मथुरा में परिक्रमा मार्ग बना रणक्षेत्र! आधे घंटे तक चली ताबड़तोड़ फायरिंग, श्रद्धालुओं में भगदड़; कई घायल

मथुरा। धार्मिक नगरी मथुरा गुरुवार को अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी। हाईवे क्षेत्र के महोली गांव में 84 कोस परिक्रमा के दौरान भंडारा और सेवा शिविर लगाने को लेकर दो पक्षों के बीच ऐसा विवाद भड़का कि पूरा इलाका रणक्षेत्र में बदल गया। करीब आधे घंटे तक चली ताबड़तोड़ फायरिंग और ईंट-पत्थरबाजी से श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए लोग इधर-उधर भागते नजर आए।

घटना में कई लोगों को गोली लगी है, जबकि आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। इनमें दो की हालत गंभीर बनी हुई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें खुलेआम हथियार लहराते और फायरिंग करते लोग दिखाई दे रहे हैं।

पुरानी रंजिश ने लिया खूनी रूप

जानकारी के मुताबिक, महोली गांव में गुड्डी प्रधान और चंद्रपाल पक्ष के बीच करीब छह महीने पहले भी विवाद हुआ था। उस समय गांव के लोगों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत करा दिया था, लेकिन दोनों पक्षों के बीच तनाव खत्म नहीं हुआ।

बताया जा रहा है कि बुधवार को दोनों पक्षों के बीच फिर कहासुनी हुई थी। इसके बाद गुरुवार को अधिक मास परिक्रमा के दौरान विवाद अचानक हिंसक हो गया।

भंडारा लगाने को लेकर शुरू हुआ झगड़ा

गुरुवार को चंद्रपाल पक्ष ने परिक्रमार्थियों के लिए प्याऊ और सेवा शिविर लगाया हुआ था। इसी दौरान गुड्डी प्रधान पक्ष के लोग भी वहां केला और अन्य सामग्री वितरण करने पहुंच गए। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई।

देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों तरफ से ईंट-पत्थर चलने लगे। कुछ ही मिनटों में अवैध हथियार निकल आए और खुलेआम फायरिंग शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक करीब 30 मिनट तक गोलियां चलती रहीं, जिससे पूरे गांव में दहशत फैल गई।

श्रद्धालुओं में मची भगदड़

घटना के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु 84 कोस परिक्रमा में शामिल थे। अचानक गोलीबारी शुरू होने से लोग घबरा गए और जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

महिलाएं और बच्चे चीखते हुए सुरक्षित जगहों की ओर दौड़ते नजर आए। स्थानीय लोगों ने दुकानों और घरों के दरवाजे बंद कर लिए। इलाके में कुछ देर के लिए पूरी तरह अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

कई लोगों को लगी गोली

फायरिंग में चंद्रपाल पक्ष के रवि के पैर में गोली लगी, जबकि संजू के सीने में गोली लगने से उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं गुड्डी प्रधान पक्ष के हरिओम के सिर में और सावित्री के हाथ में गोली लगी है।

इसके अलावा दोनों पक्षों के कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं। गंभीर घायलों को तत्काल सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि अन्य घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है।

डॉक्टरों के मुताबिक संजू और हरिओम की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।

वायरल वीडियो ने बढ़ाई सनसनी

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कई लोग हाथों में हथियार लेकर खुलेआम फायरिंग करते दिखाई दे रहे हैं।

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं कि आखिर धार्मिक आयोजन के दौरान इतनी बड़ी संख्या में हथियार कैसे पहुंच गए।

भारी पुलिस बल मौके पर तैनात

घटना की सूचना मिलते ही एसपी सिटी राजीव कुमार, सीओ अनिल कपरवान और कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हालात को काबू में करने के लिए अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी है।

अधिकारियों ने बताया कि वायरल वीडियो और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

धार्मिक आयोजन में हिंसा से लोगों में आक्रोश

धार्मिक आयोजन के दौरान हुई इस हिंसा से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में काफी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि परिक्रमा जैसे पवित्र आयोजन में इस तरह की घटना बेहद शर्मनाक है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से इलाके में अवैध हथियारों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

मथुरा के महोली गांव में 84 कोस परिक्रमा के दौरान हुआ यह खूनी संघर्ष प्रशासन और कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। धार्मिक माहौल में आधे घंटे तक खुलेआम फायरिंग होना बेहद चिंताजनक है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।

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