Close Menu
Newsofindia TvNewsofindia Tv

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    नवजातों की ढाल क्यों कमजोर पड़ रही? 6 महीने तक मां का दूध पिलाने की दर में भारी गिरावट, डायरिया के मामले बढ़े

    September 4, 2026

    जन्माष्टमी पर दिल्ली-NCR में बारिश का तांडव! IGI एयरपोर्ट T3 फोरकोर्ट बना तालाब, पानी में फंसे यात्री

    September 4, 2026

    72 घंटे का अल्टीमेटम… थाने के बाहर डटे नेता, निशु आजाद केस में आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस को घेरा

    September 4, 2026
    Facebook Instagram YouTube
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    Newsofindia TvNewsofindia Tv
    Facebook Instagram YouTube
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • राजनीति
    • अपराध
    • खेल
    • मनोरंजन
    Newsofindia TvNewsofindia Tv
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राज्य
    • राजनीति
    • अपराध
    • खेल
    • मनोरंजन
    Home»देश»अंतरिक्ष में भारत की बड़ी छलांग! GSLV-F17 ने लॉन्च किया ‘बाज’ EOS-05, अब अंतरिक्ष से होगी देश की पैनी निगरानी
    देश

    अंतरिक्ष में भारत की बड़ी छलांग! GSLV-F17 ने लॉन्च किया ‘बाज’ EOS-05, अब अंतरिक्ष से होगी देश की पैनी निगरानी

    Chandra JyotiBy Chandra JyotiSeptember 4, 2026No Comments4 Mins Read
    Share
    Facebook Twitter Threads Copy Link Telegram WhatsApp Email

    नई दिल्ली/श्रीहरिकोटा: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करने का दावा किया है। 4 सितंबर 2026 को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC) से GSLV-F17 के जरिए अत्याधुनिक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह EOS-05 को अंतरिक्ष में भेजा गया। इस मिशन को भारत की निगरानी, पृथ्वी अवलोकन और हाई-रिजॉल्यूशन इमेजिंग क्षमताओं के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया जा रहा है।

    इस प्रक्षेपण के साथ एक बार फिर दुनिया की नजर भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम पर टिक गई है। मिशन की खासियत सिर्फ सैटेलाइट को कक्षा में स्थापित करना नहीं है, बल्कि EOS-05 जैसी अत्याधुनिक प्रणाली के जरिए पृथ्वी की सतह की लगातार और विस्तृत निगरानी की क्षमता को मजबूत करना भी है।

    श्रीहरिकोटा से हुई ऐतिहासिक लॉन्चिंग

    GSLV-F17 ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से उड़ान भरी। प्रक्षेपण के बाद रॉकेट ने EOS-05 को निर्धारित कक्षा की ओर पहुंचाया।

    ISRO के मुताबिक उपग्रह को आवश्यक कक्षा में सटीकता के साथ स्थापित किया गया। इस मिशन के सफल होने से वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के बीच उत्साह का माहौल बना।

    ISRO प्रमुख डॉ. वी. नारायणन ने मिशन की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि GSLV-F17 ने उन्नत पृथ्वी अवलोकन उपग्रह EOS-05 को इच्छित और आवश्यक कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया।

    EOS-05 क्यों है इतना खास?

    इस मिशन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा EOS-05 अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है। इसे पृथ्वी की सतह की निगरानी और इमेजिंग के लिए डिजाइन किया गया है।

    उपग्रह की क्षमताएं भारत को पृथ्वी से जुड़ी गतिविधियों और विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों की निगरानी में मदद कर सकती हैं। हाई-क्वालिटी इमेजिंग के जरिए कृषि, आपदा प्रबंधन, शहरी विकास, पर्यावरण निगरानी और रणनीतिक जरूरतों जैसे क्षेत्रों में उपयोगी डेटा मिलने की संभावना रहती है।

    इसी वजह से EOS-05 को भारत की पृथ्वी अवलोकन क्षमता के लिए अहम मिशन माना जा रहा है।

    ‘बाज’ जैसी नजर से रखेगा निगरानी?

    EOS-05 को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसकी पृथ्वी अवलोकन क्षमता को लेकर है। सैटेलाइट से मिलने वाली तस्वीरें और डेटा भारत के लिए अलग-अलग क्षेत्रों की स्थिति को समझने में उपयोगी हो सकते हैं।

    सीमा और रणनीतिक क्षेत्रों की निगरानी में भी पृथ्वी अवलोकन उपग्रहों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। हालांकि किसी विशेष सैन्य या खुफिया उपयोग का दावा केवल आधिकारिक जानकारी के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

    यही वजह है कि इस मिशन को भारत की अंतरिक्ष आधारित निगरानी क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

    GSLV-F17 की ताकत भी कम नहीं

    इस मिशन में इस्तेमाल किया गया GSLV-F17 करीब 51.7 मीटर ऊंचा और लगभग 420.5 टन लिफ्टऑफ मास वाला प्रक्षेपण यान बताया गया है।

    मिशन निदेशक थॉमस कुरियन के मुताबिक यह GSLV द्वारा GTO या सब-GTO कक्षा में भेजे गए अब तक के सबसे भारी उपग्रहों में से एक महत्वपूर्ण मिशन है। उन्होंने कहा कि लॉन्च के कुछ मिनटों के पीछे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की महीनों और वर्षों की मेहनत होती है।

    GSLV कार्यक्रम की सफलता भारत के भारी उपग्रहों को अंतरिक्ष में पहुंचाने की क्षमता के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।

