देहरादून: उत्तराखंड में पंजाबी गायक दलेर मेहंदी के कार्यक्रम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक टकराव में बदलता जा रहा है। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि वह गायक से माफी नहीं मांगेंगे। उन्होंने यहां तक कहा है कि यदि पार्टी नेतृत्व भी उनसे माफी मांगने के लिए कहता है तो वह अपने आत्मसम्मान से समझौता करने के बजाय इस्तीफा देना पसंद करेंगे। मंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष लगातार उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है, जबकि विवाद के केंद्र में आए दलेर मेहंदी और उनके भाई मीका सिंह भी पहले अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं।
‘माफी नहीं मांगूंगा, इस्तीफा देना पसंद करूंगा’
सुबोध उनियाल ने अपने ताजा बयान में कहा कि माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता। उनके मुताबिक, जीवन में आत्मसम्मान सबसे महत्वपूर्ण है और वह इससे समझौता नहीं करेंगे। मंत्री ने कहा कि अगर पार्टी का शीर्ष नेतृत्व भी उनसे माफी मांगने के लिए कहेगा तो वह माफी मांगने के बजाय इस्तीफा देना पसंद करेंगे।
उनके इस बयान को विवाद पर अपने पुराने रुख पर कायम रहने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले भी उनियाल माफी मांगने की खबरों को खारिज कर चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया था कि जब उन्होंने कोई अपराध नहीं किया तो वह माफी क्यों मांगें?
मंत्री का कहना है कि अगर कलाकार की तबीयत खराब थी तो उन्हें कार्यक्रम में आने से पहले आयोजकों और दर्शकों को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। उनके मुताबिक, दर्शक एक खास प्रस्तुति की उम्मीद लेकर कार्यक्रम में पहुंचे थे और उन्हें निराशा हुई।
कुंजापुरी मेले में आखिर क्या हुआ था?
यह पूरा विवाद 18 अक्टूबर को टिहरी गढ़वाल में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ था। इस कार्यक्रम में दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी बीच उत्तराखंड के वन मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और गायक के प्रदर्शन पर सवाल उठाने लगे।
मंत्री ने आरोप लगाया था कि दलेर मेहंदी नशे की हालत में मंच पर आए हैं और ठीक से गा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल किया था कि गायक लाइव गा रहे हैं या पहले से रिकॉर्ड किए गए गाने पर लिप-सिंक कर रहे हैं।
मंत्री और गायक के बीच मंच पर हुई यह बातचीत कैमरे में कैद हो गई। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा और देखते ही देखते मामला मनोरंजन जगत से निकलकर राजनीतिक बहस का विषय बन गया।
दलेर मेहंदी के समर्थन में उतरे मीका सिंह
विवाद सामने आने के बाद दलेर मेहंदी के भाई और गायक मीका सिंह ने खुलकर उनका समर्थन किया। मीका ने मंत्री की टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि उनके भाई शराब नहीं पीते। उन्होंने यह भी बताया था कि दलेर मेहंदी की हाल ही में बड़ी सर्जरी हुई थी और उनकी तबीयत ठीक नहीं थी।
मीका सिंह ने सवाल उठाया था कि किसी वरिष्ठ कलाकार के साथ सार्वजनिक मंच पर इस तरह का व्यवहार क्यों किया गया। उन्होंने मंत्री से माफी मांगने और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की थी।
मीका के समर्थन में कुछ अन्य कलाकारों ने भी प्रतिक्रियाएं दीं। इस तरह विवाद का दायरा बढ़ता गया और कलाकारों के सम्मान तथा सार्वजनिक मंच पर जनप्रतिनिधियों के व्यवहार को लेकर बहस शुरू हो गई।

माफी की खबरों पर पहले भी दे चुके हैं सफाई
विवाद के बीच ऐसी खबरें सामने आई थीं कि मंत्री सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी से फोन पर माफी मांगी है। मीका सिंह की टीम की ओर से भी बातचीत के बाद खेद जताए जाने की बात कही गई थी। हालांकि, उनियाल ने बाद में इन खबरों का खंडन कर दिया।
उन्होंने कहा था कि उनकी ओर से माफी मांगने का कोई सवाल नहीं है। मंत्री ने दलील दी कि यदि दलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी तो उन्हें कार्यक्रम में आने से पहले इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। उनके मुताबिक, दर्शकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना कलाकार और आयोजकों की जिम्मेदारी है।
यही वजह है कि अब उनका नया बयान विवाद को फिर सुर्खियों में ले आया है। एक तरफ कलाकार पक्ष सम्मान और माफी की बात कर रहा है, तो दूसरी तरफ मंत्री अपने व्यवहार को गलत मानने से इनकार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने भी की थी विवाद सुलझाने की कोशिश
विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी हस्तक्षेप किया था। उन्होंने मीका सिंह से फोन पर बातचीत कर मामले को आपसी संवाद और सौहार्द के साथ सुलझाने की बात कही थी। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा था कि राज्य कलाकारों, साहित्यकारों और विद्वानों का सम्मान करता है।
मीका सिंह ने मुख्यमंत्री से बातचीत के बाद उनके व्यवहार की सराहना की थी। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री ने मंत्री की ओर से खेद जताया और भविष्य में कलाकारों को सम्मान देने का भरोसा दिया। हालांकि, सुबोध उनियाल ने व्यक्तिगत रूप से माफी मांगने की बात स्वीकार नहीं की।
विपक्ष ने तेज की मंत्री के इस्तीफे की मांग
इस विवाद को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि सार्वजनिक मंच पर किसी कलाकार के साथ इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है और मंत्री को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इसी आधार पर उनके इस्तीफे की मांग की जा रही है।
वहीं, सुबोध उनियाल ने अपने ताजा बयान से साफ कर दिया है कि वह दबाव में आकर माफी मांगने के पक्ष में नहीं हैं। अब राजनीतिक नजरें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हैं। हालांकि, मंत्री के इस्तीफे या उनके खिलाफ किसी कार्रवाई को लेकर कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।

