हापुड़। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के बदनौली (सरावा) गांव में पुरानी रंजिश को लेकर हुई मारपीट, पथराव और फायरिंग की घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। घटना को गंभीरता से लेते हुए DIG कलानिधि नैथानी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया।
कानून-व्यवस्था और कथित पुलिस लापरवाही को लेकर CO सिटी अनिता चौहान और थाना हापुड़ नगर के प्रभारी निरीक्षक मनीष चौहान को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया गया। इस कार्रवाई के बाद जिले के पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई।
DIG के निरीक्षण के बाद पुलिस महकमे में बड़ा बदलाव
बदनौली गांव में हुई हिंसक घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। DIG के घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने के बाद पुलिस प्रशासन ने अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया।
क्षेत्राधिकारी नगर अनिता चौहान को क्षेत्राधिकारी कार्यालय भेजा गया है, जबकि क्षेत्राधिकारी अपराध दीपक चतुर्वेदी को नया क्षेत्राधिकारी नगर बनाया गया है। वहीं क्षेत्राधिकारी कार्यालय से जितेन्द्र कुमार शर्मा को क्षेत्राधिकारी अपराध की जिम्मेदारी दी गई है।
थाना स्तर पर भी बदलाव किया गया। हापुड़ नगर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक मनीष चौहान को पुलिस लाइन्स भेज दिया गया। उनकी जगह थाना कपूरपुर के प्रभारी निरीक्षक सुरेश को हापुड़ नगर का नया प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है।
इसके अलावा मीडिया सेल के प्रभारी उपनिरीक्षक अशोक कुमार सिंह को थाना कपूरपुर का थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
पूर्व प्रधान समेत पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए पूर्व प्रधान संदीप समेत पांच नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को बदनौली फाटक के पास से पकड़ा गया।
गिरफ्तार आरोपियों में बदनौली निवासी पूर्व प्रधान संदीप पुत्र अमरपाल, जगदीश पुत्र अमरपाल, विपिन पुत्र अमरपाल, सचिन पुत्र ओमपाल और कपिल पुत्र ओमपाल शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों से पूछताछ के साथ घटना में उनकी कथित भूमिका और इस्तेमाल किए गए हथियारों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।
तमंचा, कारतूस और स्कॉर्पियो बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक 315 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, यह हथियार घटना में इस्तेमाल किया गया था।
इसके अलावा आरोपियों से एक स्कॉर्पियो कार, नंबर UP 37 F 4474 भी बरामद की गई है। पुलिस अब बरामद हथियार और वाहन को मामले की जांच में अहम साक्ष्य के रूप में देख रही है।
दो साल पुरानी रंजिश ने लिया हिंसक रूप
पुलिस के अनुसार, शुक्रवार सुबह बदनौली गांव में दो पक्षों के बीच करीब दो साल पुरानी रंजिश को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते मामला मारपीट, पथराव और फायरिंग तक पहुंच गया।
शिकायत और पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी के मुताबिक, पूर्व प्रधान संदीप और उसके साथियों पर दूसरे पक्ष के लोगों को घेरकर मारपीट और फायरिंग करने के आरोप हैं।
घटना में मुनेश, विजय उर्फ बंटी, दीपक और अंकित के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
हालांकि, घटना की पूरी परिस्थितियों और प्रत्येक आरोपी की भूमिका का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा।
BNS और SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा
पुलिस ने मामले में मु0अ0सं0 520/2026 दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ SC/ST एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है।
पुलिस के अनुसार, मामले में BNS की धारा 191(2), 191(3), 190, 115(2), 352, 109(1), 351(3) और 125 समेत संबंधित धाराएं लगाई गई हैं।
पुलिस का कहना है कि मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
DIG की सख्ती के बाद कार्रवाई से मिला बड़ा संदेश
हापुड़ के बदनौली गांव में फायरिंग की घटना के बाद अधिकारियों पर हुई कार्रवाई और पांच आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस प्रशासन की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।
एक तरफ पुलिस विभाग ने कानून-व्यवस्था को लेकर अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया, वहीं दूसरी तरफ घटना में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। इससे साफ है कि वरिष्ठ अधिकारी मामले को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई के मूड में नहीं हैं।
अब जांच का फोकस घटना की पूरी वजह, फायरिंग में इस्तेमाल हथियार, दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश और घटना में शामिल अन्य लोगों की संभावित भूमिका पर रहेगा।

