पूर्वी अफ्रीकी: देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में रविवार को एक बड़ा नाव हादसा सामने आया है। दक्षिण किवु प्रांत के लेक किवु में शनिवार रात व्यापारियों को लेकर जा रही नाव अचानक पलट गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार नाव में 50 से अधिक लोग सवार थे। हादसे में कम से कम 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी लापता हैं। करीब 15 लोगों को बचाए जाने की जानकारी सामने आई है।
हादसे के बाद स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। अधिकारियों के अनुसार लापता लोगों की संख्या अधिक होने के कारण मृतकों का आंकड़ा आगे बढ़ सकता है। हालांकि, फिलहाल हादसे में कुल कितने लोग लापता हैं, इसका अंतिम आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है।
लेक किवु में कहां हुआ हादसा?
यह दुर्घटना दक्षिण किवु प्रांत के इदज्वी क्षेत्र में हुई। स्थानीय जानकारी के मुताबिक नाव किस्केहे गांव के आसपास दुर्घटनाग्रस्त हुई।
किस्केहे गांव के प्रमुख फेलिक्स हाबिरागी ने बताया कि नाव पर 50 से अधिक लोग मौजूद थे। हादसे के बाद कुछ यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि कई लोग पानी में लापता हो गए।
लेक किवु कांगो और रवांडा की सीमा से जुड़ा एक बड़ा जलाशय है। इस क्षेत्र में नावें स्थानीय परिवहन और लोगों की आवाजाही का महत्वपूर्ण साधन हैं।
शनिवार रात पलटी नाव
उपलब्ध जानकारी के अनुसार हादसा शनिवार रात हुआ। नाव व्यापारियों और सामान को लेकर आगे बढ़ रही थी।
अचानक नाव का संतुलन बिगड़ा और वह झील में पलट गई। दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और बचाव दलों ने पानी में फंसे यात्रियों की तलाश शुरू की।
अभी तक सामने आई जानकारी के अनुसार करीब 15 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। वहीं 12 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। कई अन्य यात्रियों का पता नहीं चल पाया है।
नाव पलटने की वजह क्या थी?
हादसे की तत्काल वजह स्पष्ट नहीं है।
स्थानीय अधिकारियों ने दुर्घटना के कारण की पुष्टि नहीं की है। इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि नाव अधिक भार, मौसम, तकनीकी खराबी या किसी अन्य वजह से पलटी।
हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। दुर्घटना का सही कारण सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नाव के पलटने के पीछे क्या परिस्थितियां थीं।
राहत और बचाव अभियान जारी
हादसे की सूचना मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया गया। पानी में लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
सबसे बड़ी चुनौती यह है कि नाव में 50 से अधिक लोग सवार थे और हादसे के बाद सभी यात्रियों का तत्काल पता नहीं चल सका। ऐसे में बचाव दलों के सामने पानी में लापता लोगों को खोजने और जीवित बचे लोगों तक पहुंचने की चुनौती बनी हुई है।
अभी बचाए गए लोगों की पूरी संख्या और उनकी स्थिति के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
लेक किवु में पहले भी हुए हैं नाव हादसे
लेक किवु और कांगो के दूसरे जलमार्गों में नाव दुर्घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। 2024 में लेक किवु में एक अलग नाव हादसे में कम से कम 78 लोगों की मौत हुई थी। उस दुर्घटना में नाव पर 278 लोग सवार बताए गए थे।
कांगो में नदियों और झीलों पर नावें कई इलाकों में परिवहन का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। लेकिन पुराने या अधिक क्षमता से चलाए जाने वाले जलयानों और सीमित सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
हालांकि, मौजूदा लेक किवु हादसे के मामले में अधिकारियों ने अभी यह पुष्टि नहीं की है कि नाव ओवरलोड थी या दुर्घटना का कारण सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा कोई विशेष मुद्दा था।
मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में 12 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। करीब 15 लोगों को बचाए जाने की बात सामने आई है और कई लोग लापता बताए जा रहे हैं।
चूंकि सभी यात्रियों का हिसाब अभी स्पष्ट नहीं है, इसलिए मृतकों और लापता लोगों की संख्या में बदलाव संभव है। बचाव अभियान आगे बढ़ने के साथ प्रशासन की ओर से अधिक स्पष्ट आंकड़े सामने आने की उम्मीद है।
एक ही समय में कांगो में दूसरा जल हादसा भी चर्चा में
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब कांगो में जल परिवहन से जुड़े एक अन्य हादसे की भी रिपोर्ट आई थी। लेक तांगानिका में एक यात्री नाव डूबने के बाद 40 से अधिक लोगों के लापता होने की जानकारी 26 सितंबर को सामने आई थी। Reuters के अनुसार उस नाव पर 84 लोग सवार थे और 43 लोगों के बचने की सूचना दी गई थी।
दोनों घटनाएं अलग-अलग झीलों और अलग-अलग परिस्थितियों से जुड़ी हैं। इसलिए इनके कारणों को एक जैसा मानना उचित नहीं होगा।

