नई दिल्ली/हरिद्वार। भगवान शिव के पावन माह सावन के साथ ही आज कांवड़ यात्रा 2026 का भी विधिवत शुभारंभ हो गया। लाखों शिवभक्त गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार, ऋषिकेश, गंगोत्री और अन्य तीर्थस्थलों की ओर रवाना हो चुके हैं। इस बार प्रशासन को करीब 5.5 करोड़ कांवड़ यात्रियों के हरिद्वार पहुंचने का अनुमान है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए उत्तराखंड और दिल्ली प्रशासन ने सुरक्षा, ट्रैफिक और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए हैं।
यात्रा 11 अगस्त तक चलेगी। इस दौरान हरिद्वार से लेकर दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक कांवड़ मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक डायवर्जन और भारी वाहनों पर प्रतिबंध लागू किया है।
छह हजार सुरक्षाकर्मी और हाईटेक निगरानी
हरिद्वार प्रशासन ने इस वर्ष सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया है। पूरे मेला क्षेत्र में करीब 6,000 पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी तैनात रहेंगी।
श्रद्धालुओं की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पूरे मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन सर्विलांस और आधुनिक निगरानी प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। हर प्रमुख प्रवेश द्वार, घाट और कांवड़ मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई है ताकि भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया जा सके।
18 सुपर जोन और 141 सेक्टर में बंटा मेला क्षेत्र
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बताया कि कांवड़ मेले को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए पूरे क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर में मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी और अन्य प्रशासनिक कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
इसके अलावा कंट्रोल रूम से 24 घंटे सुरक्षा, सफाई, पेयजल, बिजली, चिकित्सा और ट्रैफिक व्यवस्था की निगरानी की जाएगी।

दिल्ली पुलिस की ट्रैफिक एडवाइजरी जारी
कांवड़ यात्रा को देखते हुए दिल्ली यातायात पुलिस ने भी विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। विशेष रूप से यमुनापार क्षेत्र, जो उत्तर प्रदेश की सीमा से जुड़ा है, वहां यात्रा का प्रभाव अधिक रहेगा।
पुलिस ने कांवड़ मार्गों पर अगले 15 दिनों तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और यात्रा से पहले ट्रैफिक अपडेट देखने की सलाह दी गई है।
कब तक रहेगा भारी वाहनों पर प्रतिबंध?
हरिद्वार प्रशासन के अनुसार—
- 30 जुलाई से 4 अगस्त तक हरिद्वार-दिल्ली, हरिद्वार-नजीबाबाद और हरिद्वार-रुड़की हाईवे पर भारी वाहनों का संचालन केवल रात में होगा।
- 5 अगस्त से 11 अगस्त तक इन मार्गों पर भारी वाहनों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर भी कांवड़ वाहनों को छोड़कर अन्य भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित रहेगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य कांवड़ यात्रियों की सुरक्षित और सुगम आवाजाही सुनिश्चित करना है।
कांवड़ की ऊंचाई के लिए भी नियम तय
प्रशासन ने इस वर्ष कांवड़ की ऊंचाई को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
- पैदल कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई – 6 फीट
- झांकी या सजावटी कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई – 10 फीट
इन नियमों का पालन न करने वालों पर कार्रवाई की जा सकती है।
पार्किंग और सुविधाओं की विशेष व्यवस्था
हरिद्वार में लगभग 70 हजार वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। विभिन्न स्थानों पर अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए गए हैं ताकि शहर में जाम की स्थिति न बने।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए—
- पेयजल केंद्र
- चिकित्सा शिविर
- मोबाइल शौचालय
- विश्राम स्थल
- हेल्प डेस्क
- आपातकालीन सेवाएं
भी उपलब्ध कराई गई हैं।
QR Code से मिलेगी मदद
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि इस बार कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए QR Code आधारित सूचना प्रणाली भी शुरू की गई है। श्रद्धालु QR Code स्कैन कर मार्ग, चिकित्सा सुविधा, पार्किंग, पुलिस सहायता और अन्य जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
पिछले साल से ज्यादा श्रद्धालुओं की उम्मीद
प्रशासन के अनुसार, वर्ष 2025 में लगभग 4.52 करोड़ कांवड़ यात्री हरिद्वार पहुंचे थे। इस बार यह संख्या बढ़कर करीब 5.5 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इसी कारण सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत किया गया है।
श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का पालन करें, अफवाहों पर ध्यान न दें, सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में पुलिस अथवा कंट्रोल रूम से तुरंत संपर्क करें।
साथ ही आम नागरिकों से भी अनुरोध किया गया है कि यात्रा अवधि के दौरान वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
सावन माह के साथ शुरू हुई कांवड़ यात्रा 2026 को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। छह हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, ड्रोन और सीसीटीवी निगरानी, ट्रैफिक डायवर्जन और व्यापक व्यवस्थाओं के बीच इस बार करोड़ों शिवभक्तों के सुरक्षित और सुचारु दर्शन की तैयारी की गई है। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जाएगी।

