राजस्थान: के नागौर जिले से गुरुवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। बड़ली इलाके में स्थित पटाखों के गोदाम में अचानक इतना जोरदार विस्फोट हुआ कि आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और गोदाम को भारी नुकसान पहुंचा। इस दर्दनाक हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, दमकल विभाग और एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने के साथ राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसा गुरुवार सुबह करीब 9:40 बजे हुआ था। धमाका इतना शक्तिशाली था कि आसपास के मकानों और अन्य संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है।
धमाके की आवाज से दहला इलाका, गोदाम को भारी नुकसान
प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, गोदाम में पटाखों और उनसे जुड़ी सामग्री का भंडारण किया गया था। अचानक आग लगने के बाद विस्फोट हुआ और देखते ही देखते पूरे इलाके में धुएं तथा मलबे का गुबार फैल गया।
धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी आवाज दूर तक सुनाई देने की खबर सामने आई। आसपास मौजूद लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। गोदाम की छत और आसपास के हिस्सों को नुकसान पहुंचा। आसपास के मकानों की दीवारों में दरारें आने और नजदीक खड़े वाहनों के शीशे टूटने की भी जानकारी सामने आई है।
घटना के बाद स्थानीय लोग घटनास्थल की ओर पहुंचने लगे। पुलिस और प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था संभाली तथा लोगों को घटनास्थल से दूर रहने के निर्देश दिए।
दो युवकों की मौत, दो लोग गंभीर रूप से घायल
इस हादसे में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान मोहम्मद आमिर सोरागर और मुजीब सोरागर के रूप में हुई है। दोनों आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। शुरुआती रिपोर्टों में उन्हें चचेरे भाई बताया गया है। उनकी मौत से परिवारों में मातम पसरा हुआ है।
विस्फोट के दौरान दो अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन और पुलिस की टीमें घटनास्थल पर मौजूद रहकर राहत कार्य तथा जांच की निगरानी करती रहीं।
धमाके की भयावहता को देखते हुए घटनास्थल पर फॉरेंसिक जांच की जरूरत महसूस की गई। अधिकारियों ने यह पता लगाने की प्रक्रिया शुरू की कि विस्फोट के समय गोदाम में कितने लोग मौजूद थे और वहां किस प्रकार की सामग्री रखी हुई थी।
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका, FSL करेगी जांच
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी के कारण आग लगी होगी। गोदाम के खुले परिसर में बिजली का खंभा और तार मौजूद होने की बात भी सामने आई है।
हालांकि, पुलिस ने अभी शॉर्ट सर्किट को विस्फोट का अंतिम कारण घोषित नहीं किया है। घटना की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) और मोबाइल क्राइम सीन यूनिट की टीमों को बुलाया गया है।
जांच टीम घटनास्थल से पटाखों, बारूद और अन्य रासायनिक पदार्थों के नमूने एकत्र कर रही है। इन नमूनों की जांच से यह समझने में मदद मिलेगी कि आग किस तरह शुरू हुई और विस्फोट किन परिस्थितियों में हुआ।

गोदाम के लाइसेंस और बारूद के भंडारण की भी होगी जांच
हादसे के बाद गोदाम में पटाखों के भंडारण और कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की जांच भी महत्वपूर्ण हो गई है। शुरुआती जानकारी में गोदाम मालिक के पास पटाखों के भंडारण का स्थायी लाइसेंस होने की बात सामने आई है।
लेकिन केवल लाइसेंस होना ही पर्याप्त नहीं है। प्रशासन को यह भी जांचना होगा कि लाइसेंस के तहत कितनी मात्रा में पटाखे रखने की अनुमति थी और घटनास्थल पर वास्तव में कितना बारूद तथा तैयार पटाखे मौजूद थे।
इसके अलावा यह भी पता लगाया जाएगा कि परिसर में केवल भंडारण किया जा रहा था या वहां पटाखों के निर्माण का काम भी होता था। यदि तय सुरक्षा मानकों या अनुमत सीमा का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
हादसे के बाद घटनास्थल पर जुटी भीड़, पुलिस को करना पड़ा बल प्रयोग
विस्फोट के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए। राहत और बचाव कार्य के दौरान पुलिस ने लोगों को घटनास्थल से दूर रखने की कोशिश की। इसी दौरान भीड़ और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनने तथा पथराव की खबरें भी सामने आईं।
कुछ रिपोर्टों के अनुसार, स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
प्रशासन के सामने एक तरफ घायलों को उपचार उपलब्ध कराने और हादसे की जांच कराने की चुनौती है, तो दूसरी तरफ घटनास्थल पर भीड़ को नियंत्रित रखना भी जरूरी है।
त्योहारों के समय पटाखों के भंडारण पर उठे सवाल
दिवाली के आसपास पटाखों की मांग और कारोबार बढ़ जाता है। ऐसे समय में पटाखों के गोदामों में सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित नियमों का पालन बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। बारूद और आतिशबाजी की सामग्री को गलत तरीके से रखने या बिजली के उपकरणों के पास असुरक्षित भंडारण करने से आग और विस्फोट का खतरा बढ़ सकता है।
नागौर की घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि पटाखों के भंडारण वाले स्थानों पर अग्नि सुरक्षा, बिजली व्यवस्था और आपातकालीन इंतजामों की नियमित जांच कितनी जरूरी है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन की जांच जारी है। FSL की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि धमाका किस वजह से हुआ और सुरक्षा नियमों में कोई लापरवाही बरती गई थी या नहीं।

