गुरुग्राम में बड़ा खुलासा! 800 संदिग्धों की जांच के बाद 13 बांग्लादेशी गिरफ्तार, पुलिस ने बताया किस रास्ते घुसे भारत में

गुरुग्राम में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ पुलिस का बड़ा अभियान

हरियाणा: के गुरुग्राम में राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चलाए जा रहे विशेष सत्यापन अभियान के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। गुरुग्राम पुलिस ने 800 से अधिक संदिग्ध व्यक्तियों के दस्तावेजों की जांच की, जिसमें 13 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान हुई। पुलिस के अनुसार ये सभी लोग अवैध रूप से भारत में प्रवेश कर गुरुग्राम में मजदूरी कर रहे थे।

इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं। पुलिस अब कानूनी प्रक्रिया पूरी कर इन सभी विदेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजने यानी डिपोर्ट करने की तैयारी कर रही है।

झुग्गियों और निर्माण स्थलों पर चला सघन अभियान

गुरुग्राम पुलिस की अपराध शाखा सेक्टर-39 की टीम ने शहर के विभिन्न हिस्सों में स्थित निर्माणाधीन इमारतों, श्रमिक बस्तियों और झुग्गी-झोपड़ियों में व्यापक जांच अभियान चलाया।

अभियान के दौरान पुलिस ने लोगों के पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र और नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। कई घंटों तक चली इस कार्रवाई में 800 से अधिक लोगों के दस्तावेज सत्यापित किए गए।

इसी दौरान 13 ऐसे व्यक्तियों की पहचान हुई जिनके पास भारतीय नागरिकता के वैध दस्तावेज नहीं थे। पूछताछ और दस्तावेजी जांच में उनके बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि हुई।

पूछताछ में सामने आया अवैध प्रवेश का तरीका

पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में गिरफ्तार लोगों ने स्वीकार किया कि वे बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे।

जांच में सामने आया कि ये लोग पश्चिम बंगाल स्थित कालियागंज बॉर्डर के रास्ते भारत में दाखिल हुए थे। इसके लिए उन्होंने कथित रूप से बांग्लादेशी एजेंटों की मदद ली थी।

भारत में प्रवेश के बाद वे अलग-अलग राज्यों से होते हुए गुरुग्राम पहुंचे और यहां मजदूरी तथा निर्माण कार्यों में लग गए। कई लोग लंबे समय से फर्जी पहचान के सहारे रह रहे थे।

राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला

विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध घुसपैठ केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा मुद्दा है।

इसी कारण केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा समय-समय पर विदेशी नागरिकों के सत्यापन अभियान चलाए जाते हैं। पुलिस का कहना है कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

पुलिस ने दी स्पष्ट चेतावनी

पुलिस उपायुक्त (अपराध) हितेश यादव ने कहा कि यह अभियान पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत चलाया जा रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वैध दस्तावेजों के साथ रह रहे भारतीय नागरिकों और विदेशी नागरिकों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। अभियान का उद्देश्य केवल अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान करना है।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान नहीं किया जाएगा, लेकिन फर्जी दस्तावेजों के सहारे रहने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

अफवाह फैलाने वालों पर भी होगी कार्रवाई

पुलिस ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर झूठी या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों को भी चेतावनी दी है।

डीसीपी ने कहा कि अभियान को लेकर किसी भी प्रकार की मनगढ़ंत अफवाह फैलाना कानूनन अपराध है और ऐसे लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

नागरिकों से सहयोग की अपील

गुरुग्राम पुलिस ने आम नागरिकों से भी सहयोग मांगा है। लोगों से कहा गया है कि यदि उन्हें किसी संदिग्ध विदेशी नागरिक की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

साथ ही मकान मालिकों, होटल संचालकों, उद्योगपतियों और घरेलू सहायकों को नियुक्त करने वाले लोगों से अपने कर्मचारियों और किराएदारों का पुलिस सत्यापन कराने की अपील की गई है।

पुलिस का कहना है कि समय पर सत्यापन कराने से अपराध और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह विशेष अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा। झुग्गी बस्तियों, किराए के मकानों, कॉलोनियों, औद्योगिक क्षेत्रों और होटलों में नियमित रूप से दस्तावेज सत्यापन किया जाएगा।

सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि गुरुग्राम में कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से निवास न कर सके और राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

गुरुग्राम पुलिस की कार्रवाई ने एक बार फिर अवैध घुसपैठ के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। 800 से अधिक संदिग्धों की जांच के बाद 13 बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को दर्शाती है। पुलिस का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

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