गुजरात: के सूरत से हत्या की एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां महज 30 हजार रुपये के लेनदेन को लेकर दो सहकर्मियों के बीच चल रहा विवाद कथित तौर पर खौफनाक वारदात में बदल गया। पुलिस के अनुसार, एक व्यक्ति ने अपने ही साथी कर्मचारी की हत्या कर दी और पहचान छिपाने के इरादे से शव और सिर को अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया। मृतक का धड़ कब्रिस्तान में मिला, जबकि उसका कटा हुआ सिर घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर रेलवे पुल के पास बरामद किया गया।
इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में हत्या के पीछे 30 हजार रुपये का उधार बताया जा रहा है।
कब्रिस्तान में मिला सिर कटा शव, पुलिस को दी गई सूचना
घटना का खुलासा 3 नवंबर को हुआ, जब पुलिस कंट्रोल रूम को सूरत के गोटलावाड़ी चौराहे के पास स्थित एक कब्रिस्तान में संदिग्ध शव पड़े होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने एक व्यक्ति का बिना सिर वाला शव बरामद किया। शव की हालत देखकर पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, फॉरेंसिक टीम और अन्य जांचकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान करना और उसके सिर का पता लगाना था।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।
30 हजार रुपये का उधार बना हत्या की वजह?
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, आरोपी और मृतक दोनों ओडिशा के रहने वाले थे और सूरत की एक पावरलूम कंपनी में काम करते थे। दोनों पिछले करीब छह महीने से एक ही कंपनी में कार्यरत थे।
जांच में सामने आया कि मृतक ने आरोपी से 30 हजार रुपये उधार लिए थे। पुलिस का कहना है कि रकम वापस नहीं मिलने के कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। इसी बात को लेकर उनके संबंधों में तनाव बढ़ता गया।
पुलिस को संदेह है कि लगातार हो रहे इसी आर्थिक विवाद ने हत्या की वारदात को जन्म दिया। हालांकि, हत्या के पीछे की पूरी परिस्थितियों और घटनाक्रम की पुष्टि जांच तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जानी बाकी है।
आरोपी से पूछताछ के बाद तीन किलोमीटर दूर मिला सिर
शव मिलने के बाद पुलिस ने संदेह के आधार पर मृतक के साथ काम करने वाले व्यक्ति से पूछताछ की। आरोपी की पहचान सचित कुमार नरेंद्र बाल के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर हत्या की बात स्वीकार की और सिर को छिपाने वाली जगह की जानकारी दी।
आरोपी से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने अलकापुरी रेलवे ब्रिज के नीचे रेलवे पटरियों के पास तलाशी अभियान चलाया। यहां झाड़ियों के पास से मृतक का कटा हुआ सिर बरामद किया गया। यह स्थान उस कब्रिस्तान से लगभग तीन किलोमीटर दूर बताया गया है, जहां शव मिला था।
इस बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तेज कर दी। शव और सिर को पोस्टमार्टम तथा आवश्यक जांच के लिए भेजा गया है।
हत्या के बाद सबूत मिटाने की कोशिश का संदेह
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने शव और सिर को अलग-अलग स्थानों पर क्यों फेंका। जांच एजेंसियों को आशंका है कि ऐसा मृतक की पहचान छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से किया गया हो सकता है।
घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय लोगों से पूछताछ और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस वारदात की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि हत्या किस स्थान पर हुई और शव को कब्रिस्तान तक कैसे पहुंचाया गया।
पुलिस के शुरुआती अनुमान के अनुसार, हत्या शव मिलने से लगभग दो दिन पहले हुई हो सकती है। हालांकि, वास्तविक समय और घटनाक्रम की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के दूसरे नतीजों से होगी।
ओडिशा से सूरत काम करने आए थे दोनों कर्मचारी
इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि आरोपी और मृतक दोनों काम की तलाश में ओडिशा से सूरत आए थे। दोनों एक ही औद्योगिक क्षेत्र में पावरलूम कंपनी में काम करते थे। रोजमर्रा के काम और आपसी संपर्क के कारण उनके बीच परिचय था।
लेकिन 30 हजार रुपये के लेनदेन को लेकर पैदा हुआ विवाद कथित तौर पर इतना बढ़ गया कि एक व्यक्ति की जान चली गई। इस घटना ने औद्योगिक शहरों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों के बीच आपसी विवादों और आर्थिक लेनदेन को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत पर भी ध्यान खींचा है।
फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस हत्या की वजह, घटनास्थल और सबूत मिटाने की कथित कोशिश से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पुलिस जांच में अब किन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं?
इस सनसनीखेज मामले में पुलिस के सामने कई अहम सवाल हैं। सबसे पहले यह स्पष्ट करना जरूरी है कि हत्या किस तारीख और किस स्थान पर हुई। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि वारदात में किस हथियार का इस्तेमाल हुआ और आरोपी ने शव को कब्रिस्तान तथा सिर को रेलवे पुल के पास पहुंचाने के लिए किन रास्तों का इस्तेमाल किया।
फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारण तथा समय के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। पुलिस यह भी जांच रही है कि वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।

