पालघर में दर्दनाक हादसा: सगाई में जा रहे 100 लोगों से भरे ट्रक की कंटेनर से टक्कर, 12 की मौत
महाराष्ट्र: के पालघर जिले से सोमवार को दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया। मुंबई-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर एक ट्रक और कंटेनर की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि ट्रक में सवार 12 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 20 से 25 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों और घायलों में महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि सभी लोग एक सगाई समारोह में शामिल होने जा रहे थे। खुशियों से भरी यात्रा कुछ ही सेकेंड में चीख-पुकार और मातम में बदल गई।
सगाई समारोह में जा रहे थे 100 से ज्यादा लोग
जानकारी के मुताबिक, डहाणू तहसील के बापूगांव इलाके से करीब 100 से ज्यादा लोग एक ट्रक में सवार होकर सगाई कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। ट्रक में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग मौजूद थे।
जब ट्रक पालघर जिले के धानीवरी गांव के पास पहुंचा, तभी सामने से आ रहे तेज रफ्तार कंटेनर से उसकी सीधी टक्कर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहन सड़क पर पलट गए।
हादसे के बाद ट्रक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई लोग उसके नीचे दब गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया।
चीख-पुकार से गूंज उठा हाईवे
हादसे के तुरंत बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। ट्रक में फंसे लोग मदद के लिए चीखते रहे। स्थानीय ग्रामीण और हाईवे पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया।
घायलों को ट्रक से बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई लोग गंभीर रूप से घायल थे, जिन्हें तुरंत कासा उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ घायलों की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे के बाद सड़क पर शव और घायल बिखरे पड़े थे। यह दृश्य इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोग भी सहम गए।

हादसे के बाद हाईवे पर लगा लंबा जाम
भीषण टक्कर के कारण मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। दुर्घटनाग्रस्त ट्रक और कंटेनर सड़क पर पलट गए थे, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।
पुलिस और प्रशासन ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाया और कई घंटों बाद ट्रैफिक बहाल कराया।
शुरुआती जांच में सामने आई ये वजह
पुलिस की शुरुआती जांच में हादसे की बड़ी वजह ट्रक का ओवरलोड होना, तेज रफ्तार और ड्राइवर की लापरवाही बताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, ट्रक में उसकी क्षमता से कहीं ज्यादा लोग सवार थे। ऐसे में तेज रफ्तार के दौरान वाहन का संतुलन बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि ट्रक चालक ने सुरक्षा नियमों का पालन किया था या नहीं।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने जताया दुख
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी और हादसे की विस्तृत जांच कराई जाएगी।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर देश में सड़क सुरक्षा और ओवरलोड वाहनों के मुद्दे को सामने ला दिया है। अक्सर ग्रामीण इलाकों में लोग ट्रक और मालवाहक वाहनों में सफर करते नजर आते हैं, जो बड़े हादसों की वजह बनता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाईवे पर तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी लगातार जानलेवा साबित हो रही है। यदि समय रहते सख्ती नहीं की गई, तो ऐसे हादसे भविष्य में भी दोहराए जा सकते हैं।
पालघर हाईवे हादसे ने कई परिवारों की खुशियां पलभर में छीन लीं। सगाई समारोह में शामिल होने निकले लोग कभी वापस घर नहीं लौट सके। शुरुआती जांच में ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार को हादसे की वजह माना जा रहा है। यह दुर्घटना सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की गंभीर जरूरत को फिर उजागर करती है।