अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद में एक हाउसिंग सोसाइटी की छत पर 23 वर्षीय छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप एक सिक्योरिटी गार्ड पर लगा है, जिसे घटना के कुछ दिन पहले ही सोसाइटी की सुरक्षा व्यवस्था के लिए नियुक्त किया गया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर युवती के साथ मारपीट की और उसके गले में तार बांधकर उसे डराया-धमकाया।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया। पुलिस के मुताबिक, हिरासत के दौरान आरोपी ने भागने और पुलिसकर्मी का हथियार छीनने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उसके पैर में गोली चलाई। घायल आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत स्थिर बताई गई है।
छत पर क्या हुआ था?
पुलिस जांच और सामने आए सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, आरोपी रात के समय बिल्डिंग की ऊपरी मंजिल की ओर गया था। इसी दौरान सोसाइटी में रहने वाली 23 वर्षीय इंटीरियर डिजाइन की छात्रा छत पर मौजूद थी।
बताया गया है कि युवती पिछले करीब दो वर्षों से पेइंग गेस्ट के तौर पर वहां रह रही थी। वह छत पर टहलते हुए फोन पर बात कर रही थी। कुछ देर बाद जब उसका फोन बंद हो गया और वह नीचे जाने लगी, तभी आरोपी ने कथित तौर पर उसे रोक लिया।
आरोप है कि युवती द्वारा विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और जबरन उसे काबू करने की कोशिश की। इसी दौरान उसके गले में तार बांध दिया गया। पुलिस के मुताबिक, कथित वारदात के बाद आरोपी युवती का मोबाइल फोन लेकर छत से फरार हो गया और छत का दरवाजा बंद कर दिया।
कुछ समय बाद युवती ने मदद के लिए आवाज लगाई। शोर सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंचे और घटना की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
CCTV से सामने आई 90 मिनट की गतिविधि
पुलिस जांच में सीसीटीवी फुटेज को अहम सबूत माना जा रहा है। उपलब्ध फुटेज के मुताबिक आरोपी रात करीब 8 बजकर 52 मिनट पर बिल्डिंग से बाहर निकलता दिखाई दिया। पुलिस के अनुसार, बिल्डिंग में ऊपर जाने और वापस आने की पूरी गतिविधि करीब 90 मिनट की बताई जा रही है।
जांच अधिकारी सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की गतिविधियों और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ रहे हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले और बाद में आरोपी किन-किन स्थानों पर गया था।

नौकरी के सिर्फ चार दिन बाद वारदात का आरोप
इस मामले में सिक्योरिटी एजेंसी की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी धर्म सिंह को घटना से महज चार दिन पहले ही एक सिक्योरिटी एजेंसी के माध्यम से नौकरी पर रखा गया था।
आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई का रहने वाला बताया गया है और पिछले कई वर्षों से अहमदाबाद में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, वह इससे पहले भी अलग-अलग सिक्योरिटी एजेंसियों के साथ काम कर चुका था।
पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी की नियुक्ति के समय उसका आवश्यक पुलिस सत्यापन और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन कराया गया था या नहीं।
सिक्योरिटी एजेंसी पर भी हो सकता है एक्शन
पुलिस ने संकेत दिया है कि यदि जांच में यह सामने आता है कि आरोपी को जरूरी सत्यापन प्रक्रिया पूरी किए बिना नौकरी पर रखा गया था, तो संबंधित सिक्योरिटी एजेंसी के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
इस घटना ने हाउसिंग सोसाइटियों में सुरक्षा व्यवस्था और निजी सुरक्षा कर्मचारियों के बैकग्राउंड वेरिफिकेशन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, सोसाइटियों में तैनात सुरक्षा कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन और नियुक्ति से पहले रिकॉर्ड की जांच बेहद महत्वपूर्ण है।
हिरासत से भागने की कोशिश, पुलिस ने चलाई गोली
पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू की। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की और पुलिसकर्मी से हथियार छीनने का प्रयास किया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने उसके पैर में गोली चलाई। गोली लगने से आरोपी घायल हो गया, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई गई है।
पुलिस मामले में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, पीड़िता के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
जांच में अब किन सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस?
पुलिस इस मामले में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की जांच कर रही है। इनमें आरोपी की नियुक्ति प्रक्रिया, उसका पुलिस वेरिफिकेशन, घटना के दौरान उसकी गतिविधियां, सीसीटीवी फुटेज और कथित तौर पर छीनकर ले जाए गए मोबाइल फोन से जुड़े तथ्य शामिल हैं।
इसके अलावा पुलिस यह भी जांच करेगी कि आरोपी ने घटना को अंजाम देने से पहले किसी तरह की योजना बनाई थी या नहीं और घटना के बाद वह कहां गया था।

