राजकोट, गुजरात: राजकोट के हीरासर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर गुरुवार को रनवे के पास आग लगने से विमान संचालन प्रभावित हो गया। आग से उठे धुएं के कारण रनवे पर दृश्यता कम हो गई, जिसके चलते दिल्ली से राजकोट आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट को अपने निर्धारित गंतव्य पर उतरने के बजाय वडोदरा डायवर्ट करना पड़ा। विमान में 100 से अधिक यात्री सवार थे। वडोदरा में सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली।
प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, एयरपोर्ट पर पक्षियों को रनवे से दूर रखने के लिए पटाखे फोड़े जा रहे थे। इसी दौरान निकली चिंगारी पास में मौजूद सूखी घास तक पहुंच गई और आग लग गई। घटना के बाद अग्निशमन टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू किया।
पटाखों की चिंगारी से सूखी घास में लगी आग
हीरासर एयरपोर्ट पर पक्षियों की मौजूदगी विमान संचालन के लिए परेशानी पैदा कर सकती है। उन्हें रनवे से दूर रखने के लिए पटाखों का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी दौरान पटाखे की चिंगारी सूखी घास पर जा गिरी और वहां आग भड़क उठी।
सूखी घास में आग तेजी से फैल सकती है। इस घटना में भी आग के बाद आसपास धुआं फैल गया और रनवे के पास दृश्यता प्रभावित हुई। हवाई अड्डे पर विमानों की सुरक्षित लैंडिंग के लिए पर्याप्त दृश्यता जरूरी होती है। ऐसे में धुएं के बीच विमान उतारना जोखिम भरा हो सकता था।
घटना की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट की अग्निशमन टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। इस दौरान विमान की लैंडिंग को लेकर सतर्कता बरती गई।

हवा में चार चक्कर लगाने के बाद लिया गया डायवर्जन का फैसला
दिल्ली से राजकोट आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट का निर्धारित आगमन समय सुबह 10:25 बजे था। लेकिन रनवे के पास धुआं फैलने के कारण एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने विमान को लैंडिंग की अनुमति नहीं दी।
विमान को कुछ समय तक हवा में इंतजार करना पड़ा। रिपोर्ट के अनुसार, पायलट ने हवा में चार चक्कर लगाए, ताकि रनवे की स्थिति सामान्य होने पर लैंडिंग की जा सके। हालांकि, जब दृश्यता में पर्याप्त सुधार नहीं हुआ, तो विमान को वडोदरा की ओर मोड़ने का निर्णय लिया गया।
वडोदरा एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। विमान में 100 से अधिक यात्री मौजूद थे। अचानक गंतव्य बदलने से यात्रियों को परेशानी जरूर हुई, लेकिन वैकल्पिक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरना प्राथमिकता रही।
राजकोट लौटने के बाद दिल्ली के लिए रवाना हुई फ्लाइट
रनवे के पास आग और धुएं के कारण उड़ान कार्यक्रम प्रभावित हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, स्थिति सामान्य होने के बाद विमान वडोदरा से राजकोट के लिए रवाना हुआ और दोपहर करीब 12:20 बजे राजकोट पहुंचा।
इसके बाद विमान दोपहर करीब 1:11 बजे राजकोट से दिल्ली के लिए रवाना हो सका। इस घटनाक्रम के कारण यात्रियों को घंटों की देरी और असुविधा का सामना करना पड़ा।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में किसी यात्री के घायल होने या विमान को नुकसान पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई है। घटना के दौरान विमान को वडोदरा भेजने का फैसला रनवे पर कम दृश्यता के मद्देनजर लिया गया।
एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद रनवे के आसपास आग से बचाव और पक्षियों को दूर रखने के लिए अपनाए जाने वाले तरीकों पर सवाल उठ रहे हैं। पक्षियों को नियंत्रित करना विमानन सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इसके लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपायों से आग लगने का जोखिम पैदा नहीं होना चाहिए।
विशेष रूप से सूखी घास और खुले क्षेत्रों में चिंगारी गिरने से आग तेजी से फैल सकती है। इसलिए ऐसे क्षेत्रों की नियमित सफाई, अग्निशमन व्यवस्था और सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन महत्वपूर्ण है।
हालांकि, घटना के बाद किसी सुरक्षा नियम का उल्लंघन हुआ या नहीं, इस पर अंतिम निष्कर्ष निकालने के लिए आधिकारिक जांच और संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया जरूरी है। अभी तक घटना के सभी पहलुओं पर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
फ्लाइट डायवर्ट होने का क्या मतलब है?
जब किसी एयरपोर्ट पर रनवे की स्थिति, मौसम, दृश्यता या अन्य सुरक्षा कारणों से विमान उतारना उचित नहीं होता, तो पायलट और एयर ट्रैफिक कंट्रोल वैकल्पिक व्यवस्था पर निर्णय ले सकते हैं। ऐसी स्थिति में विमान को किसी दूसरे उपयुक्त एयरपोर्ट पर उतारा जा सकता है।
राजकोट की घटना में भी रनवे के पास धुएं के कारण लैंडिंग प्रभावित हुई। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमान को वडोदरा भेजा गया। यह विमानन संचालन में अपनाई जाने वाली सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है।

