अहमदाबाद: सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर गुजरात से मानव सेवा की एक बड़ी पहल सामने आई है। अहमदाबाद के जासपुर स्थित विश्व उमियाधाम से जुड़े विश्व उमिया फाउंडेशन ने भारत सहित दुनिया के 7 देशों में एक साथ मेगा रक्तदान अभियान आयोजित किया। इस अभियान के तहत 151 स्थानों से 25 हजार से अधिक यूनिट रक्त एकत्र किया गया। संस्था के मुताबिक, इस उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। रक्तदान के इस बड़े आयोजन के साथ ही संस्था ने स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक विकास से जुड़ी कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की भी घोषणा की है।
7 देशों के 151 स्थानों पर चला रक्तदान अभियान
सरदार पटेल की जयंती को यादगार बनाने के लिए आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय मेगा ब्लड डोनेशन अभियान में भारत और अमेरिका सहित 7 देशों के लोगों ने भाग लिया। कुल 151 स्थानों पर रक्तदान शिविर लगाए गए। इन शिविरों के माध्यम से 25 हजार से अधिक यूनिट रक्त जुटाने का लक्ष्य रखा गया था और संस्था ने इस आंकड़े को पार करने की जानकारी दी है।
इस आयोजन का उद्देश्य केवल रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि रक्त की जरूरत वाले मरीजों तक मदद पहुंचाने के लिए समाज को प्रेरित करना भी था। अस्पतालों में दुर्घटना, गंभीर बीमारी, ऑपरेशन और अन्य आपात स्थितियों में रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में बड़े स्तर पर आयोजित रक्तदान शिविर जरूरतमंद मरीजों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।
सरदार पटेल की जयंती पर मानव सेवा का संदेश
भारत की एकता और अखंडता में सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद करते हुए इस अभियान का आयोजन किया गया। संस्था ने रक्तदान को उनके प्रति श्रद्धांजलि और सामाजिक एकजुटता का माध्यम बताया।
इस अवसर पर अहमदाबाद और गांधीनगर में सक्रिय 80 से अधिक पाटीदार संस्थाओं और सामाजिक संगठनों के अध्यक्षों तथा मंत्रियों की बैठक भी आयोजित हुई। बैठक में समाज के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और युवाओं के भविष्य से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।
संस्था के अध्यक्ष आर.पी. पटेल के मार्गदर्शन में युवा संगठन के सदस्यों ने अभियान के आयोजन में भूमिका निभाई। अलग-अलग स्थानों पर शिविरों के संचालन और रक्तदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संगठनात्मक स्तर पर तैयारियां की गई थीं।
700 करोड़ रुपये से बनेगा 500 बेड का अस्पताल
रक्तदान अभियान के बीच सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक अहमदाबाद के जासपुर स्थित विश्व उमियाधाम परिसर में अस्पताल बनाने की योजना है। संस्था ने करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से 500 से अधिक बेड वाला मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल बनाने का निर्णय बताया है।
इस अस्पताल का उद्देश्य केवल एक समुदाय तक स्वास्थ्य सुविधाएं सीमित रखना नहीं, बल्कि इसे सर्व समाज के लोगों के लिए उपयोगी बनाना बताया गया है। मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल में अलग-अलग तरह की बीमारियों के उपचार और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की व्यवस्था करने की योजना है।
हालांकि, अस्पताल के निर्माण की घोषणा और उसके पूरी तरह शुरू होने के बीच कई चरण होंगे। इसके लिए निर्माण, चिकित्सा सुविधाओं, विशेषज्ञ डॉक्टरों, आधुनिक उपकरणों और संचालन की व्यवस्था करनी होगी। फिलहाल सामने आई जानकारी के अनुसार यह संस्था की घोषित योजना है।
2,000 विद्यार्थियों के लिए बनेगी हॉस्टल
विश्व उमियाधाम परिसर में शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 2,000 विद्यार्थियों की क्षमता वाली हॉस्टल बनाने की भी योजना सामने आई है। इसमें लड़के और लड़कियों दोनों के लिए आवासीय सुविधा विकसित करने की बात कही गई है।
इसके साथ ही परिसर में स्किल यूनिवर्सिटी बनाने की योजना भी घोषित की गई है। इसका मकसद युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा और रोजगार से जुड़ी तैयारी के अवसर उपलब्ध कराना है। यदि ये योजनाएं तय स्वरूप में पूरी होती हैं, तो परिसर धार्मिक गतिविधियों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास का भी केंद्र बन सकता है।
504 फीट ऊंचे मां उमिया मंदिर का निर्माण
जासपुर में विश्व उमियाधाम परिसर के भीतर मां उमिया के भव्य मंदिर का निर्माण भी जारी है। संस्था के अनुसार मंदिर की प्रस्तावित ऊंचाई 504 फीट होगी। इसे विश्व के सबसे ऊंचे मंदिरों में शामिल करने की योजना है।
संस्था इस पूरे परिसर को केवल धार्मिक स्थल के रूप में नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और युवा विकास के केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है। मंदिर के साथ अस्पताल, हॉस्टल और स्किल यूनिवर्सिटी की योजनाएं इसी व्यापक सोच का हिस्सा बताई गई हैं।
समाज के लिए कितना महत्वपूर्ण होगा यह प्रोजेक्ट?
25 हजार से अधिक यूनिट रक्त जुटाने का अभियान और 700 करोड़ रुपये के अस्पताल की घोषणा, दोनों अलग-अलग स्तरों पर सामाजिक जरूरतों से जुड़ी पहल हैं। रक्तदान से जरूरतमंद मरीजों को मदद मिल सकती है, जबकि अस्पताल की योजना पूरी होने पर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का एक बड़ा केंद्र विकसित हो सकता है।
हालांकि, इन योजनाओं का वास्तविक लाभ उनके समय पर पूरा होने, सुविधाओं की गुणवत्ता और आम लोगों तक उनकी पहुंच पर निर्भर करेगा। फिलहाल रक्तदान अभियान के जरिए संस्था ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सामाजिक गतिविधियों को सामने रखा है। आने वाले समय में अस्पताल, हॉस्टल और स्किल यूनिवर्सिटी की प्रगति पर भी लोगों की नजर रहेगी।

