दरभंगा: बिहार में छात्र आंदोलन का दायरा लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। कटिहार के बाद अब दरभंगा में केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर हुआ प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। गुरुवार को लहेरियासराय थाना क्षेत्र के लोहिया चौक और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में जुटे छात्रों और पुलिस के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि पथराव, लाठीचार्ज और आंसू गैस तक की नौबत आ गई।
घटना के दौरान पुलिस पर हुए पथराव में नगर एसपी अशोक कुमार घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार उनके पैर में चोट लगी, जिससे खून बहने लगा। एक पुलिसकर्मी के घायल होने की भी सूचना है। इसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पहले लाठीचार्ज किया और जब भीड़ पीछे नहीं हटी तो दंगा नियंत्रण प्रक्रिया के तहत सात राउंड आंसू गैस के गोले छोड़े गए।
कैसे बिगड़े हालात?
प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब दो हजार से अधिक छात्र बिना पूर्व अनुमति के कर्पूरी चौक पर एकत्र हुए। वहां से जुलूस निकालते हुए वे समाहरणालय रोड की ओर बढ़े और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे सहित शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन करने लगे।
शुरुआत में प्रदर्शन शांतिपूर्ण बताया जा रहा था, लेकिन कुछ समय बाद हालात अचानक बदल गए। पुलिस के मुताबिक भीड़ के एक हिस्से ने सुरक्षाकर्मियों पर पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा।
पुलिस का दावा—असामाजिक तत्वों की भूमिका की जांच
प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार प्रदर्शनकारी भीड़ में कुछ ऐसे लोग भी शामिल हो सकते हैं जिन्होंने जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। हालांकि यह पहलू अभी जांच के दायरे में है और इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
पुलिस ने कहा है कि घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों और वायरल वीडियो की मदद से पथराव करने वालों की पहचान की जा रही है। दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी कौशल कुमार और एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। शहर के कई थानों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया और दंगा नियंत्रण दल को भी तैनात किया गया।
करीब दो घंटे तक पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनज़र संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
छात्रों की मांग क्या है?
प्रदर्शन में शामिल छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, परीक्षा प्रणाली में सुधार, कथित पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग कर रहे थे। हाल के दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रों के प्रदर्शन देखने को मिले हैं, जिनमें शिक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर व्यापक नाराज़गी जताई जा रही है।
हालांकि दरभंगा में प्रदर्शन के दौरान हिंसा होने के बाद प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने को प्राथमिकता देते हुए कार्रवाई की।
इलाके में सुरक्षा कड़ी
घटना के बाद लहेरियासराय और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन एहतियात के तौर पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था जारी रहेगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हिंसा कैसे शुरू हुई और इसमें किन लोगों की भूमिका थी। प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दरभंगा में छात्रों के प्रदर्शन का हिंसक रूप लेना प्रशासन और आंदोलनकारियों दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है। एक ओर छात्र अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हिंसा और पथराव जैसी घटनाओं ने पूरे आंदोलन को नई चुनौती के सामने खड़ा कर दिया है। फिलहाल पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण का दावा किया है और पूरे मामले की जांच जारी है।

