मुंबई। बॉक्स ऑफिस पर जब कोई फिल्म उम्मीदों से कहीं आगे निकल जाती है तो उसके बाद उससे जुड़ी हर उपलब्धि चर्चा में आ जाती है। कुछ ऐसा ही ‘हनुमान अंश’ के साथ हुआ है। सीमित बजट में बनी इस फिल्म ने पहले धीमी शुरुआत की, लेकिन दर्शकों की तारीफ और मजबूत वर्ड ऑफ माउथ के दम पर ऐसी रफ्तार पकड़ी कि इसकी कमाई 200 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई।
फिल्म की शानदार सफलता के बावजूद अब इससे जुड़ी एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने इसके प्रशंसकों को निराश कर दिया है। ‘हनुमान अंश’ भारत की ओर से ऑस्कर की बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म कैटेगरी में आधिकारिक एंट्री के लिए विचार किए जाने की दौड़ में शामिल नहीं हो पाएगी।
इसकी वजह फिल्म की कहानी, बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन या दर्शकों की पसंद नहीं, बल्कि ऑस्कर सबमिशन की डेडलाइन चूक जाना बताई गई है।
आखिर ऑस्कर की दौड़ से कैसे बाहर हुई ‘हनुमान अंश’?
फिल्म की प्रोड्यूसर नम्रता सिंह ने बॉलीवुड हंगामा के साथ बातचीत में इस पूरे मामले की जानकारी दी। उनसे जब पूछा गया कि फिल्म भारत की आधिकारिक ऑस्कर एंट्री के लिए क्यों नहीं भेजी गई, तो उन्होंने बताया कि टीम को सबमिशन प्रक्रिया और उसकी अंतिम तारीख की जानकारी नहीं थी।
प्रोड्यूसर के मुताबिक, टीम फिल्म की इंटरनेशनल रिलीज, तेलुगु डबिंग और रिलीज के बाद के दूसरे कामों में काफी व्यस्त थी। इसी दौरान ऑस्कर सबमिशन की डेडलाइन निकल गई।
उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म की टीम काफी छोटी है और इस वजह से कई काम एक साथ संभालना मुश्किल हो रहा था।
यानी जिस समय फिल्म की टीम उसकी सफलता और आगे की रिलीज को लेकर काम कर रही थी, उसी दौरान ऑस्कर सबमिशन की जरूरी समय-सीमा निकल गई।
‘हमें हजारों लोगों के फोन आए…’
नम्रता सिंह के मुताबिक, डेडलाइन निकलने के बाद टीम को बड़ी संख्या में लोगों के फोन और संदेश मिलने लगे। लोगों ने सवाल किया कि फिल्म को ऑस्कर के लिए सबमिट क्यों नहीं किया गया।
लेकिन टीम को खुद इस प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी।
प्रोड्यूसर ने बताया कि टीम को बाद में पता चला कि फिल्म को भारत की आधिकारिक एंट्री के तौर पर विचार किए जाने के लिए तय समय सीमा के भीतर सबमिट करना जरूरी था।
इस खुलासे ने फिल्म के प्रशंसकों को इसलिए भी निराश किया क्योंकि फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर असाधारण प्रदर्शन किया है।

सिर्फ 2 करोड़ के बजट से 200 करोड़ के पार पहुंची कमाई
‘हनुमान अंश’ की सबसे बड़ी खासियत इसका बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन है। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने भारत में अब तक 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की नेट कमाई कर ली है।
फिल्म की शुरुआत हालांकि बेहद धीमी रही थी। पहले दिन इसकी कमाई करीब 10 लाख रुपये बताई गई। शुरुआती दो सप्ताह में भी फिल्म कुछ खास कमाई नहीं कर पाई और इसकी कुल नेट कमाई लगभग 1.48 करोड़ रुपये तक ही पहुंची थी।
लेकिन इसके बाद कहानी पूरी तरह बदल गई।
16वें दिन बदली फिल्म की किस्मत
फिल्म को शुरुआत में भले ही धीमी प्रतिक्रिया मिली, लेकिन दर्शकों के बीच इसकी चर्चा बढ़ने लगी। वर्ड ऑफ माउथ ने धीरे-धीरे फिल्म को बड़ी संख्या में दर्शकों तक पहुंचाया।
रिपोर्ट के मुताबिक, 16वें दिन फिल्म की कमाई में अचानक बड़ा उछाल आया। इसके बाद फिल्म ने अगले कई सप्ताह तक अपनी पकड़ बनाए रखी।
तीसरे, चौथे और पांचवें सप्ताह में फिल्म ने शानदार प्रदर्शन किया। खास तौर पर चौथे सप्ताह में इसकी कमाई करीब 61 करोड़ रुपये, जबकि पांचवें सप्ताह में लगभग 90 करोड़ रुपये बताई गई।
यही लंबी बॉक्स ऑफिस रन फिल्म की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बन गई।
छठे वीकेंड में भी नहीं थमी रफ्तार
फिल्म की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रिलीज के 36वें दिन भी इसकी कमाई मजबूत बनी रही। रिपोर्ट के अनुसार, छठे वीकेंड के शुक्रवार को फिल्म ने करीब 10.50 करोड़ रुपये नेट कमाए।
इसके साथ ही भारत में फिल्म की कुल नेट कमाई 200 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई।
एक सीमित बजट वाली फिल्म के लिए यह प्रदर्शन खासा बड़ा माना जा रहा है।
नीम करौली बाबा के जीवन और शिक्षाओं से जुड़ी कहानी
‘हनुमान अंश’ की कहानी आध्यात्मिक गुरु नीम करौली बाबा के जीवन और उनकी शिक्षाओं से प्रेरित बताई गई है। फिल्म की विषय-वस्तु ने दर्शकों के एक खास वर्ग के बीच मजबूत जुड़ाव बनाया।
यही वजह रही कि शुरुआती धीमी कमाई के बावजूद फिल्म धीरे-धीरे दर्शकों के बीच चर्चा में आई और इसका बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया।
फिल्म को अब तेलुगु में भी डब किया गया है। प्रोड्यूसर के अनुसार टीम आगे अन्य भाषाओं और एक्सेसिबिलिटी से जुड़े काम पर भी ध्यान दे रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा दर्शक फिल्म तक पहुंच सकें।
क्या ऑस्कर का मौका पूरी तरह खत्म?
भारत की आधिकारिक एंट्री के लिए जरूरी सबमिशन की डेडलाइन चूक जाने के बाद फिल्म का उस प्रक्रिया में शामिल होना संभव नहीं रह जाता। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि फिल्म की लोकप्रियता या बॉक्स ऑफिस उपलब्धि कम हो गई है।
बल्कि ‘हनुमान अंश’ की कहानी इस बात का उदाहरण बन गई है कि कभी-कभी फिल्म की सफलता सिर्फ बड़े बजट, बड़े सितारों या शुरुआती ओपनिंग पर निर्भर नहीं करती। मजबूत कंटेंट और दर्शकों की प्रतिक्रिया भी किसी फिल्म को लंबे समय तक सिनेमाघरों में बनाए रख सकती है।

