Nautapa Alert: अगले 9 दिन बन सकते हैं जानलेवा! लू, डिहाइड्रेशन और हार्ट अटैक का बढ़ा खतरा

नई दिल्ली। देशभर में पड़ रही भीषण गर्मी अब और विकराल रूप लेने जा रही है। 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो चुकी है, जो 2 जून तक जारी रहेगा। मौसम विशेषज्ञों और स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान तापमान कई इलाकों में 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच सकता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी लोगों की सेहत पर भारी पड़ सकती है।

नौतपा को हिंदू पंचांग में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इन नौ दिनों में सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं, जिससे गर्मी अपने चरम पर पहुंच जाती है। जहां एक ओर यह मौसम खेती के लिए फायदेमंद माना जाता है, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।

क्यों खतरनाक माना जाता है नौतपा?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक नौतपा के दौरान शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है। अत्यधिक गर्मी के कारण शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, चक्कर आना, कमजोरी और लू लगने जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ जाती हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि सबसे ज्यादा खतरा बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और हार्ट-डायबिटीज के मरीजों को रहता है। शरीर यदि समय पर तापमान नियंत्रित नहीं कर पाता तो हीट स्ट्रोक की स्थिति जानलेवा भी हो सकती है।

हर साल बढ़ती हैं मौतें

विशेषज्ञों के अनुसार भारत में हर साल अत्यधिक गर्मी और लू के कारण हजारों लोगों की मौत हो जाती है। गर्म हवाओं और तेज तापमान का असर सीधे शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर पड़ता है।

तेज गर्मी के कारण—

  • दिल की धड़कन तेज हो सकती है
  • हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है
  • किडनी पर असर पड़ सकता है
  • ब्लड प्रेशर अनियंत्रित हो सकता है
  • शरीर में पानी और नमक की कमी हो सकती है

डॉक्टरों के मुताबिक यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो नौतपा गंभीर स्वास्थ्य संकट बन सकता है।

नौतपा में क्या करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नौतपा के दौरान कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। इन उपायों को अपनाकर लू और हीट स्ट्रोक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

1. खूब पानी पिएं

दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है। प्यास न लगे तब भी थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें। इससे शरीर हाइड्रेट रहता है।

2. इलेक्ट्रोलाइट्स लें

नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और ओआरएस का सेवन करें। ये शरीर में जरूरी मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखते हैं।

3. हल्का और ठंडा भोजन करें

तरबूज, खीरा, खरबूजा, दही और मौसमी फलों का सेवन शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है। ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना खाने से बचें।

4. धूप से बचें

दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो छाता, टोपी या गमछे का इस्तेमाल करें।

5. हल्के रंग के कपड़े पहनें

ढीले और सूती कपड़े पहनना बेहतर माना जाता है। इससे शरीर को ठंडक मिलती है और पसीना जल्दी सूखता है।

नौतपा में क्या नहीं करें?

डॉक्टरों के अनुसार कुछ गलतियां गर्मी में स्थिति को और खराब कर सकती हैं।

  • खाली पेट धूप में बाहर न निकलें
  • ज्यादा चाय, कॉफी और शराब से बचें
  • लंबे समय तक धूप में खड़े न रहें
  • बच्चों को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ें
  • बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करने से बचें

लू लगने के लक्षण पहचानें

यदि किसी व्यक्ति में नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए—

  • तेज बुखार
  • सिरदर्द
  • चक्कर आना
  • उल्टी
  • अत्यधिक कमजोरी
  • बेहोशी
  • सांस लेने में दिक्कत

विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर इलाज न मिलने पर हीट स्ट्रोक जानलेवा हो सकता है।

खेती और जनजीवन पर असर

नौतपा का असर सिर्फ स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता। कई इलाकों में बिजली की खपत बढ़ने से कटौती भी बढ़ सकती है। वहीं किसान भी तेज गर्मी से परेशान रहते हैं।

हालांकि कृषि विशेषज्ञ मानते हैं कि नौतपा के कारण खेतों में मौजूद कई हानिकारक कीड़े-मकोड़े नष्ट हो जाते हैं, जिससे फसलों को फायदा मिलता है।

नौतपा के ये नौ दिन सेहत के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं। बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सही खानपान, पर्याप्त पानी और धूप से बचाव ही इस मौसम में सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है। थोड़ी सी सावधानी आपको गंभीर बीमारी से बचा सकती है।

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