मुंबई। कॉमेडियन समय रैना का चर्चित शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट’ एक बार फिर विवादों में घिर गया है। शुक्रवार को शो के सीजन 2 का एक नया एपिसोड रिलीज होने के बाद उसके कुछ हिस्से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे। एपिसोड में बिहार और कश्मीरी पंडितों से जुड़े कथित मजाक को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
विवाद उस बातचीत को लेकर है, जिसमें समय रैना और स्टैंड-अप कॉमेडियन शैरन वर्मा के बीच उनके क्षेत्रीय और पारिवारिक बैकग्राउंड को लेकर मजाक किया गया। हालांकि, पूरे मामले को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे कॉमेडी के दायरे में देख रहे हैं, जबकि कुछ लोगों ने इसे आपत्तिजनक बताया है।
बिहार को लेकर बातचीत से शुरू हुआ विवाद
एपिसोड में समय रैना ने शैरन वर्मा का परिचय कराते हुए उनके बिहार से होने को लेकर मजाक किया। इसी दौरान बिहार से जुड़े एक कथित मजाक के बाद शैरन वर्मा ने भी समय रैना की कश्मीरी पृष्ठभूमि को लेकर जवाब दिया।
बातचीत आगे बढ़ी तो दोनों ने एक-दूसरे की क्षेत्रीय पहचान को लेकर मजाक जारी रखा। इसी क्रम में बिहार से मुंबई आने और नौकरी की तलाश से जुड़े संदर्भ भी बातचीत का हिस्सा बने।
इसके बाद सोशल मीडिया पर शो के इन हिस्सों की क्लिप साझा होने लगीं और देखते ही देखते यह चर्चा का विषय बन गई।
कश्मीरी पंडितों को लेकर भी उठे सवाल
विवाद सिर्फ बिहार से जुड़ी टिप्पणियों तक सीमित नहीं रहा। समय रैना की कश्मीरी पृष्ठभूमि से जुड़े मजाक को लेकर भी प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
कश्मीरी पंडित समुदाय से जुड़े लोगों के संदर्भ में कथित टिप्पणियों को लेकर कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि कॉमेडी के नाम पर किसी समुदाय की पहचान को किस हद तक मजाक का विषय बनाया जाना उचित है।
दूसरी ओर, कुछ लोगों का कहना है कि कॉमेडी शो में कलाकार अक्सर एक-दूसरे की पृष्ठभूमि और पहचान को लेकर व्यंग्य करते हैं। इसलिए किसी क्लिप को पूरे शो के संदर्भ से अलग देखकर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

BJP विधायक राम कदम ने साधा निशाना
बीजेपी विधायक राम कदम ने कथित टिप्पणियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग सिर्फ पब्लिसिटी हासिल करने के लिए जानबूझकर विवाद पैदा करने वाली बातें करते हैं।
राम कदम ने कहा कि समाज में ऐसी ताकतों को समझने की जरूरत है, जिनका मकसद विवादित बयान या आपत्तिजनक सामग्री के जरिए चर्चा में आना होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि सनातन हिंदू धर्म से जुड़े देवी-देवताओं और कश्मीरी पंडितों को मजाक का विषय नहीं बनाया जा सकता।
उनके मुताबिक, किसी आपत्तिजनक हरकत के बाद केवल माफी मांगना पर्याप्त नहीं होना चाहिए, क्योंकि तब तक संबंधित व्यक्ति को व्यापक प्रचार मिल चुका होता है।
कश्मीरी पंडित ने कहा- ज्यादा महत्व देने की जरूरत नहीं
हालांकि, हर प्रतिक्रिया विवाद के खिलाफ नहीं रही। समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में एक कश्मीरी पंडित ने इस मामले को अलग नजरिए से देखा।
उन्होंने कहा कि समय रैना और शैरन वर्मा के बीच हुई बातचीत को बहुत ज्यादा महत्व देने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह एक कॉमेडी शो था। उनके मुताबिक, कॉमेडी कार्यक्रमों में कलाकारों के बीच मजाक-मस्ती होती रहती है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई कश्मीरी पंडित देश के किसी दूसरे हिस्से में जाकर रहता या काम करता है, तो यह उसका मौलिक अधिकार है। इसी तरह बिहार का कोई व्यक्ति भी नौकरी या किसी अन्य कारण से मुंबई या देश के किसी भी हिस्से में जा सकता है।
उनका कहना था कि शो में हुई बातचीत को व्यक्तिगत रूप से लेने के बजाय इसे कॉमेडी के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
एपिसोड की क्लिप सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की राय बंटी हुई दिखाई दे रही है। एक तरफ कुछ यूजर्स ने कथित टिप्पणियों की आलोचना करते हुए कार्रवाई की मांग की, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों ने इसे कॉमेडी और व्यंग्य का हिस्सा बताया।
इस पूरे विवाद में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि कॉमेडी और आपत्तिजनक टिप्पणी के बीच की सीमा आखिर कहां तय की जाए। किसी भी शो में हास्य और व्यंग्य की स्वतंत्रता के साथ यह जिम्मेदारी भी जुड़ी रहती है कि किसी समुदाय या पहचान को लेकर की गई टिप्पणी का सामाजिक प्रभाव क्या हो सकता है।
फिलहाल इस मामले में सोशल मीडिया पर बहस जारी है और शो के वायरल हिस्सों को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

