बरेली: एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति और विकास योजनाओं के केंद्र में आने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। हालांकि अभी तक उनके दौरे की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री 20 जून के आसपास बरेली पहुंच सकते हैं। इस दौरे के दौरान वह करीब 4 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे।
सरकारी सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री के हाथों 3,530.75 करोड़ रुपये की लागत वाली 1,013 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास कराया जाएगा, जबकि 534.49 करोड़ रुपये की लागत से पूरी हुई 75 परियोजनाओं का लोकार्पण भी होगा। यह कार्यक्रम बरेली के विकास इतिहास के सबसे बड़े आयोजनों में से एक माना जा रहा है।
रामायण वाटिका बनेगी मुख्य आकर्षण
मुख्यमंत्री के दौरे का सबसे खास हिस्सा रामायण वाटिका का उद्घाटन होगा। बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) द्वारा रामगंगा नगर में विकसित की गई यह भव्य वाटिका लगभग 33 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में फैली हुई है। इस परियोजना पर करीब 46 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
रामायण वाटिका को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन दृष्टि से विकसित किया गया है। यहां भगवान राम के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां लेजर शो का उद्घाटन करेंगे और पूरे परिसर का भ्रमण भी करेंगे।
स्थानीय प्रशासन का मानना है कि यह वाटिका भविष्य में बरेली का प्रमुख पर्यटन केंद्र बन सकती है।
बरेली कॉलेज में होगी विशाल जनसभा
जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री पहले मुरादाबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे और उसके बाद बरेली पहुंचेंगे। यहां सर्किट हाउस में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ मंडलीय समीक्षा बैठक करने के बाद वह बरेली कॉलेज मैदान में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे।
इस जनसभा में हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है। भाजपा संगठन और जिला प्रशासन कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां कर रहे हैं।
विकास परियोजनाओं की लंबी सूची
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में जिन प्रमुख परियोजनाओं को शामिल किया गया है उनमें सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, आईटी, ग्रामीण विकास और पेयजल योजनाएं प्रमुख हैं।
सीबीगंज में निर्माणाधीन आईटी पार्क को भी विशेष महत्व दिया जा रहा है। यह परियोजना बरेली को आईटी सेक्टर में नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इसके अलावा मीरगंज के सिधौली में बन रहे आईटीआई परिसर और विधि विज्ञान प्रयोगशाला का भी निरीक्षण किया गया है।
19.5 किलोमीटर लंबे मीरगंज-सहोड़ा वाया सिहोर मार्ग को भी विकास योजनाओं में शामिल किया गया है, जिससे क्षेत्रीय संपर्क और यातायात सुविधाओं में सुधार होगा।

प्रमुख सचिव ने परखी तैयारियां
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे से पहले प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग तथा जिले के नोडल अधिकारी सौरभ बाबू ने सोमवार को बरेली पहुंचकर तैयारियों की समीक्षा की।
कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों से विकास कार्यों की प्रगति रिपोर्ट ली। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं का 90 प्रतिशत से अधिक कार्य पूरा हो चुका है, उन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि जनता को उसका लाभ मिल सके।
इसके साथ ही छात्रवृत्ति, वृद्धावस्था पेंशन, दिव्यांग पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन और आवास योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
शहर को सजाने-संवारने का काम तेज
मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए नगर निगम और विकास प्राधिकरण ने शहर में सौंदर्यीकरण अभियान शुरू कर दिया है। रामगंगा नगर क्षेत्र में ट्री गार्ड्स को भगवा रंग से रंगा जा रहा है। वहीं पीलीभीत बाइपास सहित कई प्रमुख मार्गों पर सड़क मरम्मत का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
नगर निगम की टीमें गड्ढा मुक्त अभियान चला रही हैं ताकि मुख्यमंत्री के दौरे से पहले शहर की तस्वीर पूरी तरह बदली हुई नजर आए।
विकास और राजनीति दोनों पर नजर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल विकास परियोजनाओं तक सीमित नहीं है। आगामी राजनीतिक समीकरणों और जनता के बीच सरकार की विकासवादी छवि को मजबूत करने के लिहाज से भी यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चार हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं बरेली और आसपास के जिलों के लिए रोजगार, निवेश और बुनियादी ढांचे के नए अवसर लेकर आ सकती हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रस्तावित बरेली दौरा विकास और सांस्कृतिक विरासत दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। जहां एक ओर 4 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं क्षेत्र के विकास को नई गति देंगी, वहीं रामायण वाटिका का उद्घाटन बरेली को धार्मिक और पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने का काम करेगा। अब सभी की निगाहें मुख्यमंत्री के आधिकारिक कार्यक्रम और इस ऐतिहासिक दौरे पर टिकी हैं।