लखनऊ। राजधानी लखनऊ से सोमवार को एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। UPSC परीक्षा देने वाले 26 वर्षीय युवक प्रखर आनंद पालद ने कथित तौर पर गोमती नदी में छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। करीब साढ़े पांच घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद उसका शव नदी से बरामद किया गया।
मृतक प्रखर आनंद आलमबाग इलाके का रहने वाला था। उसकी मां सुष्मलता राजकीय हुसैनाबाद इंटर कॉलेज में वॉइस प्रिंसिपल के पद पर तैनात हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
“पेपर खराब हो गया था…” मां ने सुनाई आखिरी बातचीत
घटना के बाद घाट पर पहुंचीं मां सुष्मलता का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्होंने बताया कि रविवार को प्रखर UPSC का पेपर देने गया था। परीक्षा से लौटने के बाद वह काफी परेशान नजर आ रहा था।
मां के अनुसार प्रखर ने कहा था—
“मम्मी, मेरा पेपर खराब हो गया।”
इस पर उन्होंने बेटे को समझाया कि कोई बात नहीं, अगली परीक्षा पर ध्यान देना चाहिए। लेकिन शायद प्रखर अंदर ही अंदर टूट चुका था।
मां ने बताया कि इसके बाद बेटे से उनकी ज्यादा बात नहीं हुई। सोमवार सुबह अचानक यह दर्दनाक खबर मिली कि उसने गोमती नदी में छलांग लगा दी।
ट्रॉमा सेंटर के पास मिली स्कूटी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह ट्रॉमा सेंटर मोर्चरी के पास एक स्कूटी खड़ी मिली थी। कुछ देर बाद लोगों ने करीब 200 मीटर दूर एक युवक को नदी में छलांग लगाते देखा।
घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। चौक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की टीम को बुलाकर सर्च ऑपरेशन शुरू कराया।
बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर प्रखर ने छलांग लगाई, उसके ठीक सामने उसकी मां का कॉलेज— हुसैनाबाद इंटर कॉलेज— स्थित है।
साढ़े पांच घंटे चला सर्च ऑपरेशन
पुलिस और गोताखोरों की टीम ने लगातार कई घंटों तक नदी में तलाश अभियान चलाया। आखिरकार करीब साढ़े पांच घंटे बाद पुल से लगभग 100 मीटर दूर युवक का शव बरामद किया गया।
शव मिलने के बाद उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

स्कूटी की डिक्की में मिले कपड़े
घटनास्थल से मिली स्कूटी प्रखर की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार स्कूटी की डिक्की में उसके कपड़े रखे हुए थे और हेल्मेट भी वहीं लगा मिला।
इन परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पिता की पहले ही हो चुकी थी मौत
जानकारी के मुताबिक प्रखर के पिता विष्णु गोपाल पाल का कुछ साल पहले निधन हो चुका था। परिवार में मां और बेटा ही थे। बेटे की मौत के बाद मां पूरी तरह टूट गई हैं।
घाट पर मौजूद लोगों ने बताया कि मां बार-बार बेटे को याद कर रो रही थीं। वहां मौजूद कई लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
UPSC का दबाव और युवाओं की मानसिक स्थिति
यह घटना एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव और युवाओं की मानसिक स्थिति पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि UPSC जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों पर मानसिक दबाव बहुत अधिक होता है।
अक्सर छात्र असफलता या खराब प्रदर्शन को जिंदगी का अंत मान बैठते हैं, जबकि परिवार और समाज को ऐसे समय में भावनात्मक सहारा देने की जरूरत होती है।
मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि परीक्षा में असफलता जीवन की असफलता नहीं होती। ऐसे मामलों में समय पर काउंसलिंग और मानसिक सहयोग बेहद जरूरी है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने जताया दुख
घटना की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया। कई यूजर्स ने लिखा कि प्रतियोगी परीक्षाओं का बढ़ता दबाव युवाओं को मानसिक रूप से तोड़ रहा है।
लोगों ने छात्रों और अभिभावकों से मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लेने की अपील भी की।