नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। संसद में केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच जारी गतिरोध के बीच कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा निशाना साधा है।
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि यह स्पष्ट किया जाए कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश किस स्तर से दिया गया। राहुल गांधी ने पैलेट गन के कथित इस्तेमाल को लेकर भी गृह मंत्री से संसद में जवाब देने की मांग की।
कांग्रेस के इन आरोपों ने संसद के भीतर पहले से जारी राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है।
‘गोली चलाने का आदेश किसने दिया?’ राहुल गांधी का सवाल
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को संसद में आकर इस मामले पर जवाब देना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि छात्रों के खिलाफ गोली चलाने या बल प्रयोग का आदेश दिया गया था, तो यह आदेश किसने दिया। राहुल गांधी ने यह भी सवाल किया कि यदि प्रधानमंत्री या गृह मंत्री ने ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया, तो गृह मंत्रालय में किस अधिकारी या स्तर से आदेश जारी हुआ।
कांग्रेस नेता ने इसे जवाबदेही से जोड़ते हुए सरकार से पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष यह जानना चाहता है कि छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई किसी गलती का परिणाम थी या प्रशासनिक अक्षमता का।
पैलेट गन के इस्तेमाल पर भी उठे सवाल
कांग्रेस ने छात्रों के खिलाफ कथित रूप से पैलेट गन, आंसू गैस, पानी की बौछार और अन्य बल प्रयोग किए जाने का आरोप लगाया है।
राहुल गांधी ने विशेष रूप से पैलेट गन को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से संसद में जवाब देने की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर सरकार को स्पष्ट जानकारी सदन के सामने रखनी चाहिए।
हालांकि, इन आरोपों के संदर्भ में पुलिस और सरकार का आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा। किसी भी कार्रवाई की वास्तविक परिस्थितियों, आदेश की श्रृंखला और इस्तेमाल किए गए साधनों को लेकर आधिकारिक जांच या रिकॉर्ड से स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।

मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल संसद सत्र की शुरुआत से ही अपनी विभिन्न मांगें उठा रहे हैं।
खरगे के मुताबिक, विपक्ष की प्रमुख मांगों में छात्रों के साथ दिल्ली पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्रालय के कथित व्यवहार पर चर्चा शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ पैलेट गन, आंसू गैस, पानी की बौछार और इलेक्ट्रिक बैटन जैसे साधनों का इस्तेमाल किया गया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे युवाओं के खिलाफ कथित दमनात्मक कार्रवाई बताते हुए संसद में इस विषय पर सीमित चर्चा की मांग की।
राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर भी कांग्रेस आक्रामक
छात्रों के मुद्दे के साथ कांग्रेस ने राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता/चोरी के आरोपों को भी संसद में उठाने की मांग की है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट की स्थापना और उसके सदस्यों के चयन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे में ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावे के कथित विवाद पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए।
खरगे ने प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर देश की जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करने और माफी मांगने की मांग की।
यह मुद्दा भी राजनीतिक रूप से संवेदनशील है और इससे जुड़े आरोपों की पुष्टि संबंधित आधिकारिक जांच, दस्तावेजों या संस्थागत रिकॉर्ड के आधार पर ही की जानी चाहिए।
संसद में बढ़ सकता है गतिरोध
छात्र प्रदर्शन और राम मंदिर चढ़ावे से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस की मांगों ने संसद में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव को और बढ़ा दिया है।
विपक्ष इन मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है, जबकि संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाना सरकार और पीठासीन अधिकारियों के लिए भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार इन मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार होती है या फिर गतिरोध आगे भी जारी रहता है।
राहुल गांधी और खरगे के बयानों से बढ़ी सियासी गर्मी
जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे के बयानों ने इस मामले को राष्ट्रीय राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
कांग्रेस जहां इसे युवाओं के खिलाफ कथित दमन और सरकारी जवाबदेही का मामला बता रही है, वहीं पूरे घटनाक्रम पर पुलिस और केंद्र सरकार का आधिकारिक पक्ष भी महत्वपूर्ण रहेगा।
आने वाले दिनों में संसद में इस मुद्दे पर चर्चा होती है या नहीं और सरकार की ओर से क्या जवाब सामने आता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। राहुल गांधी ने कथित बल प्रयोग और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से संसद में जवाब मांगा है। वहीं मल्लिकार्जुन खरगे ने भी छात्रों के साथ कथित व्यवहार को लेकर चर्चा की मांग की है।
इसके साथ ही कांग्रेस ने राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े आरोपों को भी संसद में उठाने की बात कही है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार इन आरोपों पर क्या जवाब देती है और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा का रास्ता निकलता है या नहीं।

