देहरादून: राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के युवाओं के लिए 27 अगस्त का दिन खास रहने वाला है। प्रदेश के 13 प्रमुख शिक्षण संस्थानों में ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को खेलों से जोड़ने, उनकी भागीदारी बढ़ाने और देश के खेल क्षेत्र में हो रहे बदलावों से परिचित कराने की कोशिश की जाएगी।
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन होगा। प्रधानमंत्री देशभर के करीब 1,600 स्थानों पर मौजूद 8 लाख से अधिक युवाओं से संवाद करेंगे। उत्तराखंड में भी बड़ी संख्या में युवा इस कार्यक्रम से जुड़ेंगे।
खेल और युवाओं की भूमिका पर होगी चर्चा
‘खेलो इंडिया संवाद’ का उद्देश्य केवल खेल प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं है। इसके जरिए युवाओं को खेलों के क्षेत्र में बदलते अवसरों, नेतृत्व क्षमता, युवा सहभागिता और देश के विकास में उनकी भूमिका से जोड़ने की योजना है।
उत्तराखंड के कार्यक्रमों में युवा खेलों के विकास और प्रदेश में तैयार हो रहे खेल इकोसिस्टम को लेकर भी चर्चा करेंगे। कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को पिछले करीब 12 वर्षों में खेल क्षेत्र में हुए बदलावों और देश में विकसित हो रहे खेल ढांचे की जानकारी दी जाएगी।
प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद स्थानीय स्तर पर भी युवा संवाद आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रतिभागी खेल और युवा विकास से जुड़े विषयों पर अपनी बात रख सकेंगे।
27 अगस्त को क्यों हो रहा है आयोजन?
राष्ट्रीय खेल दिवस हर वर्ष 29 अगस्त को महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है।
इसी अवसर को ध्यान में रखते हुए देशभर में 27 अगस्त को ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य युवा खिलाड़ियों, खेल से जुड़े लोगों और देश के भविष्य माने जाने वाले युवाओं को एक मंच पर जोड़ना है।
उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में इस कार्यक्रम का महत्व और भी बढ़ जाता है, क्योंकि यहां के युवाओं में विभिन्न खेलों को लेकर लंबे समय से रुचि रही है।

उत्तराखंड के 13 संस्थानों में होगा कार्यक्रम
प्रदेश में कार्यक्रम के लिए 13 प्रमुख शिक्षण संस्थानों का चयन किया गया है। इनमें अलग-अलग जिलों के कॉलेज और विश्वविद्यालय शामिल हैं।
कार्यक्रम इन संस्थानों में आयोजित किया जाएगा:
- राजकीय पीजी कॉलेज कर्णप्रयाग
- ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय, देहरादून
- देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार
- एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर
- डीवीएस कॉलेज, देहरादून
- फीनिक्स विश्वविद्यालय, रुड़की
- एशियन एकेडमी, पिथौरागढ़
- सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा
- श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय, टिहरी
- उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी
- पीजी कॉलेज, उत्तरकाशी
- पीजी कॉलेज, अगस्त्यमुनि
- पीजी कॉलेज, जखोली
इन केंद्रों पर स्थानीय स्तर पर युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की तैयारी की जा रही है।
सुबह 10 बजे तक पहुंचेंगे प्रतिभागी
कार्यक्रम में शामिल होने वाले अतिथियों और युवा प्रतिभागियों की उपस्थिति सुबह 10 बजे तक सुनिश्चित की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन के बाद स्थानीय स्तर पर युवा संवाद आयोजित होगा। इस दौरान युवा अपने अनुभव और विचार साझा कर सकेंगे।
कार्यक्रम में माय भारत स्वयंसेवक, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवक और स्थानीय खिलाड़ी भी शामिल होंगे।
इससे कार्यक्रम को केवल औपचारिक आयोजन के बजाय युवाओं की सक्रिय भागीदारी वाला मंच बनाने की कोशिश की जाएगी।
खेलों के साथ नेतृत्व पर भी जोर
कार्यक्रम में खेलों को युवाओं के व्यक्तित्व विकास और नेतृत्व क्षमता से जोड़कर देखने पर भी जोर रहेगा। खेल केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम नहीं हैं, बल्कि अनुशासन, टीम भावना, निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व जैसे गुण विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसी दृष्टिकोण के साथ ‘खेलो इंडिया संवाद’ में युवाओं को खेलों के क्षेत्र में उपलब्ध नए अवसरों और देश में विकसित हो रहे खेल इकोसिस्टम से परिचित कराया जाएगा।
विकसित भारत में युवाओं की भूमिका
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण विषय ‘विकसित भारत’ के निर्माण में युवाओं की भूमिका भी रहेगा।
उत्तराखंड के शिक्षण संस्थानों में होने वाले स्थानीय संवाद के दौरान युवा खेलों के अलावा शिक्षा, नेतृत्व, स्वयंसेवा और सामाजिक भागीदारी जैसे विषयों पर भी अपने विचार साझा कर सकते हैं।
इस पहल के जरिए युवाओं को यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि देश के विकास में उनकी भूमिका केवल पढ़ाई या रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल और सामाजिक सहभागिता के जरिए भी वे महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
राष्ट्रीय खेल दिवस से पहले युवाओं को मिलेगा बड़ा मंच
29 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय खेल दिवस से पहले आयोजित यह कार्यक्रम देशभर के युवाओं को खेलों से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा आयोजन होगा।
उत्तराखंड में 13 केंद्रों पर एक साथ होने वाले कार्यक्रमों से प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के युवाओं को प्रधानमंत्री के संबोधन से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा।

