गांधीनगर/मुंबई: वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027 की तैयारियों के बीच गुजरात सरकार ने बड़े औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने की दिशा में अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने मुंबई में महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा से मुलाकात की। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में गुजरात में महिंद्रा ग्रुप के विस्तार, इलेक्ट्रिक व्हीकल यानी EV इकोसिस्टम और GIFT City में संभावित मौजूदगी को लेकर अहम चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बैठक की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि आनंद महिंद्रा के साथ बातचीत में गुजरात में महिंद्रा ग्रुप के निवेश को बढ़ाने और भविष्य के कारोबारी अवसरों की संभावनाएं तलाशने पर सकारात्मक चर्चा हुई।
EV सेक्टर पर सबसे ज्यादा फोकस
बैठक में इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा। भारत में तेजी से बढ़ते EV बाजार के बीच गुजरात खुद को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और उससे जुड़े मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
महिंद्रा ग्रुप पहले से ही ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसे में गुजरात में कंपनी की EV से जुड़ी गतिविधियों का विस्तार राज्य के औद्योगिक परिदृश्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
बातचीत में अगली पीढ़ी की मोबिलिटी तकनीक और फ्यूचर मोबिलिटी सॉल्यूशंस को लेकर भी संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया गया। इसका मतलब सिर्फ इलेक्ट्रिक कारों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में बैटरी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट मोबिलिटी और इससे जुड़े सप्लाई चेन नेटवर्क जैसे क्षेत्रों में भी अवसर पैदा हो सकते हैं।
GIFT City में महिंद्रा ग्रुप की एंट्री पर चर्चा
मुख्यमंत्री और आनंद महिंद्रा की बातचीत का दूसरा बड़ा मुद्दा गुजरात की GIFT City रहा। गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी को देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय वित्तीय और कारोबारी केंद्रों में विकसित किया जा रहा है।
ऐसे में GIFT City में महिंद्रा ग्रुप की मौजूदगी बढ़ाने या नई गतिविधियां स्थापित करने की संभावना राज्य के लिए रणनीतिक महत्व रखती है। वित्तीय सेवाओं, निवेश, फिनटेक और कॉरपोरेट गतिविधियों के विस्तार के लिहाज से GIFT City लगातार निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रही है।
यदि महिंद्रा ग्रुप यहां अपनी गतिविधियों का विस्तार करता है, तो इससे गुजरात के वित्तीय सेवा क्षेत्र को और मजबूती मिलने की उम्मीद की जा सकती है।

गुजरात के इंफ्रास्ट्रक्चर को बताया निवेश की ताकत
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुजरात के मजबूत बुनियादी ढांचे और औद्योगिक माहौल को भी निवेश के लिए महत्वपूर्ण आधार बताया। राज्य सरकार के मुताबिक गुजरात में पोर्ट-लेड लॉजिस्टिक्स, बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक बुनियादी ढांचा और निवेश समर्थक नीतियां मौजूद हैं।
ऑटोमोबाइल और EV जैसे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में लॉजिस्टिक्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। कच्चे माल से लेकर तैयार वाहनों और कलपुर्जों की सप्लाई तक मजबूत परिवहन नेटवर्क कंपनियों की लागत और संचालन क्षमता को प्रभावित करता है।
इसी वजह से गुजरात सरकार अपनी औद्योगिक नीतियों और इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक कंपनियों के सामने प्रमुख निवेश आकर्षण के रूप में पेश कर रही है।
Vibrant Gujarat 2027 पर सरकार का बड़ा फोकस
वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027 को राज्य सरकार बड़े निवेश प्रस्तावों और नई औद्योगिक साझेदारियों के लिए महत्वपूर्ण मंच के तौर पर देख रही है। मुंबई में बड़े उद्योगपतियों और कारोबारी समूहों के साथ मुख्यमंत्री की मुलाकातें इसी तैयारी का हिस्सा हैं।
EV, ग्रीन मोबिलिटी, मैन्युफैक्चरिंग, फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी और भविष्य की तकनीकों पर फोकस करके गुजरात सरकार निवेश के नए क्षेत्रों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है।
मुख्यमंत्री ने इस पूरी पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य से भी जोड़ा। उनका कहना है कि गुजरात उद्योग जगत के लिए ऐसा फ्यूचर-रेडी इकोसिस्टम तैयार कर रहा है, जिसमें इनोवेशन और सस्टेनेबल विकास को बढ़ावा मिले।
निवेश के लिहाज से क्यों अहम है यह मुलाकात?
भूपेंद्र पटेल और आनंद महिंद्रा की बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि महिंद्रा ग्रुप देश के प्रमुख औद्योगिक समूहों में शामिल है। ऐसे में गुजरात में कंपनी के निवेश या विस्तार की संभावनाएं राज्य के ऑटोमोबाइल और EV सेक्टर को नई गति दे सकती हैं।
हालांकि, बैठक में चर्चा और संभावनाओं को तत्काल निवेश घोषणा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। फिलहाल सामने आई जानकारी के मुताबिक बातचीत निवेश के नए अवसरों, EV इकोसिस्टम और GIFT City में मौजूदगी बढ़ाने की संभावनाओं पर केंद्रित रही।
आने वाले समय में यदि इन चर्चाओं से ठोस निवेश प्रस्ताव सामने आते हैं, तो Vibrant Gujarat 2027 के दौरान गुजरात को इसका बड़ा फायदा मिल सकता है।

