टीवी: और सोशल मीडिया की चर्चित पर्सनैलिटी उर्फी जावेद एक बार फिर अपने बेबाक बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने टीवी इंडस्ट्री की उस सच्चाई को सामने रखा है, जिसके बारे में अक्सर कलाकार खुलकर बात नहीं करते। उर्फी ने कहा कि अगर कोई कलाकार टीवी शो में लीड रोल में नहीं है, तो उसे वह सम्मान नहीं मिलता जिसका वह हकदार होता है।
हाल ही में सोहा अली खान के पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान उर्फी जावेद ने अपने संघर्षों, इंडस्ट्री में झेली गई परेशानियों और निजी जिंदगी के दर्दनाक अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि टीवी इंडस्ट्री में सपोर्टिंग एक्टर्स के साथ कई बार ऐसा व्यवहार किया जाता है, जिससे उनका आत्मविश्वास तक टूट जाता है।
“लीड एक्टर नहीं तो आपकी कोई वैल्यू नहीं”
उर्फी ने बातचीत में कहा कि टीवी इंडस्ट्री में लीड कलाकारों और सपोर्टिंग एक्टर्स के बीच बहुत बड़ा फर्क किया जाता है। उन्होंने कहा,
“अगर आप लीड एक्टर नहीं हैं, तो आपको वह सम्मान नहीं मिलता। आपके साथ अलग व्यवहार किया जाता है। कई बार पेमेंट भी बहुत कम होती है।”
उर्फी ने बताया कि शुरुआती दौर में उन्हें छोटे-छोटे रोल मिले, लेकिन उन किरदारों में काम करने के बावजूद उन्हें कभी वह पहचान या सम्मान नहीं मिला जिसकी उन्हें उम्मीद थी।
घर छोड़कर भागी थीं उर्फी
अपने कठिन अतीत को याद करते हुए उर्फी भावुक भी नजर आईं। उन्होंने खुलासा किया कि वह अपने पिता के हिंसक व्यवहार से परेशान होकर घर छोड़कर भाग गई थीं।
उन्होंने बताया कि उस समय उनके पास ना पैसे थे और ना कोई सपोर्ट सिस्टम। दिल्ली में रहने के दौरान उन्होंने कॉल सेंटर में नौकरी की और बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपना खर्च चलाया।
उर्फी ने कहा,
“मेरे पास कुछ भी नहीं था, लेकिन मुझे हमेशा लगता था कि मैं जिंदगी में कुछ बड़ा जरूर करूंगी।”
संघर्ष के दिनों में भी नहीं टूटा आत्मविश्वास
उर्फी जावेद ने बताया कि संघर्ष भरे दौर में भी उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उन्हें विश्वास था कि एक दिन वह मुंबई में अपनी पहचान बनाएंगी।
मुंबई आने के बाद उन्होंने कई ऑडिशन दिए और छोटे रोल्स से शुरुआत की। हालांकि, इंडस्ट्री में टिके रहना आसान नहीं था। कई बार उन्हें रिजेक्शन का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि टीवी इंडस्ट्री में काम करते हुए उन्हें महसूस हुआ कि सिर्फ लीड एक्टर्स को ही ज्यादा महत्व दिया जाता है, जबकि सपोर्टिंग कलाकारों की मेहनत को नजरअंदाज कर दिया जाता है।
सोशल मीडिया ने बदल दी जिंदगी
उर्फी ने माना कि सोशल मीडिया ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी। टीवी इंडस्ट्री में लंबे समय तक संघर्ष करने के बाद उन्हें सोशल मीडिया के जरिए असली पहचान मिली।
आज उर्फी अपने अलग फैशन स्टाइल और बेबाक अंदाज के लिए जानी जाती हैं। इंस्टाग्राम पर उनकी बड़ी फैन फॉलोइंग है और वह अक्सर अपने अनोखे आउटफिट्स को लेकर चर्चा में रहती हैं।
हालांकि ट्रोलिंग को लेकर भी उन्होंने खुलकर बात की। उर्फी ने कहा कि लोग उन्हें जज करते हैं, लेकिन अब उन्होंने दूसरों की बातों की परवाह करना छोड़ दिया है।
इंडस्ट्री की सच्चाई पर खुलकर बोलीं
उर्फी जावेद का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई लोग उनके साहस की तारीफ कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग टीवी इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अक्सर कलाकारों को मानसिक दबाव, असमान व्यवहार और आर्थिक संघर्षों से गुजरना पड़ता है। उर्फी का बयान इसी कड़वी सच्चाई को उजागर करता है।
फैंस ने किया सपोर्ट
पॉडकास्ट क्लिप सामने आने के बाद फैंस ने उर्फी को सपोर्ट करना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि उन्होंने इंडस्ट्री की असली तस्वीर सामने रखी है।
कई यूजर्स ने लिखा कि सपोर्टिंग कलाकार भी किसी शो की सफलता में बराबर का योगदान देते हैं और उन्हें भी सम्मान मिलना चाहिए।