काठमांडू/राजबिराज: नेपाल के दक्षिणी तराई क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। सुनसरी जिले से शुरू हुई हिंसा अब पड़ोसी जिलों सप्तरी, धनुषा और सिराहा तक फैल गई है। हालात को देखते हुए नेपाल प्रशासन ने कई इलाकों में कर्फ्यू और निषेधाज्ञा लागू कर दी है। शुक्रवार को भारत से सटे सप्तरी जिले के कुछ हिस्सों में भी अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया गया, जबकि भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
नेपाल सरकार ने नागरिकों से शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल और प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने हिंसा की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
सप्तरी में क्यों लगाया गया कर्फ्यू?
सुनसरी हिंसा के विरोध में विभिन्न समूहों द्वारा प्रदर्शन किए जाने के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सप्तरी जिले के राजबिराज नगरपालिका के कुछ हिस्सों में शुक्रवार सुबह 8 बजे से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया।
जिला प्रशासन का कहना है कि कर्फ्यू का उद्देश्य किसी भी नई हिंसक घटना को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
चार जिलों में सुरक्षा अलर्ट
सप्तरी में कर्फ्यू लागू होने के बाद अब नेपाल के सुनसरी, धनुषा, सिराहा और सप्तरी जिलों के कई हिस्सों में कर्फ्यू या कड़े प्रतिबंध लागू हैं।
इन सभी जिलों में अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई है। प्रशासन लगातार संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है ताकि स्थिति और न बिगड़े।
कैसे शुरू हुई हिंसा?
रविवार को सुनसरी जिले में दो अलग-अलग धार्मिक समुदायों के जुलूस और धार्मिक आयोजनों के दौरान विवाद शुरू हुआ।
बताया गया कि दोनों पक्षों के बीच लाउडस्पीकर के उपयोग और धार्मिक झंडे लगाने को लेकर पहले कहासुनी हुई, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गई।
हालात बेकाबू होने पर पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गोली चलानी पड़ी, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस घटना में कई सुरक्षाकर्मी और नागरिक घायल हुए।

बढ़ता गया हिंसा का दायरा
सुनसरी की घटना के बाद तनाव धीरे-धीरे अन्य जिलों तक फैल गया।
गुरुवार को सिराहा जिले में हुई झड़पों में एक किशोर की मौत हो गई। वहीं, सुनसरी हिंसा में घायल एक अन्य व्यक्ति ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अब तक इस पूरे घटनाक्रम में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं।
सीमा पर पहचान पत्र अनिवार्य
तनावपूर्ण हालात को देखते हुए नेपाल प्रशासन ने भारत से आने-जाने वाले लोगों के लिए भी नई व्यवस्था लागू की है।
सीमावर्ती सर्लाही जिले की जिला सुरक्षा समिति ने भारत से नेपाल में प्रवेश करने वाले सभी लोगों के लिए वैध पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य कर दिया है।
प्रशासन का कहना है कि इससे सीमा पर निगरानी मजबूत होगी और असामाजिक तत्वों की आवाजाही पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की अपील
नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने देशवासियों से शांति, संयम और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों से अफवाहों से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने का आग्रह किया।
वहीं, प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि सरकार हिंसा की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंसा के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
प्रशासन लगातार कर रहा निगरानी
नेपाल सरकार का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियां संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त कर रही हैं। प्रशासन सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर भी नजर रख रहा है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
विशेष रूप से भारत-नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक सख्त कर दी गई है।

