नीट-यूजी: पेपर लीक मामले के बाद केंद्र सरकार अब किसी भी तरह की चूक दोहराने के मूड में नहीं दिख रही है। 21 जून 2026 को होने वाली NEET-UG री-टेस्ट परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार युद्धस्तर पर तैयारियों में जुट गई है। इस बार परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था इतनी सख्त करने की योजना बनाई जा रही है कि पेपर लीक जैसी किसी भी संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार परीक्षा प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) की मदद लेने पर गंभीरता से विचार कर रही है। वहीं प्रधानमंत्री Narendra Modi खुद इस पूरी प्रक्रिया की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
पेपर लीक के बाद सरकार पर बढ़ा दबाव
NEET-UG पेपर लीक मामले ने देशभर में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। लाखों छात्रों और अभिभावकों ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर सख्त टिप्पणियां की गईं।
अब सरकार चाहती है कि 21 जून को होने वाली री-टेस्ट परीक्षा बिना किसी विवाद के सफलतापूर्वक आयोजित हो ताकि छात्रों का भरोसा फिर से बहाल किया जा सके।
राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई हाई लेवल मीटिंग
बीते गुरुवार को रक्षा मंत्री Rajnath Singh की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan, संचार मंत्री Jyotiraditya Scindia, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के महानिदेशक अभिषेक सिंह और शिक्षा मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
इस बैठक में परीक्षा प्रक्रिया के हर चरण की विस्तार से समीक्षा की गई। इसमें प्रश्नपत्र तैयार करने वाले शिक्षकों की सुरक्षा, पेपर प्रिंटिंग, पैकेजिंग, ट्रांसपोर्टेशन और परीक्षा केंद्रों की निगरानी जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई।
सरकार का साफ संदेश है कि इस बार किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

क्या एयरफोर्स पहुंचाएगी NEET के पेपर?
सूत्रों के अनुसार, बैठक में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात पर हुई कि प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्रों तक पूरी तरह सुरक्षित तरीके से पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के विमानों का इस्तेमाल किया जाए।
माना जा रहा है कि एयरफोर्स की मदद से पेपर ट्रांसपोर्टेशन में सुरक्षा का स्तर कई गुना बढ़ जाएगा और किसी भी तरह की छेड़छाड़ या लीक की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी।
हालांकि इस प्रस्ताव पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि इस योजना को अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखा जाएगा।
पीएम मोदी खुद रख रहे हैं नजर
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व्यक्तिगत रूप से NEET री-टेस्ट की तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं।
सरकार के उच्च स्तर पर लगातार समीक्षा बैठकों का दौर चल रहा है और परीक्षा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाई जा रही है।
सरकार का मुख्य फोकस यह सुनिश्चित करना है कि करीब 23 लाख छात्रों की यह परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो।
सुप्रीम कोर्ट में भी आज अहम सुनवाई
इसी बीच NEET पेपर लीक मामले को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है। अदालत पहले ही परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने और स्थायी सुधार लागू करने की बात कह चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा था कि केवल कागजी सुधार काफी नहीं हैं, बल्कि असली जिम्मेदारों की पहचान और सख्त कार्रवाई जरूरी है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार अदालत के सामने परीक्षा सुरक्षा को लेकर क्या नया रोडमैप पेश करती है।
NTA की साख बचाने की बड़ी चुनौती
पेपर लीक विवाद के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल उठे हैं।
ऐसे में 21 जून की परीक्षा केवल छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि NTA और सरकार दोनों के लिए प्रतिष्ठा की परीक्षा बन चुकी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परीक्षा सफलतापूर्वक और पारदर्शी तरीके से आयोजित हो जाती है, तो छात्रों का भरोसा दोबारा मजबूत हो सकता है।
NEET-UG री-टेस्ट 2026 को लेकर केंद्र सरकार इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। एयरफोर्स की संभावित मदद, हाई लेवल निगरानी और पीएम मोदी की सीधी मॉनिटरिंग इस बात का संकेत है कि सरकार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है। अब देशभर के लाखों छात्रों की नजर 21 जून की परीक्षा और सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हुई है।