नई दिल्ली: अगर आप सोना खरीदने की तैयारी कर रहे हैं या पिछले कुछ दिनों से Gold Rate पर नजर बनाए हुए हैं, तो 21 सितंबर 2026 का अपडेट आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सप्ताह की शुरुआत में घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में नरमी देखने को मिली। अलग-अलग बाजारों में गिरावट की मात्रा अलग रही, लेकिन सोना अब भी बेहद ऊंचे स्तरों पर कारोबार कर रहा है। दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के रिटेल भाव में मामूली बदलाव दर्ज किया गया।
दिल्ली में कितना हुआ सोना सस्ता?
दिल्ली में 21 सितंबर को 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1,55,980 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। इससे एक दिन पहले यह भाव ₹1,55,990 प्रति 10 ग्राम था। यानी 24 कैरेट सोने में लगभग ₹10 प्रति 10 ग्राम की मामूली कमी दर्ज हुई।
वहीं 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,42,990 प्रति 10 ग्राम रहा। 18 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1,16,985 प्रति 10 ग्राम और 14 कैरेट सोने की दर लगभग ₹90,988 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। ये शहरवार संकेतात्मक रिटेल दरें हैं और वास्तविक खरीदारी के समय ज्वेलर के बिल में टैक्स और मेकिंग चार्ज अलग से जुड़ सकते हैं।
मुंबई में क्या रहा सोने का भाव?
मुंबई में भी सोमवार को सोने की कीमतों में मामूली नरमी देखने को मिली। यहां 24 कैरेट सोना ₹1,55,830 प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा। एक दिन पहले इसका भाव ₹1,55,840 प्रति 10 ग्राम था।
इसी तरह मुंबई में 22 कैरेट सोने की कीमत ₹1,42,840 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। 18 कैरेट सोने का भाव लगभग ₹1,16,872 और 14 कैरेट सोना करीब ₹90,901 प्रति 10 ग्राम रहा।
इस हिसाब से दिल्ली और मुंबई के बीच 24 कैरेट सोने के भाव में करीब ₹150 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने में भी लगभग ₹150 का अंतर दिखाई देता है। हालांकि, शहर, ज्वेलर और स्थानीय टैक्स के कारण वास्तविक खरीद मूल्य अलग हो सकता है।
बाजार में गिरावट की वजह क्या है?
सोने की कीमतों पर इस समय अंतरराष्ट्रीय बाजार की घटनाओं का असर साफ दिखाई दे रहा है। 21 सितंबर को अंतरराष्ट्रीय स्पॉट गोल्ड करीब 4,365 डॉलर प्रति औंस के आसपास रहा और शुरुआती कारोबार में इसमें हल्की कमजोरी दर्ज की गई। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी लगभग 0.40 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई।
बाजार पर पश्चिम एशिया में जारी तनाव, अमेरिकी मौद्रिक नीति और डॉलर की चाल जैसे कई कारकों का प्रभाव पड़ रहा है। निवेशक वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए सोने में खरीदारी और मुनाफावसूली के बीच संतुलन बना रहे हैं।
MCX पर सोने का क्या हाल?
घरेलू वायदा बाजार यानी MCX में तस्वीर कुछ अलग रही। Moneycontrol की रिपोर्ट के अनुसार 21 सितंबर की सुबह अक्टूबर डिलीवरी वाले MCX गोल्ड फ्यूचर्स में करीब 0.84 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई और भाव लगभग ₹1,54,263 प्रति 10 ग्राम रहा। इससे पता चलता है कि स्पॉट/रिटेल बाजार और वायदा बाजार में एक ही समय पर अलग-अलग दिशा देखने को मिल सकती है।
इसी वजह से सोने की कीमत देखते समय केवल एक बाजार का भाव देखना पर्याप्त नहीं होता। स्पॉट रेट, वायदा कीमत, शहरवार रिटेल रेट और ज्वेलरी की अंतिम कीमत अलग-अलग हो सकती है।
22 कैरेट और 24 कैरेट में क्या अंतर?
24 कैरेट सोना सबसे अधिक शुद्धता वाला सोना माना जाता है और आमतौर पर इसमें करीब 99.9 प्रतिशत शुद्धता होती है। इसे निवेश के लिए इस्तेमाल होने वाले बार और सिक्कों में अधिक देखा जाता है।
दूसरी ओर 22 कैरेट सोने में अन्य धातुओं की मिलावट होती है, जिससे यह आभूषण बनाने के लिए अधिक मजबूत होता है। इसलिए शादी-ब्याह और ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों के बीच 22 कैरेट सोने की मांग काफी महत्वपूर्ण रहती है।
हालांकि, ज्वेलरी की कीमत केवल सोने के रेट से तय नहीं होती। इसमें मेकिंग चार्ज, GST और अन्य लागू शुल्क भी जुड़ सकते हैं। इसलिए बाजार में दिख रहे प्रति 10 ग्राम भाव और ज्वेलरी की अंतिम कीमत में अंतर होना सामान्य है।
चांदी का भी जानिए हाल
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों पर भी बाजार की नजर है। Moneycontrol के अनुसार 21 सितंबर को MCX में चांदी का भाव करीब ₹2.42 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास रहा। घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों में भी अंतरराष्ट्रीय बाजार और औद्योगिक मांग जैसे कारकों का असर पड़ रहा है।
सोने और चांदी दोनों में हाल के दिनों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों के लिए एक दिन की कीमत के बजाय कुछ दिनों के ट्रेंड को देखना अधिक उपयोगी हो सकता है।
खरीदारी करने वालों के लिए क्या समझना जरूरी?
अगर आप आज सोना खरीदने जा रहे हैं तो सबसे पहले अपने स्थानीय ज्वेलर से उसी समय का अंतिम रेट जरूर पूछें। ऑनलाइन प्रकाशित शहरवार कीमतें संकेतात्मक हो सकती हैं। इसके अलावा हॉलमार्क, शुद्धता, मेकिंग चार्ज और बिल में लगाए गए टैक्स की जानकारी भी जांचना जरूरी है।
सोने की कीमतें दिन के दौरान भी बदल सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर, अमेरिकी ब्याज दरों, केंद्रीय बैंकों की खरीद और भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण इसमें तेजी या गिरावट आ सकती है।
आगे सोने की कीमत किस दिशा में जाएगी?
फिलहाल सोने के बाजार में एक साथ कई कारक काम कर रहे हैं। एक तरफ वैश्विक तनाव सोने की सुरक्षित निवेश वाली मांग को प्रभावित कर सकता है, वहीं दूसरी तरफ डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों से जुड़ी उम्मीदें कीमतों पर दबाव डाल सकती हैं।
इसलिए 21 सितंबर की मामूली गिरावट को देखकर यह कहना जल्दबाजी होगी कि सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट शुरू हो गई है। बाजार की दिशा आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी।

