नई दिल्ली: में सोमवार सुबह आग लगने की एक घटना ने सोशल मीडिया और कई डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अफवाहों का बाजार गर्म कर दिया। शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के कार्यालय में आग लग गई है। यह खबर तेजी से वायरल हुई और लोगों के बीच चिंता का विषय बन गई। हालांकि कुछ ही घंटों बाद शिक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर पूरे मामले की सच्चाई सामने रख दी।
शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि उसके किसी भी कार्यालय में आग नहीं लगी है। मंत्रालय ने कहा कि जिस घटना को शिक्षा मंत्रालय से जोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है, वह वास्तव में आईटीओ स्थित स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) के परिसर में हुई थी।
क्या है पूरा मामला?
सोमवार सुबह केंद्रीय दिल्ली के इंद्रप्रस्थ एस्टेट स्थित स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) भवन में आग लगने की सूचना मिली। शुरुआती सूचनाओं में स्थान को लेकर भ्रम पैदा हो गया और कई जगह यह खबर प्रसारित होने लगी कि शिक्षा मंत्रालय के कार्यालय में आग लगी है।
इस खबर के वायरल होते ही शिक्षा मंत्रालय ने तत्काल स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि उसका मुख्य कार्यालय कर्तव्य भवन-2, डॉ. राजेंद्र प्रसाद रोड, नई दिल्ली में स्थित है, जबकि आग की घटना विकास मार्ग, आईटीओ स्थित SPA परिसर में हुई है।
मंत्रालय ने कहा कि जनता तक सही जानकारी पहुंचाने और अफवाहों पर रोक लगाने के उद्देश्य से यह स्पष्टीकरण जारी किया गया है।
शिक्षा मंत्रालय ने क्या कहा?
मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान में कहा गया:
“कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में गलत तरीके से यह बताया गया कि शिक्षा मंत्रालय के कार्यालय में आग लगी है। स्पष्ट किया जाता है कि आग की घटना स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) परिसर में हुई है, न कि शिक्षा मंत्रालय के कार्यालय में।”
मंत्रालय ने यह भी बताया कि आग ज्यादा गंभीर नहीं थी और समय रहते उस पर काबू पा लिया गया। किसी भी व्यक्ति के घायल होने या किसी प्रकार के बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

कैसे लगी आग?
दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार सुबह करीब 9:37 बजे आग लगने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही फायर विभाग ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और आठ दमकल गाड़ियों को मौके पर रवाना किया गया।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि आग SPA भवन की दूसरी मंजिल पर स्थित प्रशासनिक ब्लॉक के फैकल्टी रूम में लगी थी। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
स्थानीय कर्मचारियों के अनुसार सबसे पहले मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS) कर्मचारी सौरभ शर्मा ने प्रशासनिक ब्लॉक से धुआं उठते देखा। उन्होंने तुरंत पुलिस और फायर विभाग को सूचना दी।
मौके पर चला रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और एंबुलेंस सेवाएं मौके पर पहुंच गईं। राहत एवं बचाव कार्य के लिए:
- 8 फायर टेंडर
- 3 एंबुलेंस
- 2 PCR वाहन
- ट्रैफिक पुलिस
- स्थानीय पुलिस बल
को तैनात किया गया।
दमकल कर्मियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग को फैलने से रोका और कुछ ही समय में स्थिति को पूरी तरह नियंत्रित कर लिया।
कोई जनहानि नहीं
अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस घटना में किसी के घायल होने या जान-माल के बड़े नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
फायर विभाग और पुलिस ने भवन का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया कि आग पूरी तरह बुझ चुकी है और किसी अन्य हिस्से में खतरा नहीं है।
अफवाहों से बचने की अपील
घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की भ्रामक खबरें वायरल होने लगीं। शिक्षा मंत्रालय ने लोगों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें और अपुष्ट जानकारी साझा करने से बचें।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी आपदा या दुर्घटना के समय गलत सूचना तेजी से फैलती है, जिससे अनावश्यक घबराहट पैदा होती है। ऐसे मामलों में सरकारी एजेंसियों की पुष्टि का इंतजार करना जरूरी है।
दिल्ली में सोमवार सुबह आग लगने की घटना जरूर हुई, लेकिन यह शिक्षा मंत्रालय के कार्यालय में नहीं बल्कि आईटीओ स्थित स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) भवन में हुई थी। शिक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर इस भ्रम को दूर कर दिया है। राहत की बात यह है कि आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच जारी है।