कुशीनगर: ऑनलाइन खाना मंगाने वाले लोगों के लिए एक अहम खबर है। अब आपके घर तक खाना पहुंचाने वाले डिलीवरी बॉय के कैरी बैग की भी जांच हो सकती है। अगर बैग गंदा मिला, खाने की पैकिंग से रिसाव हुआ या वेज और नॉनवेज खाना एक साथ रखा गया तो संबंधित रेस्टोरेंट और फूड डिलीवरी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी में लापरवाही रोकने के लिए जांच का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है।
दीपावली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान ऑनलाइन खाने की मांग बढ़ जाती है। इसी बीच मिलावटी, खराब और असुरक्षित भोजन को लेकर मिलने वाली शिकायतों को देखते हुए विभाग ने निगरानी सख्त करने की तैयारी की है। अब तक जांच का मुख्य ध्यान रेस्टोरेंट, खाद्य सामग्री और किचन की व्यवस्था पर रहता था, लेकिन अब डिलीवरी के दौरान इस्तेमाल होने वाले कैरी बैग भी जांच के दायरे में होंगे।
अब सड़क पर रोके जा सकते हैं डिलीवरी बॉय, बैग की होगी जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम जिले के प्रमुख नगरों, बाजारों और ऑनलाइन फूड डिलीवरी के हब वाले क्षेत्रों में अभियान चलाएगी। इस दौरान डिलीवरी बॉय को रोककर उनके कैरी बैग की साफ-सफाई और उसमें रखे खाने की स्थिति देखी जा सकती है।
इस जांच का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रेस्टोरेंट से ग्राहक तक पहुंचने के बीच भोजन दूषित न हो और उसकी गुणवत्ता बरकरार रहे। कई बार खाना तैयार होने के बाद पैकिंग और परिवहन में लापरवाही के कारण उसकी स्थिति खराब हो जाती है। ऐसे मामलों को रोकने के लिए विभाग ने डिलीवरी प्रक्रिया को भी निगरानी में शामिल किया है।
एक ही बैग में वेज और नॉनवेज खाना मिला तो बढ़ेगी मुश्किल
इस अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू शाकाहारी और मांसाहारी भोजन को अलग-अलग रखने से जुड़ा है। शिकायतें मिलती रही हैं कि कभी-कभी एक ही बाइक या डिलीवरी बैग में वेज और नॉनवेज खाना साथ रखकर पहुंचाया जाता है।
ऐसी व्यवस्था से भोजन के आपस में संपर्क में आने और उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसके अलावा शाकाहारी भोजन मंगाने वाले ग्राहकों की धार्मिक और व्यक्तिगत मान्यताओं का भी सवाल जुड़ा होता है।
विभाग की टीम जांच करेगी कि दोनों प्रकार के भोजन को अलग रखने की उचित व्यवस्था है या नहीं। भोजन की पैकिंग और परिवहन के दौरान इस बात का ध्यान रखा गया है या नहीं कि एक ऑर्डर का खाना दूसरे ऑर्डर को प्रभावित न करे।

कैरी बैग की सफाई से लेकर फूड ग्रेड गुणवत्ता तक होगी जांच
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच केवल वेज और नॉनवेज खाने को अलग रखने तक सीमित नहीं रहेगी। डिलीवरी बैग की स्थिति और उसकी गुणवत्ता भी परखी जाएगी।
अभियान के दौरान मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर ध्यान दिया जाएगा:
- बैग की साफ-सफाई: कैरी बैग अंदर और बाहर से साफ है या उसमें पुराने खाने के अवशेष, गंदगी और बदबू मौजूद है।
- फूड ग्रेड गुणवत्ता: बैग और भोजन के संपर्क में आने वाली सामग्री खाद्य सुरक्षा के लिहाज से उपयुक्त है या नहीं।
- तापमान नियंत्रण: गर्म भोजन को गर्म और ठंडे भोजन को ठंडा रखने की व्यवस्था है या नहीं।
- पैकिंग की स्थिति: खाने के पैकेट ठीक से बंद हैं या उनसे तेल, ग्रेवी अथवा अन्य सामग्री लीक हो रही है।
- अलग-अलग भोजन की व्यवस्था: शाकाहारी और मांसाहारी भोजन को एक साथ रखने के बजाय अलग-अलग रखा जा रहा है या नहीं।
इन मानकों की जांच से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि ग्राहक तक पहुंचने से पहले भोजन की सुरक्षा और स्वच्छता का कितना ध्यान रखा जा रहा है।
रेस्टोरेंट ही नहीं, फूड डिलीवरी कंपनी पर भी हो सकती है कार्रवाई
सहायक खाद्य आयुक्त प्रदीप राय के मुताबिक, यदि डिलीवरी बैग गंदा या फूड ग्रेड गुणवत्ता का नहीं पाया जाता है अथवा खाने के रखरखाव में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित रेस्टोरेंट संचालक और फूड एग्रीगेटर कंपनी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
कार्रवाई की प्रक्रिया में पहले संबंधित पक्ष को नोटिस देकर कमियों में सुधार करने का अवसर दिया जाएगा। यदि इसके बाद भी लापरवाही जारी रहती है तो जुर्माना लगाया जा सकता है। गंभीर या लगातार नियमों के उल्लंघन की स्थिति में लाइसेंस निरस्त करने तक की कार्रवाई संभव है।
इसका मतलब है कि केवल खाना तैयार करने वाला रेस्टोरेंट ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन ऑर्डर और डिलीवरी व्यवस्था से जुड़े कारोबारियों को भी सुरक्षा मानकों का ध्यान रखना होगा।
खाना खराब मिले तो ग्राहक कैसे करें शिकायत?
खाद्य सुरक्षा विभाग ने उपभोक्ताओं से भी सतर्क रहने की अपील की है। अगर ऑनलाइन मंगाया गया खाना खराब, दूषित या असामान्य स्थिति में मिले तो ग्राहक उसकी शिकायत कर सकते हैं।
इसके लिए भोजन की फोटो और खरीदारी का बिल सुरक्षित रखना जरूरी होगा। शिकायत के साथ ये प्रमाण विभाग को उपलब्ध कराने से मामले की जांच और संबंधित कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई में मदद मिल सकती है।
खास तौर पर अगर पैकिंग से बदबू आ रही हो, खाना लीक हो रहा हो, भोजन खराब दिखाई दे रहा हो या डिलीवरी के दौरान स्वच्छता का ध्यान न रखा गया हो तो ग्राहक को इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
त्योहारों में बढ़ती ऑनलाइन डिलीवरी पर नजर
दीपावली और छठ जैसे त्योहारों में घरों, कार्यालयों और आयोजनों के लिए ऑनलाइन खाना मंगाने का चलन बढ़ जाता है। ऐसे समय में रेस्टोरेंट और डिलीवरी सेवाओं पर ऑर्डर का दबाव भी बढ़ता है। जल्दबाजी में पैकिंग, तापमान नियंत्रण और भोजन को अलग रखने जैसी जरूरी सावधानियों में लापरवाही हो सकती है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की नई जांच व्यवस्था इसी जोखिम को कम करने की दिशा में उठाया गया कदम है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहक को मिलने वाला भोजन केवल स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि साफ-सुथरा और सुरक्षित भी हो।
अब आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिले में जांच अभियान किस स्तर पर चलाया जाता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कितनी सख्ती बरती जाती है।

