आगरा में मौत के बाद 3 घंटे तक बवाल! युवक की जान गई, फिर पुलिस पर बरसे पत्थर; 11 जवान घायल, थार बनी गुस्से का निशाना

उत्तर प्रदेश: के आगरा जिले के फतेहाबाद क्षेत्र में सोमवार को एक सड़क हादसे ने ऐसा रूप ले लिया कि पूरा इलाका रणक्षेत्र में बदल गया। पूठपुरा गांव के पास तेज रफ्तार थार कार की टक्कर से 22 वर्षीय युवक मनीष की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया और पुलिस पर जमकर पथराव शुरू हो गया। इस दौरान एक इंस्पेक्टर समेत 11 पुलिसकर्मी घायल हो गए।

घटना ने न केवल कानून-व्यवस्था को चुनौती दी बल्कि कई घंटों तक फतेहाबाद-फिरोजाबाद मार्ग को पूरी तरह ठप कर दिया। पुलिस को हालात नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा।

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?

जानकारी के मुताबिक, पूठपुरा गांव के पास एक तेज रफ्तार थार कार ने बाइक सवार मनीष को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही उसकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, थार कार ने अन्य वाहनों को भी अपनी चपेट में लिया।

मनीष की मौत की खबर मिलते ही ग्रामीणों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया और आरोपी चालक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे।

मंत्री भी नहीं मना सके प्रदर्शनकारी

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। मत्स्य मंत्री ने भी ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।

ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस ने चालक को मौके से फरार होने दिया है। हालांकि अधिकारियों ने बताया कि संबंधित थार वाहन को पास के पेट्रोल पंप पर खड़ा कर दिया गया है और उसे सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।

वीडियो कॉल पर दिखाई गई थार, फिर भड़क उठी भीड़

जब पुलिस ने वीडियो कॉल के माध्यम से लोगों को थार वाहन दिखाया, तब बड़ी संख्या में ग्रामीण पेट्रोल पंप की ओर दौड़ पड़े। वहां पहुंचते ही उन्होंने थार कार पर हमला कर दिया और जमकर तोड़फोड़ शुरू कर दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोग वाहन में आग लगाने की कोशिश भी कर रहे थे। हालांकि पुलिस ने स्थिति को बिगड़ने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया।

अचानक शुरू हुआ पथराव, पुलिस को भागकर बचानी पड़ी जान

स्थिति तब नियंत्रण से बाहर हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी बिना पर्याप्त दंगा नियंत्रण उपकरणों के थे, जिसके कारण उन्हें बचने के लिए इधर-उधर भागना पड़ा।

पथराव में फतेहाबाद इंस्पेक्टर की सरकारी गाड़ी का शीशा टूट गया। एक इंस्पेक्टर, पांच दरोगा समेत कुल 11 पुलिसकर्मी घायल हो गए। दरोगा धीरेंद्र की वर्दी तक फट गई।

करीब 15 मिनट बाद अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया।

पांच महीने पहले हुई थी मनीष की शादी

मृतक मनीष आगरा के दयालबाग क्षेत्र का निवासी था। वह कपड़े की दुकान पर नौकरी करता था। फरवरी 2026 में उसकी शादी फिरोजाबाद के गढ़ी तिवारी गांव में हुई थी।

परिजनों के अनुसार, वह अपने रिश्तेदार के यहां लगन-टीका कार्यक्रम में शामिल होने आया था। शादी के महज पांच महीने बाद उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उसकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है।

साढ़े तीन घंटे तक ठप रहा यातायात

हंगामे और जाम के चलते फतेहाबाद-फिरोजाबाद मार्ग करीब साढ़े तीन घंटे तक पूरी तरह बाधित रहा। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने उजावली गांव और भोलपुरा रोड के जरिए वाहनों को डायवर्ट किया। इसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो सका।

पुलिस ने शुरू की कार्रवाई

घटना के बाद कई थानों की पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है। पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

प्रशासन का कहना है कि हादसे के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, वहीं हिंसा और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों की भी पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आगरा के फतेहाबाद में एक सड़क हादसे ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। युवक की मौत के बाद उपजा गुस्सा पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया। यह घटना बताती है कि संवेदनशील मामलों में त्वरित संवाद और प्रभावी भीड़ प्रबंधन कितना जरूरी है। फिलहाल इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात है और हालात पर नजर रखी जा रही है।

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