नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा में भारतीय त्योहारों को बड़े पर्दे पर दिखाने का सिलसिला पुराना रहा है। होली, दिवाली, दशहरा और लोहड़ी जैसे पर्व फिल्मों की कहानियों और गानों का हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन अब दर्शकों को एक ऐसे पर्व की भव्यता बड़े पर्दे पर देखने को मिलने वाली है, जो खासतौर पर बिहार, पूर्वांचल और उत्तर भारत के कई इलाकों में गहरी आस्था का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व है छठ पूजा।
सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया स्टारर फिल्म ‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ में छठ पूजा को कहानी के महत्वपूर्ण हिस्से के तौर पर दिखाया गया है। खास बात यह है कि फिल्म में इस पर्व को केवल एक उत्सव या बैकग्राउंड सीन की तरह नहीं रखा गया, बल्कि इसे फिल्म की कहानी और बिहार की लोक आस्थाओं से जोड़कर पेश किया गया है।
पहली बार बड़े पर्दे पर दिखेगी छठ पूजा की भव्यता
फिल्म से जुड़े दिए गए विवरण के मुताबिक, हिंदी सिनेमा में पहली बार छठ पूजा की भव्यता और इससे जुड़ी मान्यताओं को इतने प्रमुख तरीके से स्क्रीन पर उतारने की कोशिश की गई है।
फिल्म के टीजर में तमन्ना भाटिया को लाल साड़ी और नारंगी सिंदूर में नदी के घाट पर खड़े होकर छठी मैया और सूर्य देव को अर्घ्य देते हुए देखा गया है। यह दृश्य देखने में जितना पारंपरिक और आस्था से जुड़ा नजर आता है, उसी दौरान कहानी में एक डरावना मोड़ भी दिखाई देता है।
यही सीन दर्शकों के मन में सवाल खड़ा करता है कि आखिर छठ घाट पर ऐसा क्या होने वाला है और इस धार्मिक माहौल का फिल्म की सुपरनैचुरल कहानी से क्या संबंध है?
‘द वन’ की कहानी से क्या है छठ पूजा का कनेक्शन?
‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ की कहानी बिहार में स्थित एक ऐतिहासिक ‘वन देवी मंदिर’ के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म के टीजर में जंगल और उससे जुड़े रहस्यों की कुछ झलक दिखाई गई है, जिससे कहानी के सुपरनैचुरल और थ्रिलर पहलू का अंदाजा मिलता है।
फिल्म की कहानी में बिहार की लोककथाओं, पौराणिक मान्यताओं और स्थानीय संस्कृति को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इसी वजह से छठ पूजा को भी फिल्म की दुनिया का हिस्सा बनाया गया है।
छठ बिहार और पूर्वांचल की सांस्कृतिक पहचान से गहराई से जुड़ा पर्व है। ऐसे में फिल्म की कहानी को स्थानीय परिवेश से जोड़ने के लिए छठ पूजा का इस्तेमाल कहानी को और ज्यादा प्रामाणिक बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है।
तमन्ना भाटिया का छठ वाला सीन क्यों है खास?
फिल्म के टीजर में तमन्ना भाटिया का छठ पूजा वाला दृश्य सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाले हिस्सों में से एक है। वह घाट पर पारंपरिक अंदाज में सूर्य देव को अर्घ्य देती नजर आती हैं।
लेकिन इसी शांत और आस्था से भरे माहौल के बीच एक खौफनाक घटना दिखाई जाती है। यही विरोधाभास फिल्म के सस्पेंस को बढ़ाता है। एक तरफ छठ घाट की भव्यता, श्रद्धा और पारंपरिक माहौल है, तो दूसरी तरफ कहानी में छिपा रहस्य और डर।
दर्शकों के लिए यह जानना दिलचस्प होगा कि फिल्म की कहानी में छठ पूजा सिर्फ एक दृश्य है या इसके पीछे कोई बड़ा रहस्य भी जुड़ा हुआ है।
बिहार से है फिल्म के मेकर्स का कनेक्शन
फिल्म में बिहार की लोककथाओं और संस्कृति को जगह देने के पीछे एक व्यक्तिगत कनेक्शन भी बताया गया है। दिए गए विवरण के अनुसार, फिल्म के निर्देशक दीपक कुमार मिश्रा और अरुणाभ कुमार दोनों बिहार से हैं।
यही वजह है कि मेकर्स फिल्म की कहानी में बिहार की संस्कृति, लोक मान्यताओं और परंपराओं को वास्तविक रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं। उनका प्रयास है कि दर्शकों को सिर्फ एक सुपरनैचुरल थ्रिलर देखने को न मिले, बल्कि फिल्म के जरिए बिहार की सांस्कृतिक दुनिया की भी झलक मिले।
25 सितंबर को सिनेमाघरों में आएगी फिल्म
‘द वन: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट’ को लेकर दर्शकों के बीच अभी से उत्सुकता बनी हुई है। फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया प्रमुख भूमिकाओं में हैं और कहानी को सुपरनैचुरल थ्रिलर के रूप में पेश किया जा रहा है।
फिल्म 25 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। अब देखना दिलचस्प होगा कि छठ पूजा, बिहार की लोककथाओं और जंगल से जुड़े रहस्य को फिल्म की कहानी किस तरह आपस में जोड़ती है।
छठ पूजा के घाट का तमन्ना भाटिया वाला दृश्य पहले ही दर्शकों के बीच जिज्ञासा पैदा कर चुका है। ऐसे में फिल्म की रिलीज के बाद यह देखना अहम होगा कि पर्दे पर दिखाई गई यह सांस्कृतिक और रहस्यमय दुनिया दर्शकों को कितना प्रभावित करती है।

