गुजरात की पेपर मिल में लगी आग ने मचाया हड़कंप! धुएं के गुबार से दहला मोरबी, दमकल की कई गाड़ियां मौके पर

गुजरात: के औद्योगिक जिले मोरबी में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक पेपर मिल में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में पूरी फैक्ट्री धुएं और आग की लपटों से घिर गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और अग्निशमन विभाग हरकत में आया तथा आग पर नियंत्रण पाने के लिए कई दमकल गाड़ियों को मौके पर रवाना किया गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद फैक्ट्री परिसर से उठता काला धुआं कई किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था। आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और कई मजदूरों व कर्मचारियों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।

दमकल विभाग ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन

आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, आग को पास स्थित अन्य औद्योगिक इकाइयों तक फैलने से रोकना सबसे बड़ी चुनौती थी। इसी कारण अतिरिक्त दमकल वाहनों को भी बुलाया गया।

फायर अधिकारियों ने बताया कि आग की तीव्रता अधिक होने के कारण उसे पूरी तरह नियंत्रित करने में कई घंटे लग सकते हैं। टीम लगातार पानी और फोम का इस्तेमाल कर आग बुझाने में जुटी हुई है।

अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं

राहत की बात यह है कि शुरुआती रिपोर्टों में किसी के घायल होने या जान गंवाने की सूचना नहीं मिली है। हालांकि प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के क्षेत्रों को सुरक्षित कर दिया है।

अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही आग पूरी तरह नियंत्रित हो जाएगी, नुकसान का आकलन शुरू किया जाएगा। फिलहाल फैक्ट्री के अंदर मौजूद मशीनरी, कच्चा माल और अन्य संसाधनों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

आग लगने के कारणों की जांच शुरू

घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आग लगी कैसे? फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। विशेषज्ञों की टीम को जांच के लिए लगाया गया है।

प्राथमिक अनुमान के अनुसार, शॉर्ट सर्किट, मशीनरी में तकनीकी खराबी या ज्वलनशील सामग्री की वजह से आग भड़क सकती है। हालांकि अधिकारियों ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा।

औद्योगिक सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

मोरबी गुजरात का एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र माना जाता है, जहां सिरेमिक, पेपर, टाइल्स और अन्य निर्माण इकाइयों की बड़ी संख्या मौजूद है। पिछले कुछ वर्षों में यहां कई बार औद्योगिक इकाइयों में आग लगने और हादसों की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

ऐसे में एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि फैक्ट्रियों में नियमित सुरक्षा ऑडिट, फायर सेफ्टी सिस्टम और आपातकालीन प्रशिक्षण को और मजबूत करने की जरूरत है।

स्थानीय लोगों में चिंता

घटना के बाद आसपास के लोगों में भी चिंता का माहौल है। कई स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों की सख्ती से निगरानी की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार हो रही ऐसी घटनाएं कर्मचारियों और आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं।

प्रशासन की नजर स्थिति पर

जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद हैं। आग पर नियंत्रण पाने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

फिलहाल दमकल कर्मियों का प्रयास है कि जल्द से जल्द आग को पूरी तरह बुझाया जाए और औद्योगिक क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल की जा सके।

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