नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के देवली एक्सटेंशन इलाके में गुरुवार देर शाम एक प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या किए जाने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान 46 वर्षीय देवेन्द्र गुप्ता के रूप में हुई है। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक हत्या के पीछे 10 लाख रुपये के लेन-देन का विवाद सामने आया है।
वारदात के बाद इस मामले में एक नया मोड़ तब आया, जब आरोपी बताए जा रहे 36 वर्षीय मोहिद ने तिगड़ी थाने पहुंचकर पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।
देवली एक्सटेंशन में हुई वारदात
पुलिस अधिकारियों के अनुसार घटना गुरुवार देर शाम देवली एक्सटेंशन इलाके में हुई। गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। देवेन्द्र गुप्ता को गोली लगने के बाद तत्काल अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस के मुताबिक देवेन्द्र के गले में गोली लगने का घाव मिला था। उन्हें इलाज के लिए बत्रा अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया।
आरोपी ने थाने पहुंचकर किया सरेंडर
मामले में सबसे अहम घटनाक्रम यह रहा कि हत्या के बाद आरोपी बताए जा रहे मोहिद ने खुद तिगड़ी थाने पहुंचकर सरेंडर कर दिया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी फाइनेंस का काम करता था और मृतक को कथित तौर पर 10 लाख रुपये दिए गए थे।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों के बीच पैसों को लेकर वास्तव में क्या विवाद था और घटना से पहले उनके बीच किस तरह की बातचीत या कहासुनी हुई थी।
10 लाख रुपये के लेन-देन का विवाद
दक्षिण जिला पुलिस के मुताबिक प्रारंभिक जांच में हत्या का संभावित कारण 10 लाख रुपये का वित्तीय विवाद बताया जा रहा है।
बताया गया है कि आरोपी मोहिद ने देवेन्द्र गुप्ता को 10 लाख रुपये दिए थे। पुलिस के सामने यह बात आई है कि रकम वापस नहीं मिलने को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था।
हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि मामले के मकसद को लेकर सामने आ रही अलग-अलग जानकारियों की जांच की जा रही है। इसलिए हत्या की अंतिम वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस को देसी कट्टा और खोखा मिला
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी के कब्जे से एक देसी कट्टा और कारतूस का एक खाली खोखा बरामद किया गया है।
अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद हथियार का इस्तेमाल इसी वारदात में हुआ था या नहीं। इसके लिए फोरेंसिक और बैलिस्टिक जांच की मदद ली जा रही है।
जांच एजेंसियां घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और हथियार को जांच के लिए भेज सकती हैं, ताकि गोलीबारी से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके।
CCTV और तकनीकी साक्ष्यों की जांच
हत्या की पूरी घटना को समझने के लिए पुलिस इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले मृतक और आरोपी की गतिविधियां क्या थीं और वारदात के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था।
इसके साथ ही पुलिस गवाहों के बयान भी दर्ज कर रही है। घटनास्थल से मिले फोरेंसिक साक्ष्यों और तकनीकी जानकारी को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच में CCTV फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्य, बैलिस्टिक रिपोर्ट और तकनीकी सबूतों को आपस में मिलाकर घटनाक्रम की पुष्टि की जा रही है।
हत्या के पीछे क्या था असली कारण?
फिलहाल पुलिस की शुरुआती जांच में 10 लाख रुपये के लेन-देन को हत्या का संभावित कारण माना जा रहा है। हालांकि अधिकारियों के अनुसार मामले के मकसद को लेकर अलग-अलग बातें भी सामने आई हैं।
ऐसे में पुलिस केवल आरोपी के बयान के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय दूसरे साक्ष्यों से घटनाक्रम की पुष्टि कर रही है।
जांच में यह भी अहम होगा कि मृतक और आरोपी के बीच पैसों को लेकर पहले से कोई विवाद था या घटना के दिन अचानक मामला बिगड़ा।
पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच
तिगड़ी थाना पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
फोरेंसिक टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया जा चुका है और प्रासंगिक साक्ष्यों को कब्जे में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ हत्या की परिस्थितियों और मकसद से जुड़े अन्य तथ्य सामने आ सकते हैं।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में उपलब्ध सभी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

