भोपाल: गुजरात के सूरत से उत्तर प्रदेश के कानपुर जा रही एक यात्री बस में मंगलवार रात अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। हादसा सरदारपुर नगर की भोपावर चौकी के पास हुआ। बस में आग लगते ही यात्रियों के बीच चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। कई यात्रियों ने किसी तरह बस के दरवाजे से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, जबकि कुछ यात्रियों को खिड़कियों के कांच तोड़कर बाहर निकलना पड़ा।
हादसे में कुछ यात्रियों को हल्की चोटें आने की जानकारी सामने आई है। वहीं, बस में रखा कई यात्रियों का सामान आग की चपेट में आने से जलकर राख हो गया।
धुआं निकलते ही चालक ने बस रोकी
जानकारी के मुताबिक, बस मंगलवार रात करीब 1:10 बजे सरदारपुर नगर की भोपावर चौकी से कुछ दूरी पर पहुंची थी। इसी दौरान बस से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया।
धुआं देखकर चालक ने बस रोक दी। इसके बाद चालक के मौके से चले जाने की बात यात्रियों ने बताई। बस रुकते ही यात्रियों को खतरे का एहसास हुआ और देखते ही देखते बस के अंदर अफरा-तफरी मच गई।
कुछ यात्रियों ने मुख्य दरवाजे से बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन आग और धुएं के कारण बस से बाहर निकलना आसान नहीं था। ऐसे में कुछ यात्रियों ने खिड़कियों के कांच तोड़ दिए और उसी रास्ते से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई।
8 साल के बेटे को खिड़की से निकाला
हादसे के दौरान सबसे ज्यादा डरावना पल उन यात्रियों के लिए रहा, जिनके साथ छोटे बच्चे सफर कर रहे थे।
कानपुर निवासी नीलम पाल अपने आठ वर्षीय बेटे के साथ गांव जा रही थीं। उन्होंने बताया कि अचानक बस में धुआं भरने लगा। स्थिति बिगड़ती देखकर उन्होंने पहले अपने बेटे को खिड़की से बाहर निकाला और इसके बाद खुद भी किसी तरह बस से बाहर निकल आईं।
नीलम के मुताबिक, इस हादसे में बस में रखा उनका बैग भी जल गया। बैग में रुपये, चांदी की पायजेब, कपड़े और अन्य जरूरी सामान रखा था।
अन्य यात्रियों ने भी बताया कि आग लगने के बाद उन्हें अपना सामान निकालने का मौका तक नहीं मिला। कई लोग जान बचाने के लिए बस से बाहर निकलने में जुट गए।

दाहोद के पास चार घंटे रुकी थी बस
यात्रियों के अनुसार, बस का नंबर UP 83 BT 3947 बताया गया है। यह बस सूरत और गुजरात के अलग-अलग स्थानों से यात्रियों को लेकर कानपुर की ओर जा रही थी।
यात्रियों ने दावा किया कि गुजरात के दाहोद के पास एक होटल पर बस को करीब चार घंटे तक रोका गया था। इस दौरान बस में कुछ काम भी कराया गया। इसके बाद बस अपनी आगे की यात्रा पर रवाना हुई।
बस में आग लगने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। आग तकनीकी खराबी के कारण लगी या इसके पीछे कोई अन्य वजह थी, यह जांच के बाद ही सामने आएगा।
पुलिस और दमकल टीम मौके पर पहुंची
बस में आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। सरदारपुर एसडीओपी विश्वदीप सिंह परिहार और थाना प्रभारी अनिल जाधव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
आग तेजी से फैलने के कारण सड़क पर भी यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने मार्ग के एक हिस्से पर यातायात रोक दिया और वाहनों को दूसरी तरफ से निकालने की व्यवस्था की।
कुछ ही समय में दमकल वाहन और एंबुलेंस भी मौके पर पहुंच गए। हालांकि, तब तक बस काफी हद तक आग की चपेट में आ चुकी थी।
अग्निशमन दल ने काफी प्रयास के बाद बस में लगी आग पर काबू पाया।
कई यात्रियों का सामान जलकर राख
हादसे में यात्रियों को सबसे ज्यादा नुकसान उनके सामान का हुआ। अचानक आग लगने के कारण ज्यादातर यात्रियों को अपना सामान निकालने का समय नहीं मिला।
कपड़े, नकदी, आभूषण और अन्य जरूरी सामान बस के अंदर ही रह गया और आग में जल गया। यात्रियों के लिए यह हादसा सिर्फ जान बचाने की जद्दोजहद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके सफर के दौरान जमा किया सामान भी देखते ही देखते राख हो गया।
कुछ यात्रियों को हल्की चोटें आने की जानकारी है। घायलों को उपचार के लिए भेजा गया।
यात्रियों को दूसरी बसों से भेजने की व्यवस्था
हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने यात्रियों की आगे की यात्रा को लेकर भी व्यवस्था शुरू की।
पुलिस द्वारा इंदौर की ओर जाने वाली यात्री बसों को रुकवाकर यात्रियों को उनकी जरूरत और गंतव्य के अनुसार दूसरी बसों में बैठाने की व्यवस्था की जा रही है।
इससे हादसे के बाद सड़क पर फंसे यात्रियों को आगे की यात्रा जारी रखने में मदद मिल सकेगी।
आग लगने की वजह पर अभी सवाल
बस में आग आखिर किस वजह से लगी, इसको लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। यात्रियों के मुताबिक, बस को दाहोद के पास कई घंटे रोककर उसमें काम भी कराया गया था। इसके बाद यात्रा दोबारा शुरू हुई और कुछ समय बाद आग लग गई।
क्या बस में पहले से कोई तकनीकी खराबी थी? क्या मरम्मत के बाद कोई समस्या रह गई? या आग लगने की वजह कोई अन्य तकनीकी कारण था? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही मिल पाएगा।
फिलहाल पुलिस और संबंधित अधिकारी हादसे के कारणों की जानकारी जुटा रहे हैं।

