रांची। झारखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों और नियमावलियों की खामियों को देखते हुए राज्य सरकार अब पूरी प्रक्रिया को ज्यादा व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
सबसे खास बात यह है कि इस वर्ष दोनों आयोगों के माध्यम से कुल 23,610 पदों पर नियुक्ति होनी है। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में प्रस्तावित बदलाव लाखों अभ्यर्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
सरकार की कोशिश है कि नियमों की अस्पष्टता, परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों और पेपर लीक जैसी संभावनाओं को कम किया जाए। इसके लिए परीक्षा प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
आखिर क्यों बदलनी पड़ रही है परीक्षा नियमावली?
JPSC और JSSC से संबंधित कई नियुक्तियां पहले भी नियमावलियों में त्रुटियों के कारण प्रभावित होती रही हैं। कई बार भर्ती प्रक्रिया को स्थगित करना पड़ा तो कुछ मामलों में नियुक्तियां रद्द तक हुईं।
नियमों को लेकर विवाद अदालतों तक भी पहुंचते रहे हैं। इसके बाद न्यायालय के हस्तक्षेप या आदेश के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।
सरकार अब ऐसी स्थिति को दोबारा पैदा होने से रोकने के लिए नियुक्ति और परीक्षा नियमावलियों को अधिक स्पष्ट और व्यावहारिक बनाने पर जोर दे रही है।
यही कारण है कि विभिन्न विभागों को अपनी नियुक्ति नियमावलियों की खामियां दूर करने और आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए गए हैं।

सुधार के लिए बनी उच्चस्तरीय कमेटी
दोनों आयोगों की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए राज्य सरकार ने विकास आयुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय कमेटी गठित की है।
इस कमेटी में कार्मिक और वित्त विभाग के सचिवों को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
कमेटी का काम सिर्फ परीक्षा प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहेगा। आयोग के पदाधिकारियों और कर्मचारियों की सेवाशर्तों से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को सुझाव दिए जाएंगे।
इसके अलावा आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति तथा उनकी सेवाशर्तों को लेकर भी कमेटी सुझाव देगी।
पेपर लीक रोकने के लिए CBT पर जोर
परीक्षा में पेपर लीक जैसी संभावनाओं को कम करने के लिए सरकार कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी CBT मोड को बढ़ावा देने पर विचार कर रही है।
JSSC की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।
यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो बड़ी संख्या में परीक्षाएं पारंपरिक कागजी तरीके के बजाय कंप्यूटर आधारित माध्यम से आयोजित की जा सकती हैं।
इसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी सुरक्षा बढ़ाने के साथ प्रश्नपत्र से जुड़ी संभावित अनियमितताओं को कम करना है।
कई चरणों में हो सकती है प्रारंभिक परीक्षा
सरकार परीक्षा आयोजन के तरीके में भी बदलाव पर विचार कर रही है।
प्रारंभिक परीक्षा को एक ही दिन में कराने के बजाय कई चरणों में आयोजित करने का विकल्प सामने आया है। इससे एक ही दिन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की परीक्षा कराने का दबाव कम हो सकता है।
साथ ही परीक्षा प्रक्रिया को अलग-अलग चरणों में संचालित करने से प्रश्नपत्र की सुरक्षा और परीक्षा प्रबंधन को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, इन प्रस्तावों को अंतिम रूप देने के बाद ही स्पष्ट होगा कि किन परीक्षाओं में कौन-सी व्यवस्था लागू होगी।
सितंबर में हो सकता है बड़ा फैसला
परीक्षा सुधारों को लेकर सितंबर का महीना काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संभावना है कि इसी दौरान आयोगों की कार्यप्रणाली, परीक्षा आयोजन और नियुक्ति नियमावलियों में आवश्यक बदलावों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएं।
इसका सीधा असर आने वाली भर्ती परीक्षाओं पर पड़ सकता है। ऐसे में JPSC और JSSC की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को आधिकारिक घोषणाओं पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
23,610 पदों पर होने वाली है भर्ती
इस साल JPSC और JSSC के माध्यम से कुल 23,610 पदों पर नियुक्ति प्रस्तावित है।
इनमें:
- JPSC के माध्यम से 1,645 पद
- JSSC के माध्यम से 21,965 पद
पर नियुक्ति होनी है।
इन आंकड़ों में पहले से विज्ञापित पदों के साथ-साथ विभिन्न विभागों की ओर से भेजी गई वे अधियाचनाएं भी शामिल हैं, जिनका अभी तक विज्ञापन प्रकाशित नहीं हुआ है।
JPSC में 1,645 पदों का पूरा हिसाब
JPSC में कुल 1,645 पदों पर नियुक्ति की योजना है।
इनमें 798 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया चल रही थी, लेकिन इन पदों से जुड़ी प्रक्रिया पर रोक या स्थगन की स्थिति बनी हुई है।
वहीं, 847 पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया जाना बाकी है।
इसका मतलब है कि JPSC के स्तर पर भी आने वाले समय में नई भर्ती प्रक्रिया देखने को मिल सकती है।
JSSC में 21,965 पदों पर नजर
JSSC के माध्यम से सबसे ज्यादा 21,965 पदों पर नियुक्ति होनी है।
इनमें 20,206 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है, जबकि 1,759 पदों पर विज्ञापन प्रकाशित किया जाना बाकी है।
इतनी बड़ी संख्या में पदों पर नियुक्ति होने के कारण परीक्षा व्यवस्था में सुधार का फैसला अभ्यर्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
अभ्यर्थियों के लिए क्या बदलेगा?
अगर प्रस्तावित सुधार लागू होते हैं तो आने वाली परीक्षाओं में अभ्यर्थियों को पहले की तुलना में अलग परीक्षा प्रणाली का सामना करना पड़ सकता है।
CBT मोड, कई चरणों में परीक्षा और स्पष्ट नियमावली से परीक्षा प्रक्रिया अधिक तकनीकी और व्यवस्थित हो सकती है।
हालांकि, अभ्यर्थियों को किसी भी बदलाव को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट जानकारी पर भरोसा करने के बजाय आयोग और राज्य सरकार की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए।