    सिर्फ कुछ मिनटों की उड़ान, पीछे वर्षों की मेहनत

    अंतरिक्ष मिशन का प्रक्षेपण भले ही कुछ ही मिनटों में पूरा हो जाता है, लेकिन इसके पीछे लंबी वैज्ञानिक प्रक्रिया होती है। रॉकेट की डिजाइनिंग, इंजन परीक्षण, सैटेलाइट निर्माण, सॉफ्टवेयर सिस्टम, ग्राउंड स्टेशन और लॉन्च से पहले की तमाम जांच कई चरणों में पूरी की जाती है।

    EOS-05 मिशन की सफलता भी इसी लंबे वैज्ञानिक और तकनीकी प्रयास का परिणाम है।

    भारत की अंतरिक्ष शक्ति को मिली नई मजबूती

    विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने मिशन की सफलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत की अंतरिक्ष क्षमताएं लगातार नई ऊंचाइयों तक पहुंच रही हैं और इससे वैश्विक अंतरिक्ष शक्ति के रूप में देश की स्थिति मजबूत हो रही है।

    भारत पिछले कुछ वर्षों में पृथ्वी अवलोकन, संचार, नेविगेशन और वैज्ञानिक अंतरिक्ष मिशनों के क्षेत्र में लगातार अपनी क्षमता बढ़ा रहा है। ऐसे में EOS-05 जैसे मिशन इस रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

    आगे क्या बदलेगा?

    EOS-05 से प्राप्त डेटा और इमेजिंग क्षमता का इस्तेमाल विभिन्न राष्ट्रीय जरूरतों में किया जा सकता है। प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत और बचाव की योजना बनाने से लेकर कृषि, मौसम संबंधी अध्ययन, भूमि उपयोग और बुनियादी ढांचे की निगरानी तक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    रणनीतिक दृष्टि से भी अंतरिक्ष आधारित निगरानी आधुनिक दौर में बेहद महत्वपूर्ण हो चुकी है। ऐसे में भारत की स्वदेशी सैटेलाइट और लॉन्च क्षमता मजबूत होना देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ाता है।

    कुल मिलाकर, GSLV-F17 और EOS-05 मिशन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ता है। आने वाले समय में इस उपग्रह से मिलने वाले डेटा और उसकी वास्तविक परिचालन क्षमताओं पर दुनिया की नजर रहेगी।

    Earth Observation Satellite EOS-05 EOS-05 Satellite GSLV GSLV-F17 India Space Mission Indian Space Research Organisation ISRO ISRO Latest News ISRO Mission Satellite Launch Satish Dhawan Space Centre Space News भारत की अंतरिक्ष शक्ति श्रीहरिकोटा
    Share. Facebook Twitter Telegram Email WhatsApp
    Chandra Jyoti
    Chandra Jyoti
    • Website

    Related Posts

    नवजातों की ढाल क्यों कमजोर पड़ रही? 6 महीने तक मां का दूध पिलाने की दर में भारी गिरावट, डायरिया के मामले बढ़े

    September 4, 2026

    जन्माष्टमी पर दिल्ली-NCR में बारिश का तांडव! IGI एयरपोर्ट T3 फोरकोर्ट बना तालाब, पानी में फंसे यात्री

    September 4, 2026

    72 घंटे का अल्टीमेटम… थाने के बाहर डटे नेता, निशु आजाद केस में आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस को घेरा

    September 4, 2026
    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisements
    • News of India Tv
    • Newsofindia TV
    क्रिकेट लाइव
    Live Cricket Scores
    आज का मौसम
    Widget weather
    शेयर बाज़ार
    Track all markets on TradingView
    राशिफल
    Top Posts

    ‘क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ी जा सकती है?’ अयोध्या से CM योगी का विपक्ष पर बड़ा हमला, हनुमानगढ़ी को लेकर दिया विवादित बयान

    July 10, 20265,566 Views

    महाराष्ट्र में UCC लागू होने की बड़ी तैयारी! CM फडणवीस ने बनाई समिति, 6 महीने में आएगी रिपोर्ट

    July 9, 2026596 Views

    होर्मुज में बढ़ा तनाव! भारतीय तेल टैंकर लौटाया गया, अमेरिका के हमले के बाद IDF हाई अलर्ट पर

    July 9, 2026513 Views
    About Us

    Newsofindia TV

    News of India TV is a trusted digital news platform committed to delivering fast, accurate, and unbiased news from across India and around the world. Our mission is to keep our readers informed with credible journalism, factual reporting, and timely updates on the issues that matter most.

    Trending

    नवजातों की ढाल क्यों कमजोर पड़ रही? 6 महीने तक मां का दूध पिलाने की दर में भारी गिरावट, डायरिया के मामले बढ़े

    By Chandra JyotiSeptember 4, 2026

    सहारनपुर। नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर सहारनपुर से सामने आए आंकड़े चिंता…

    Also Read

    नवजातों की ढाल क्यों कमजोर पड़ रही? 6 महीने तक मां का दूध पिलाने की दर में भारी गिरावट, डायरिया के मामले बढ़े

    September 4, 2026

    जन्माष्टमी पर दिल्ली-NCR में बारिश का तांडव! IGI एयरपोर्ट T3 फोरकोर्ट बना तालाब, पानी में फंसे यात्री

    September 4, 2026

    72 घंटे का अल्टीमेटम… थाने के बाहर डटे नेता, निशु आजाद केस में आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस को घेरा

    September 4, 2026
    Facebook Instagram YouTube
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    © 2026 ThemeSphere. Designed by ThemeSphere.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.