लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में रविवार को लखनऊ में निषाद पार्टी का 11वां स्थापना दिवस बड़े स्तर पर मनाया गया। आशियाना स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता पहुंचे।
कार्यकर्ताओं के हाथों में निषाद पार्टी के झंडे और सिर पर पार्टी की टोपी नजर आई। कार्यक्रम स्थल पर ‘डॉ. संजय निषाद जिंदाबाद’ के नारे लगाए गए। इस दौरान ’27 में संजय निषाद सीएम बा…’ जैसे चुनावी रंग वाले गीत पर कार्यकर्ताओं ने जमकर डांस किया। कार्यक्रम को पार्टी के आगामी राजनीतिक अभियान की तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
‘मैं मंत्री नहीं, संतरी हूं’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कार्यकर्ताओं को पार्टी की ताकत बताया। उन्होंने कहा कि पहले निषाद समाज के लोग अपनी मांगों को लेकर सड़क पर थे, लेकिन अब उनकी आवाज सदन तक पहुंच रही है।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वह मंत्री नहीं बल्कि ‘संतरी’ हैं और असली मंत्री पार्टी के कार्यकर्ता हैं। उनके मुताबिक कार्यकर्ताओं की आवाज और उनके अधिकारों को सदन में उठाना उनकी जिम्मेदारी है।
संजय निषाद ने आरक्षण के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया और कहा कि निषाद पार्टी इस मामले में किसी तरह का समझौता नहीं करेगी।
आरक्षण के मुद्दे पर साफ संदेश
निषाद पार्टी लंबे समय से मछुआरा समाज और उससे जुड़े समुदायों के आरक्षण सहित अन्य मुद्दों को लेकर राजनीति करती रही है। लखनऊ के कार्यक्रम में भी आरक्षण का मुद्दा प्रमुख रहा।
संजय निषाद ने कहा कि आरक्षण की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे हैं। उन्होंने इसे केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं बल्कि समाज की एकता का प्रदर्शन बताया।
उन्होंने कहा कि मछुआरा समाज को राजनीति और सत्ता में उचित हिस्सेदारी मिलनी चाहिए। उनके मुताबिक जिस समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी, उसकी समस्याओं को सदन में मजबूती से उठाया जा सकेगा।

‘2027 में एक बटन दबाकर देंगे जवाब’
संजय निषाद ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी कार्यकर्ताओं में उत्साह भरने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग सेक्टर और जिलों से कार्यकर्ता कार्यक्रम में पहुंचे हैं और आने वाले चुनाव में जनता अपने वोट के जरिए अपनी समस्याओं का समाधान तलाशेगी।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर सक्रिय रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में मौजूद भीड़ और कार्यकर्ताओं का उत्साह पार्टी के लिए संगठनात्मक ताकत दिखाने का अवसर भी बना। मंच से आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी के विस्तार और राजनीतिक हिस्सेदारी का संदेश दिया गया।
75 जिलों और 403 विधानसभा सीटों पर नजर
निषाद पार्टी की ओर से कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के 75 जिलों और 403 विधानसभा सीटों में संगठन को मजबूत करने पर चर्चा की गई।
खास तौर पर उन विधानसभा क्षेत्रों पर ध्यान देने की बात कही गई, जहां पार्टी की संगठनात्मक पकड़ अभी कमजोर मानी जाती है। पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने और अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं को जोड़ने की जिम्मेदारी देने की तैयारी है।
पार्टी की ओर से यह भी कहा गया कि कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पदाधिकारियों को आगामी चुनाव में अहम जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।
जिलाध्यक्षों को दी गई थी जिम्मेदारी
कार्यक्रम को बड़ा बनाने के लिए पार्टी के जिला अध्यक्षों और पदाधिकारियों को अपने-अपने जिलों से कार्यकर्ताओं को लाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
कार्यक्रम स्थल के मुख्य द्वार पर ढोल-नगाड़ों के साथ कार्यकर्ताओं का स्वागत किया गया। मुख्य सड़क से लेकर कार्यक्रम स्थल तक पार्टी कार्यकर्ताओं की आवाजाही दिखाई दी।
संजय निषाद के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर उनका स्वागत किया। कई कार्यकर्ता उनके साथ सेल्फी लेते भी नजर आए।
2027 से पहले क्या संकेत?
उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। ऐसे में सभी राजनीतिक दल अपने संगठन और वोट बैंक को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। निषाद पार्टी का यह कार्यक्रम भी इसी राजनीतिक तैयारी का हिस्सा माना जा रहा है।
पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने सामाजिक आधार को राजनीतिक प्रभाव में बदलने की होगी। इसके लिए संगठन का विस्तार, आरक्षण जैसे मुद्दों को प्रमुखता देना और विधानसभा स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाना महत्वपूर्ण होगा।
हालांकि, कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ को सीधे चुनावी परिणाम का संकेत मानना जल्दबाजी होगी। चुनाव में किसी दल की वास्तविक ताकत का आकलन सीटों, उम्मीदवारों, गठबंधन और मतदाताओं के अंतिम रुझान से ही होगा।
लखनऊ में निषाद पार्टी का 11वां स्थापना दिवस कार्यक्रम राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण रहा। संजय निषाद ने कार्यकर्ताओं को पार्टी की असली ताकत बताते हुए आरक्षण, राजनीतिक हिस्सेदारी और संगठन विस्तार के मुद्दों पर जोर दिया। ’27 में संजय निषाद सीएम बा…’ जैसे नारों और गीतों के बीच कार्यकर्ताओं का उत्साह साफ दिखाई दिया। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यह कार्यक्रम निषाद पार्टी के संगठन को प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों तक मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अब आने वाले महीनों में पार्टी की जमीनी सक्रियता यह तय करेगी कि यह शक्ति प्रदर्शन चुनावी राजनीति में कितना असर डाल पाता है।

