नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी की संगठनात्मक बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों और राज्यों की जमीनी स्थिति को लेकर कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। 29 सितंबर को पार्टी मुख्यालय में हुई बैठक में नवनियुक्त प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों ने अपने-अपने राज्यों से जुड़ी चुनौतियां सामने रखीं। बैठक में SIR, UGC के नए नियम, संगठनात्मक समन्वय और उत्तर प्रदेश-दिल्ली के बीच कथित दूरी जैसे मुद्दे चर्चा में रहे।
SIR और UGC को लेकर क्या चिंता सामने आई?
रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में कुछ चुनावी राज्यों के प्रभारियों ने Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच भ्रम और सवाल पैदा हुए हैं और विपक्ष इसे राजनीतिक मुद्दे के रूप में उठा रहा है।
उत्तर भारत के कुछ राज्यों के प्रभारियों ने UGC के नए नियमों को लेकर भी चिंता जाहिर की और संगठन स्तर पर इस विषय पर जल्द कदम उठाने की जरूरत बताई। इसके अलावा कुछ अन्य स्थानीय और राजनीतिक मुद्दों पर भी प्रभारियों ने अपनी रिपोर्ट नेतृत्व के सामने रखी।
SIR को लेकर चुनाव आयोग ने हाल में स्पष्ट किया था कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े फैसले आयोग के तीनों सदस्यों की सहमति से लिए गए थे। इस स्पष्टीकरण के बाद भाजपा ने इसे अपने रुख के समर्थन के रूप में पेश किया, जबकि विपक्षी दलों ने प्रक्रिया को लेकर अलग-अलग आपत्तियां दर्ज कराई हैं।
नितिन नवीन ने संगठन को क्या निर्देश दिए?
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने बैठक में प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों से नियमित रूप से राज्यों का दौरा करने और जमीनी स्तर पर संगठन से जुड़ने को कहा। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बूथ स्तर की बैठकों पर ध्यान देने और वहां से मिलने वाले फीडबैक को केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने पर जोर दिया।
उन्होंने युवाओं से सीधे संवाद बढ़ाने और अलग-अलग सामाजिक वर्गों के बीच संगठन की पहुंच मजबूत करने की बात भी कही। चुनावी राज्यों में संगठनात्मक गतिविधियों को लगातार मजबूत रखने के निर्देश दिए गए।
योगी-मोदी के बीच दूरी की खबरों पर क्या कहा गया?
बैठक में उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच कथित राजनीतिक दूरी से जुड़ी खबरों का मुद्दा भी उठा। रिपोर्ट के अनुसार, इस पर नितिन नवीन ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा आशीर्वाद प्राप्त है और इस तरह की भ्रामक सूचनाओं का जवाब दिया जाना चाहिए।
इससे पहले 26 सितंबर को प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी पुष्टि की थी कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। हालांकि, उस मुलाकात के विस्तृत राजनीतिक एजेंडे की आधिकारिक जानकारी सीमित थी।

पार्टी के अंदरूनी मतभेदों पर भी संदेश
बैठक में संगठन और सरकार के बीच समन्वय को लेकर भी निर्देश दिए गए। रिपोर्ट के मुताबिक नितिन नवीन ने कहा कि जिन राज्यों में पार्टी की सरकार है, वहां सरकार और संगठन के बीच मतभेद नहीं होने चाहिए।
उन्होंने प्रभारियों को अपने राज्यों में अधिक समय देने और बार-बार दिल्ली आने के बजाय जमीनी संगठन पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। इसी दिशा में उत्तर प्रदेश के संगठन को लेकर भी आने वाले दिनों में गतिविधियां बढ़ने की बात सामने आई है।
उत्तर प्रदेश पर क्यों है खास नजर?
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारियां राजनीतिक दलों के लिए प्रमुख विषय बनी हुई हैं। भाजपा ने 3 और 4 अक्टूबर को मथुरा में दो दिवसीय चिंतन बैठक आयोजित करने की योजना बनाई है, जिसमें नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
ऐसे में हालिया संगठनात्मक बैठक के निर्देशों को उत्तर प्रदेश में पार्टी की जमीनी तैयारियों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। हालांकि किसी बैठक के आधार पर चुनावी परिणाम या भविष्य की राजनीतिक दिशा के बारे में निश्चित निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
युवाओं और बूथ स्तर पर जोर
नितिन नवीन ने संगठन के पदाधिकारियों से युवाओं के साथ नियमित संवाद करने और उनकी समस्याओं तथा अपेक्षाओं को राज्य सरकार तक पहुंचाने पर भी जोर दिया। बूथ स्तर से मिलने वाले फीडबैक को केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचाने की बात भी कही गई।
इसका उद्देश्य संगठनात्मक गतिविधियों को केवल शीर्ष नेतृत्व तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय स्तर पर सक्रियता बढ़ाना बताया गया है।
SIR और चुनावी मुद्दों पर आगे क्या?
SIR को लेकर राजनीतिक बहस अभी जारी है। चुनाव आयोग की ओर से प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण दिया गया है, वहीं विपक्षी दलों ने इससे जुड़े अलग-अलग सवाल उठाए हैं। इसी तरह UGC के नए नियमों को लेकर भी बैठक में पार्टी स्तर पर चिंता सामने आने की बात रिपोर्ट में कही गई है। आने वाले समय में इन मुद्दों पर राजनीतिक दलों और संबंधित संस्थाओं के बीच बहस आगे बढ़ सकती है।

