नई दिल्ली। दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं के लिए सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। दिल्ली सरकार ने अपनी सौर ऊर्जा नीति में बड़ा संशोधन करते हुए 400 यूनिट तक मासिक बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं के घरों पर 3 किलोवाट तक का सोलर प्लांट मुफ्त लगाने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रेसवार्ता में बताया कि कैबिनेट ने दिल्ली सौर ऊर्जा नीति में किए गए संशोधनों को मंजूरी दे दी है। सरकार का दावा है कि इस बदलाव से ज्यादा से ज्यादा परिवार सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे और दिल्ली में बिजली उत्पादन का एक हिस्सा घरों की छतों से भी होने लगेगा।
सरकार ने केवल मुफ्त सोलर प्लांट लगाने का ही फैसला नहीं किया है, बल्कि इसके साथ रखरखाव और प्रोत्साहन राशि को लेकर भी उपभोक्ताओं के लिए कई राहतों का प्रावधान किया है।
400 यूनिट तक खपत वालों को सबसे बड़ा फायदा
नई नीति का सबसे अहम बिंदु उन घरेलू उपभोक्ताओं से जुड़ा है जिनकी मासिक बिजली खपत 400 यूनिट तक है।
ऐसे उपभोक्ताओं के घर पर 3 किलोवाट तक की क्षमता वाला सोलर प्लांट निःशुल्क लगाया जाएगा।
इससे उपभोक्ताओं को सोलर पैनल लगाने के लिए शुरुआती खर्च नहीं करना पड़ेगा। सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा घरेलू छतों का इस्तेमाल सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए किया जाए।
हालांकि, योजना का लाभ लेने की पात्रता और आवेदन से जुड़ी विस्तृत प्रक्रिया सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार होगी।
पांच साल तक रखरखाव की भी चिंता नहीं
सोलर प्लांट लगने के बाद उसके रखरखाव को लेकर भी उपभोक्ताओं को राहत दी गई है।
सरकार के अनुसार, जिस वेंडर द्वारा सोलर प्लांट लगाया जाएगा, वही अगले पांच वर्षों तक बिना किसी शुल्क के इसका रखरखाव करेगा।
इसका मतलब है कि उपभोक्ताओं को शुरुआती पांच वर्षों में सोलर सिस्टम की मेंटेनेंस लागत को लेकर अलग से खर्च नहीं करना होगा।
यह प्रावधान उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो सोलर पैनल लगाने के बाद उसकी तकनीकी देखभाल और मरम्मत के खर्च को लेकर चिंतित रहते हैं।

पांच साल की प्रोत्साहन राशि अब पहले मिलेगी
सरकार ने इंसेंटिव भुगतान की व्यवस्था में भी बदलाव किया है।
पहले पांच वर्षों तक मिलने वाली प्रोत्साहन राशि का भुगतान अब सोलर प्लांट इंस्टॉल होने के समय ही अग्रिम रूप से किए जाने का प्रावधान किया गया है।
सरकार का मानना है कि इससे उपभोक्ताओं को सोलर सिस्टम लगाने के लिए प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी और लंबे समय तक भुगतान का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
10 किलोवाट तक आवेदन शुल्क भी नहीं
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एक और राहत की घोषणा की गई है।
नई नीति के तहत 10 किलोवाट तक के घरेलू सोलर सिस्टम के लिए किसी भी प्रकार का आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा।
इससे सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया को सरल और कम खर्चीला बनाने की कोशिश की गई है।
बिजली सब्सिडी भी रहेगी जारी
सरकार के मुताबिक, सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं को मौजूदा बिजली सब्सिडी का लाभ भी जारी रहेगा।
यानी सोलर अपनाने के बाद उपभोक्ताओं की मौजूदा सब्सिडी व्यवस्था खत्म नहीं होगी।
इसके अलावा सोलर पैनल से जरूरत से ज्यादा बिजली पैदा होने पर उपभोक्ता नेट मीटरिंग व्यवस्था के जरिए अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेज सकते हैं।
इससे उपभोक्ताओं के लिए अतिरिक्त आय या बिजली खर्च में बचत का रास्ता भी बन सकता है।
सरकार का लक्ष्य 2.27 लाख सोलर पैनल
दिल्ली सरकार ने सौर ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के लिए बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है।
सरकार के आंकड़ों के अनुसार, फिलहाल दिल्ली में 10,073 छतों पर सोलर पैनल लगे हुए हैं और इनसे करीब 228 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है।
सरकार का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के अंत तक सौर ऊर्जा उत्पादन को 500 मेगावाट तक पहुंचाना है।
इसके साथ ही मार्च 2027 तक 2.27 लाख सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
PM सूर्य घर योजना में तेजी लाने की कोशिश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, दिल्ली में पीएम सूर्य घर योजना को अपेक्षित गति नहीं मिल रही थी।
सरकार ने इसकी वजहों की समीक्षा के बाद दिल्ली की सौर ऊर्जा नीति में बदलाव करने का निर्णय लिया।
नई व्यवस्था का उद्देश्य प्रक्रिया को ज्यादा आकर्षक बनाना और आम घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सोलर प्लांट लगाना आसान करना है।
सरकार का मानना है कि अगर बड़ी संख्या में घर अपनी छतों पर बिजली पैदा करने लगें तो इससे दिल्ली के बिजली ढांचे पर दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।
‘हर घर को ऊर्जा उत्पादक बनाना है’
ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य सिर्फ लोगों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि हर घर को ऊर्जा उत्पादक बनाना है।
सरकार के मुताबिक सौर ऊर्जा के विस्तार से उपभोक्ताओं को बिजली लागत में राहत मिल सकती है और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
अब सबसे बड़ी नजर इस बात पर होगी कि नई नीति के तहत आवेदन प्रक्रिया कब शुरू होती है और पात्र उपभोक्ताओं के घरों पर मुफ्त सोलर प्लांट लगाने का काम किस गति से आगे बढ़ता है।

