लखनऊ बड़ा मंगल: अचानक भंडारे में पूड़ी-सब्जी बांटने पहुंचे डिप्टी सीएम, तो अखिलेश यादव ने किया कुछ ऐसा कि थम गईं सबकी नजरें!

लखनऊ। नवाबों के शहर लखनऊ की आबो-हवा आज पूरी तरह से मारुति नंदन के जयकारों से सराबोर हो गई है। ज्येष्ठ महीने के तीसरे बड़े मंगल के अवसर पर राजधानी लखनऊ में आस्था, सेवा और सियासत का एक ऐसा अनूठा संगम देखने को मिला, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कड़कड़ाती धूप और रिकॉर्ड तोड़ती भीषण गर्मी भी भक्तों के उत्साह को डिगा नहीं सकी। सुबह के चार बजते ही शहर के तमाम छोटे-बड़े हनुमान मंदिरों के कपाट खुलते ही भक्तों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलने लगीं।

मंदिरों में एयर-कंडीशनर और फव्वारे: गर्मी से निपटने के खास इंतजाम

मई महीने की इस झुलसा देने वाली गर्मी को देखते हुए लखनऊ के प्रसिद्ध हनुमान सेतु मंदिर और अलीगंज के प्राचीन हनुमान मंदिर के बाहर प्रशासन और मंदिर समितियों द्वारा विशेष इंतजाम किए गए हैं। भक्तों को लू और डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए पूरे रास्ते में टेंट (शामियाने) लगाए गए हैं। इतना ही नहीं, कतारों में खड़े श्रद्धालुओं को राहत देने के लिए हाई-टेक कूलर और पानी की बौछार करने वाले बड़े-बड़े फव्वारे वाले पंखे (Mist Fans) चालू किए गए हैं। नगर निगम की ओर से लगातार पानी के टैंकरों की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी मोड़ पर श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।

लखनऊ बड़ा मंगल: अचानक भंडारे में पूड़ी-सब्जी बांटने पहुंचे डिप्टी सीएम, तो अखिलेश यादव ने किया कुछ ऐसा कि थम गईं सबकी नजरें!
लखनऊ बड़ा मंगल: अचानक भंडारे में पूड़ी-सब्जी बांटने पहुंचे डिप्टी सीएम, तो अखिलेश यादव ने किया कुछ ऐसा कि थम गईं सबकी नजरें!

सियासत के धुरंधर पहुंचे जनता के बीच: ब्रजेश पाठक और अखिलेश यादव की तस्वीरें वायरल

इस बार का बड़ा मंगल इसलिए भी खास रहा क्योंकि उत्तर प्रदेश की राजनीति के दो बड़े चेहरे जनता के बीच बिल्कुल आम आदमी की तरह सेवा करते नजर आए।

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक अचानक लखनऊ की सड़कों पर लगे एक भंडारे में पहुंचे। उन्होंने वहां पहुंचकर न सिर्फ खुद प्रसाद ग्रहण किया, बल्कि अपने हाथों से आम जनता को पूड़ी-सब्जी और बूंदी बांटी। डिप्टी सीएम को अपने बीच पाकर लोग उत्साहित दिखे। इस मौके पर ब्रजेश पाठक ने कहा,

“बजरंगबली का आशीर्वाद उत्तर प्रदेश के हर नागरिक पर बना रहे। सभी के घरों में सुख-समृद्धि और खुशियां आएं, यही कामना है।”

दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हजरतगंज में आयोजित एक भव्य भंडारे में शामिल हुए। अखिलेश यादव ने वहां स्थापित बजरंगबली की प्रतिमा पर फूलों की माला पहनाई और बेहद श्रद्धा भाव से उनकी कपूर की आरती उतारी। इसके बाद सपा प्रमुख ने खुद स्टॉल पर खड़े होकर राहगीरों और भक्तों को पूड़ी-सब्जी व बूंदी का प्रसाद वितरित किया। लखनऊ के मेयर सुषमा खर्कवाल ने भी विभिन्न भंडारों का दौरा किया और खुद प्रसाद व आइसक्रीम खाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

1000 से ज्यादा भंडारे, चप्पे-चप्पे पर ट्रैफिक पुलिस का कड़ा पहरा

लखनऊ नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक, आज के दिन शहर में 1000 से ज्यादा छोटे-बड़े भंडारों का आयोजन किया जा रहा है। इसमें से करीब 330 से अधिक आयोजकों ने नगर निगम में बाकायदा रजिस्ट्रेशन कराया है। शहर के अलीगंज प्राचीन मंदिर, पुराने हनुमान मंदिर, हनुमान सेतु, गोमती तट स्थित हनुमंतधाम, गुलाचीन मंदिर, लेटे हुए हनुमान मंदिर और दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ा हुआ है।

भीड़ को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने हजरतगंज, अलीगंज और यूनिवर्सिटी रोड (हनुमान सेतु के पास) कई प्रमुख रूट डायवर्जन लागू किए हैं, ताकि आम जनता को जाम की स्थिति से न जूझना पड़े। नगर निगम की सफाई टीमें हर भंडारे के बाद तुरंत कूड़ा उठाने के लिए मुस्तैद दिखाई दीं।

कॉलोनियों में सुंदरकांड का पाठ और सेवा भाव

शहर के वीआईपी इलाकों से लेकर स्थानीय सोसाइटियों तक में आज भक्ति का माहौल है। पीजीआई के वृंदावन योजना सेक्टर-17 स्थित नीलगिरी अपार्टमेंट के सामने उतरठिया व्यापार मंडल के अध्यक्ष ललित सक्सेना और उनके साथियों द्वारा विशाल भंडारा चलाया गया। वहीं, वृंदावन योजना सेक्टर-10 पुलिस चौकी के पास ‘आदि शक्ति परिवार’ की ओर से आयोजित भंडारे में सुबह से सुंदरकांड का पाठ चल रहा है, जिससे पूरा माहौल आध्यात्मिक हो गया है। यहां छोला-चावल और ठंडी छाछ का वितरण किया जा रहा है, जो इस गर्मी में राहगीरों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

लखनऊ का बड़ा मंगल केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह इस शहर की ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ और आपसी भाईचारे का सबसे बड़ा प्रतीक है, जहां अमीर-गरीब, नेता-जनता सब एक ही कतार में खड़े होकर प्रसाद ग्रहण करते हैं। 2026 का यह तीसरा बड़ा मंगल व्यवस्था, सेवा और श्रद्धा के मामले में अद्भुत मिसाल पेश कर रहा है।

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