब और अन्य प्लेटफॉर्म पर ऐसी पोस्ट साझा कर रहे हैं, जिससे विभाग की छवि प्रभावित हो रही है। इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा।
विभागीय कार्रवाई के निर्देश
एडीजी अमिताभ यश ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों, कमिश्नरेट अधिकारियों, यूनिट प्रमुखों और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सोशल मीडिया पर पुलिसकर्मियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाए। यदि कोई कर्मचारी विभागीय नियमों के खिलाफ पोस्ट करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल जांच कर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आदेश में यह भी कहा गया है कि कई मामलों में पुलिसकर्मियों द्वारा राजनीतिक, धार्मिक और विवादित विषयों पर निजी राय सार्वजनिक रूप से पोस्ट की जा रही है। इससे पुलिस विभाग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं।

सोशल मीडिया पॉलिसी 2023 का पालन अनिवार्य
पुलिस मुख्यालय ने सभी कर्मचारियों को 8 फरवरी 2023 को जारी सोशल मीडिया पॉलिसी का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं। इस नीति के तहत पुलिसकर्मी किसी भी गोपनीय जानकारी, संवेदनशील केस, सरकारी दस्तावेज या विभागीय गतिविधि को बिना अनुमति सोशल मीडिया पर साझा नहीं कर सकते।
इसके अलावा पुलिसकर्मियों को अपनी आधिकारिक आईडी, यूआरएल, लॉगिन डिटेल्स और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल सूचनाएं सुरक्षित रखने की भी हिदायत दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर सुरक्षा के लिहाज से यह बेहद जरूरी है।
विभाग की छवि खराब होने पर चिंता
मुख्यालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर अनुचित गतिविधियां न सिर्फ सरकारी कार्यप्रणाली को प्रभावित करती हैं, बल्कि प्रदेश पुलिस की गरिमा और साख को भी नुकसान पहुंचाती हैं। यही वजह है कि अब इस मामले में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक हाल के दिनों में कई पुलिसकर्मियों की सोशल मीडिया पोस्ट वायरल हुई थीं, जिन पर विवाद खड़ा हो गया था। कुछ मामलों में विभाग को सफाई भी देनी पड़ी थी। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने यह कदम उठाया है।
क्या नहीं कर सकेंगे पुलिसकर्मी?
नई सख्ती के तहत पुलिसकर्मी:
- राजनीतिक बयानबाजी वाली पोस्ट नहीं कर सकेंगे
- धार्मिक विवाद वाले कंटेंट साझा नहीं कर सकेंगे
- वर्दी में रील बनाकर वायरल ट्रेंड्स फॉलो नहीं कर सकेंगे
- विभागीय गोपनीय जानकारी साझा नहीं कर सकेंगे
- किसी केस से जुड़ी संवेदनशील तस्वीरें पोस्ट नहीं कर सकेंगे
यदि कोई कर्मचारी इन नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ विभागीय जांच, निलंबन या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है।
डिजिटल दौर में बढ़ी जिम्मेदारी
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के इस दौर में सरकारी कर्मचारियों, खासकर पुलिस विभाग से जुड़े अधिकारियों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। पुलिस की हर गतिविधि सीधे जनता के भरोसे से जुड़ी होती है। ऐसे में अनुचित पोस्ट पूरे विभाग की छवि पर असर डाल सकती हैं।
यही वजह है कि यूपी पुलिस अब सोशल मीडिया पर अनुशासन बनाए रखने को लेकर पूरी तरह सख्त नजर आ रही है।