काठमांडू। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। कई इलाकों में घर, सड़कें, वाहन और सरकारी-निजी इमारतें मलबे में दब गईं। इस तबाही के बीच त्रिशूली इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी का ध्यान खींच लिया। बाढ़ के मलबे में दबे एक बैंक से नेपाल पुलिस ने करोड़ों रुपये मूल्य का सोना, बड़ी मात्रा में नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित निकाल लिए।
नेपाल पुलिस के मुताबिक, त्रिशूली स्थित कृषि विकास बैंक की त्रिशूली ढुंगे शाखा बाढ़ और मलबे की चपेट में आ गई थी। बैंक के बेसमेंट और आसपास के हिस्से में भारी मलबा जमा हो गया था। इसके नीचे बैंक के लॉकर और अन्य महत्वपूर्ण सामान फंस गए थे। इन्हें निकालना राहत एवं बचाव टीम के लिए बड़ी चुनौती बन गया था।
आठ घंटे चला ऑपरेशन, तब जाकर बाहर निकले लॉकर
नेपाल पुलिस के अनुसार, बैंक से कीमती सामान निकालने के लिए करीब आठ घंटे तक लगातार अभियान चलाया गया। बचाव दल ने मशीनों की मदद से पहले मलबा हटाया और बैंक के बेसमेंट तक पहुंचने का रास्ता बनाया।
इसके बाद वहां मौजूद लॉकरों को सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया। इन्हें जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया। पुलिस के मुताबिक बरामद सामान में करीब 1.5 करोड़ नेपाली रुपये नकद, अनुमानित 50 करोड़ रुपये मूल्य का सोना और महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं।
बाढ़ के बीच बैंक की संपत्ति को सुरक्षित निकालना इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि लगातार बारिश और मलबे के कारण घटनास्थल पर काम करना बेहद मुश्किल था।

नेपाल पुलिस ने जारी किया रेस्क्यू का वीडियो
नेपाल पुलिस ने इस पूरे अभियान का वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया है। वीडियो में बचावकर्मी बैंक परिसर से मलबा हटाते हुए नजर आ रहे हैं। मशीनों की सहायता से रास्ता बनाए जाने के बाद बैंक के बेसमेंट तक पहुंच बनाई जाती है।
इसके बाद लॉकरों को बाहर निकालकर मशीनों के जरिए सुरक्षित स्थान पर ले जाते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में पुलिसकर्मी लॉकरों की जांच करते हुए भी दिखाई देते हैं।
इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों का ध्यान इस बात पर गया कि इतनी बड़ी मात्रा में सोना और नकदी बाढ़ के बीच बैंक परिसर में किस तरह सुरक्षित बची रही।
पहले भी नदी में बहकर पहुंची थी बैंक की तिजोरी
नेपाल में बाढ़ के दौरान बैंक की संपत्ति से जुड़ा एक और हैरान करने वाला मामला सामने आया था। रिपोर्ट के मुताबिक, रसुवा और ऊपरी इलाकों में बाढ़ की चपेट में आने के बाद एक बैंक की तिजोरी बहकर त्रिशूली नदी के रास्ते धाड़िंग तक पहुंच गई थी।
तिजोरी के क्षतिग्रस्त होने के बाद कथित तौर पर कुछ लोग उसमें रखी नकदी निकालने लगे। संयुक्त गश्ती दल ने मौके पर कार्रवाई करते हुए कई संदिग्धों को हिरासत में लिया।
अधिकारियों के मुताबिक, संदिग्धों के पास से 92,68,505 नेपाली रुपये नकद बरामद किए गए। कुल 29 लोगों को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू की गई।
बाढ़ में शव से सोने की बालियां निकालने का भी आरोप
बाढ़ की त्रासदी के बीच मानवता को शर्मसार करने वाला एक अन्य मामला भी सामने आया। नेपाल पुलिस ने नारायणी नदी में बहकर आई एक महिला के शव से कथित तौर पर सोने की बालियां निकालने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया।
पुलिस के मुताबिक, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। करीब 41 सेकंड के वीडियो के आधार पर संदिग्धों की पहचान की गई। वीडियो में दो लोग महिला के शव को नदी से बाहर निकालते दिखाई देते हैं। आरोप है कि इसके बाद उन्होंने महिला के कानों से सोने की बालियां निकाल लीं।
राहत अभियान के साथ संपत्ति की सुरक्षा भी चुनौती
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के बाद राहत एवं बचाव अभियान बड़े पैमाने पर चलाया जा रहा है। जहां एक ओर सुरक्षाबल लोगों को मलबे और बाढ़ के पानी से निकालने में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर बैंकों, सरकारी संस्थानों और अन्य संवेदनशील स्थानों की संपत्ति को सुरक्षित रखना भी चुनौती बन गया है।
त्रिशूली बैंक से करोड़ों रुपये मूल्य का सोना और नकदी सुरक्षित निकालना इसी चुनौतीपूर्ण अभियान का हिस्सा है। पुलिस की कार्रवाई यह भी दिखाती है कि आपदा के दौरान सिर्फ लोगों की जान बचाना ही नहीं, बल्कि महत्वपूर्ण वित्तीय संपत्तियों और दस्तावेजों की सुरक्षा भी प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी बन जाती है।
नेपाल की भीषण बाढ़ ने जहां हजारों परिवारों के सामने जीवन और अस्तित्व का संकट खड़ा कर दिया है, वहीं त्रिशूली में बैंक के मलबे से करोड़ों रुपये का सोना और नकदी सुरक्षित निकालने की घटना राहत अभियान का एक अहम हिस्सा बन गई है। नेपाल पुलिस द्वारा जारी वीडियो में दिखा बचाव अभियान बताता है कि भारी मलबे के बीच बैंक की संपत्ति को सुरक्षित निकालने के लिए टीमों को कितनी मेहनत करनी पड़ी।

